Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

कमजोर-दलितों पर जुल्म ढा रहे ये लोग, पुलिस भी नहीं कर रही मदद, जानें भाजपा के किस दिग्गज ने लगाए आरोप

बिहार में सत्ताधारी पार्टियों के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जयसवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से खुद नीतीश कुमार सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

Bihar BJP State President Dr Sanjay Jaiswal raised questions on working style of police of Nitish government bihar crime news
X

 नीतीश कुमार

बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जयसवाल (Bihar BJP State President Dr. Sanjay Jaiswal) के सनसनीखेज आरोपों के बाद बिहार की नीतीश सरकार (Bihar Government) कटघरे में आ गई है। डॉ. संजय जयसवाल ने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट लिखकर ये आरोप बिहार सरकार के खिलाफ लगाए हैं।

बीते काफी दिनों से बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल नीतीश कुमार सरकार (Nitish kumar Government) के कामकाज को लेकर सवाल उठा रहे हैं। डॉ संजय जयसवाल ने एक बार फिर से बिहार सरकार के कामकाज को कठघरे में खड़ा कर दिया है। साथ ही उन्होंने विपक्ष की भाषा बोलते हुए नीतीश कुमार सरकार की पुलिस (Police) पर निर्दोष लोगों को जेल भेजने का आरोप लगा दिया है।

डॉ. संजय जायसवाल ने अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से बिहार की नीतीश सरकार के कार्यों पर सवाल (Question on the works of Nitish government) उठाते हुए लिखा है कि कल रामगढ़वा के धनगढ़वा गांव में सूचना मिली कि दलित समाज के लोगों के रास्ते को कुछ अल्पसंख्यक समाज के लोगों ने ईंट की दिवाल बनाकर बंद कर दिया है। इसको लेकर मेरी पलनवा थाना प्रभारी से बातचीत हुई और उनके साथ अंचलाधिकारी ने स्वयं स्थान पर जाकर दिक्कत का समाधान कर दिया।

डॉ. संजय जायसवाल ने लिखा कि पिछले कुछ दिनों में इस तरह की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। शुरुआत ढाका से हुई जहां सहनी फिर नोनिया और उसके बाद पासवान समाज के बरात को ना सिर्फ निकलने पर पीटा गया था। बल्कि जब वो बेचारे पुलिस के पास मदद मांगने गए तो दंगे के समय के सिद्धांत के तहत दोनों समाज के लोगों पर मुकदमा किया गया और गिरफ्तारी का आदेश कर पुलिस ने अपनी जिम्मेवारी से इतिश्री कर ली।

डॉ. संजय जायसवाल ने लिखा है कि इस तरह की छह से ज्यादा घटनाएं ढाका में देखी गई हैं और हर बार दोषी के बदले दोनों समाज के लोगों को ही जेल भेज दिया गया। रामगढ़वा में प्रशासन ने बहुत ही धैर्य से इस मुद्दे को सुलझाया। इसलिए उनका साधुवाद।

पूर्णिया, किशनगंज की घटना का भी किया जिक्र

डॉ. संजय जायसवाल ने विशेष तौर से बिहार नेपाल की सीमा से सटे दो प्रमुख जिलों का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि ये घटनाएं अचानक किशनगंज और पूर्णिया जिले में भी बढ़ गई हैं। वायसी में जो दलितों पर अत्याचार हुआ उस पर भी सरकार ने संज्ञान लेकर वहां के दलितों को इंसाफ दिलाया। प्रशासन को हर जगह चौकसी की जरूरत है। जनप्रतिनिधियों के द्वारा इस तरह की घटनाओं पर तुरंत संज्ञान लेकर निदान कर दिया जाता है तो भविष्य में स्थितियां हाथ से नहीं निकलती है। लेकिन जब जिला प्रशासन एक तरफ खड़ा होकर निर्दोष व्यक्ति को भी दंड देने लगता है तो समाज में बहुत गलत संदेश जाता है।

उन्होंने लिखा कि चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में जैसे दलितों पर अत्याचार हुआ है वैसा केवल 1947 के बाद पाकिस्तान के तत्कालीन दलित कानून मंत्री योगेंद्र नाथ मंडल के कहने पर जो दलित आज के बांग्लादेश में रह गए थे उन पर ही देखने को मिला था।




Next Story