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Assembly By-Election: राजद ने कांग्रेस को झटका देते हुए तारापुर समेत दोनों सीटों पर उतारे अपने उम्मीदवार, जानें नाम

बिहार में विधानसभा की दो सीटों पर होने जा रहे उपचुनावों को लेकर नामांकन का दौर जारी है। जहां महागठबंधन में से राजद ने कांग्रेस को झटका देने हुए दोनों सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इसमें से एक सीट कांग्रेस द्वारा मांगी जा रही थी।

Assembly by-elections jolt for congress RJD fielded its candidates in both seats Bihar Political News
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लालू यादव

बिहार (Bihar) के दरभंगा की कुशेश्वरस्थान (kusheshwarsthan) और मुंगेर की तारापुर (Tarapur) विधानसभा सीटों पर इसी महीने उपचुनाव (assembly by-election) होने जा रहे हैं। दोनों सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। एनडीए द्वारा दोनों सीटों पर पूर्व में ही प्रत्याशी घोषित कर दिए गए थे। वहीं आज महागठबंधन में शामिल लालू प्रसाद यादव की पार्टी राजद (RJD) ने कांग्रेस (Congress) को बड़ा झटका दे दिया है। राजद ने बिहार की दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। कांग्रेस इन दोनों में से एक सीट अपने लिए मांग रही थी।

बिहार राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने आज दोनों सीटों के लिए पार्टी प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया। कुशेश्वरस्थान से गणेश भारती और तारापुर से अरुण कुमार साह राजद की ओर से उम्मीदवार बनाया गया है। जगदानंद सिंह ने बताया कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की सहमति से दोनों प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। वहीं विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए 70 सीट छोड़ने वाले राष्ट्रीय जनता दल उप चुनाव में कुशेश्वरस्थान की एक सीट नहीं दिए जाने से दोनों पार्टियों के बीच तल्खी उभरने की आशंका है। आपको बतां दे बीते बिहार विधानसभा चुनाव में कुशेश्वरस्थान विस सीट कांग्रेस को दी गई थी। इस सीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक राम बहुत कम वोट से हार गए थे। इस बार भी अशोक राम यहां से चुनाव लड़ना चाहते थे।

राजद द्वारा नामों का ऐलान किए जाने के तुरंत बाद कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया आई। कांग्रेस प्रवक्ता आसित नाथ तिवारी का कहना है कि दोनों उम्मीदवार महागठबंधन के नहीं हैं। इसे महागठबंधन का उम्मीदवार नहीं कहा जा सकता है। राजद ने उम्मीदवार का ऐलान किया है। इस वजह से इन्हें राजद के उम्मीदवार कहा जाएगा। तिवारी ने कहा कि प्रत्याशियों के नाम के ऐलान के समय वहां पर ना तो वामपंथी पार्टी के नेता थे और ना ही वहां पर कोई कांग्रेस नेता मौजूद था। इस स्थिति में इसको महागठबंधन का ऐलान नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जल्द अपनी रणनीति स्पष्ट करेगी।

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