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Bihar Unlock: 35 दिन बाद अनलॉक हुआ बिहार, राज्य में उठाए गए 5 कारगर कदम जानें

Bihar Unlock : बिहार में 5 मई, 16 मई, 26 मई व 2 से लेकर 8 जून तक के लिए भी अलग-अलग दिशा-निर्देश जारी कर के कोरोना वायरस पर काबू पान के लिए सख्ती बढ़ाई गई। वहीं नीतीश सरकार ने आज से बिहार में कुछ शर्तों के साथ अनलॉक को लागू कर दिया है।

Bihar Unlock Nitish Kumar government was successful in controlling Corona in Bihar by these five steps Bihar corona news
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प्रतीकात्मक तस्वीर

कोरोना वायरस (corona virus) से लड़ाई लड़ रहा बिहार (Bihar) करीब 35 दिन के बाद अनलॉक (Unlock) हो गया व आंशिक रूप से बिहार में लॉकडाउन (Lockdown) हटाया गया है। बीते 5 मई को कोरोना (Corona) पर काबू पाने के लिए बिहार में लॉकडाउन लगाया गया था। जिस वक्त बिहार में लॉकडाउन लगाया गया था। उस वक्त बिहार में रोजाना कोरोना के करीब 15 हजार मामले आ रहे थे। लेकिन अब बिहार में रोजाना एक हजार से भी कम कोरोना के केस (corona cases) सामने आ रहे हैं। कोरोना संक्रमण (corona infection) की तेज रफ्तार को रोकने में सरकार ने चौतरफा प्रयास से सफलता हासिल की है। एक ओर बिहार में लॉकडाउन को प्रभावी बनाने के लिए लगातार समीक्षा की जाती रही हैं। वहीं बिहार में कोरोना टेस्टिंग और वैक्सीनेशन की प्रक्रिया को गति देने के लिए भी लगातार प्रयास किये गये है। इसलिए हम आपको बता रहे हैं कि नीतीश सरकार 35 दिन के लॉकडाउन से बिहार में कैसे कोरोना संक्रमण पर काबू पाने में कामयाब रही।

राज्य में सरकार ने चार बार बढ़ाया लॉकडाउन

बिहार में कोरोना वायरस रोकने में लॉकडाउन ज्यादा प्रभावशाली रहा है। इसको आंकड़ों के आधार पर समझा जा सकता है। सरकार की ओर से बिहार में लॉकडाउन का पहला चरण 5 से 15 मई तक लगाया गया था। इस काल में राज्य मे कोरोना संक्रमण के 1,07,774 मामले सामने आए। बिहार में लॉकडाउन का दूसरा चरण 16 से 25 मई तक रहा था। इस काल में बिहार में कोरोना वायरस के 50,711 मामले सामने आए। बिहार में तीसरा चरण का लॉकडाउन 26 मई से 1 जून तक लगाया गया था। इस दौरान प्रदेश में कोरोना वायरस के 12,209 मामले सामने आए। वहीं बिहार में चौथा चरण का लॉकडाउन 2 जून से 8 जून तक जारी रहा था। इस दौरान प्रदेश में 5,648 नए कोरोना मामले सामने आए। बिहार में लॉकडाउन की वजह से 5 मई से 8 जून के अंतराल में कोरोना संक्रमण की रफ्तार पर काफी हद तक ब्रेक लग गया।

सरकार की ओर से लगातार की गई लॉकडाउन की समीक्षा

बिहार की नीतीश सरकार ने लॉकडाउन के हर चरण में जरूरतनुसार संशोधन किये। 5 मई, 16 मई, 26 मई और 2 से लेकर 8 जून तक के लिए भी अलग-अलग दिशा-निर्देष जारी कर के कोरोना वायरस की रफ्तार को कम करने के लिए सख्ती बढ़ाई गई। इसलिए बिहार सरकार के गृह विभाग ने 13 मई को आदेश जारी कर राज्य में दुकानों को खोलने की समय सीमा में बदलाव कर के कई रोक लगाईं। देखा जाए तो बिहार सरकार ने कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए पिछले कुछ महीनों में 12 बार बड़े एवं कड़े फैसले लिए। कोरोना को लेकर सरकार की ओर से फैसले अभी भी लगातार लिए जा रहे हैं। जिससे कोरोना वायरस पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण किया जा सके।

प्रदेश में कोरोना टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने पर दिया गया जोर

बिहार सरकार का यह प्रयास रहा कि कोरोना जांच की रफ्तार बढ़ाई जाए, जिससे कोरोना पॉजिटव लोगों का पता चल सके। साथ ही उनको आइसोलेट कर कोरोना वायरस को फैलने से रोका जाए। अस्पतालों से लेकर सार्वजनिक स्थलों पर कोरोना जांच की व्यवस्था की गई। बिहार में दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों की जांच रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे और बस स्टैंड पर करने के लिए प्रभावी कदम उठाये गये। इसके अतिरिक्त ग्रामीण इलाकों में कोरोना वायरस की आरटीपीसीआर जांच के लिए मोबाइल वैन को भी रवाना किया गया। ऐसे वैन के द्वारा एक दिन में 1000 लोगों की कोरोना जांच की जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 3 करोड़ 7 लाख 76 हजार 332 जांच की गई है। वहीं अब बिहार में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या घट कर 7897 रह गई है।

कोरोना टीकाकरण को बढ़ावा

सरकार ने बिहार में कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर भी सरकार ने टीका एक्सप्रेस की शुरुआत की। पूरे राज्य में टीका एक्सप्रेस ग्रामीण और शहरी इलाकों में लगातार घूम रही है। जिससे लोगों को उनके घर पर ही कोरोना वैक्सीन दी जा रहा है। कोरोना वैक्सीन लेने वालों का पूरा ब्योरा रखा जा रहा है। जिससे उन लोगों को कोरोना की दूसरी डोज भी समय पर दिया जा सके। स्वयं सीएम नीतीश कुमार ने टीका एक्सप्रेस को रवाना करने के मौके पर कहा था कि 'टीका एक्सप्रेस से लोगों को टीकाकरण में सहूलियत होगी। सरकार का उद्देश्य है कि बिहार में ज्यादा से ज्यादा लोगों का कोरोना का टीका लगवाएं। पटना में अब तो दो केंद्रों में 24 घंटे कोरोना वैक्सीनेशन की व्यवस्था की गई है। पटना में पाटलिपुत्रा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और पाटलिपुत्रा अशोका होटल में यह सुविधा उपलब्ध है।

तकनीक का इस्तेमाल

बिहार में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस के दौर में सीएम नीतीश कुमार ने होम आइसोलेशन ट्रैकिंग (एचआईटी) कोविड एप को लांच किया। एचआईटी एप के माध्यम से यह पता लगाया जा सकता है कि कोरोना पॉजिटिव मरीजा जो होम आइसोलेशन में हैं। फिलहाल उसकी स्थिति कैसी है। वहां पर मरीज आइसोलेशन की गाइडलाइन का ढंग से पालन कर रहा है या नहीं। इस एप से भी कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिलती है।

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