Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

कोरोना संकट के दौर में मानवता हो रही शर्मसार, कोरोना संक्रमित शव को ठेले पर लादकर श्मशान घाट पहुंचे परिजन

कोरोना संकट के बीच बिहार के गया जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां कोरोना मरीज की मौत के बाद उसके शव को ले जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिला। इसके बाद परिजन कोरोना संक्रमित शव को ठेले पर लादकर बाजितपुर घाट पहुंचे।

ambulance not found relatives arrived at cremation ground after loading corona infected Dead body on handcart in gaya
X

प्रतीकात्मक तस्वीर

कोरोना संकट (Corona crisis) के बीच बिहार (bihar) गया (Gaya) जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाली खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार गया जिले के अनुमंडलीय अस्पताल टिकारी में कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत (Death of corona positive patient) हो गई। जिसके बाद शव ले जाने के लिए परिजनों को कोई वाहन नहीं मिला। परिजनों ने करीब साढ़े तीन घंटे से ज्यादा समय तक वाहन का इंतजार किया। थक हारकर परिजन ठेले पर ही लादकर कोरोना पॉजिटिव शव (Corona positive corpse) को लेकर बाजितपुर श्मशान घाट पहुंचे।

मृतक के भतीजे अंकेश कुमार के अनुसार तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने अपने चाचा जी को गुरुवार की सुबह को टिकारी अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती करवाया। टिकारी अस्पताल में इलाज के दौरान चाचा जी की मौत हो गई। चाचा जी को एंटीजन किट से कोरोना जांच में पॉजिटिव पाया गया। उसके साथ रहे आठ परिजनों की जांच में एक व्यक्ति और कोरोना पॉजिटिव मिला है।

मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से शव को पीपीई किट में पैक कर दिया। इसके बाद अंकेश कुमार ने अपने चाचा के शव को लेकर जाने के लिए एंबुलेंस की मांग उठाई। जहां उसे बताया गया कि शव लेकर जाने के लिए दूसरा वाहन आता है। अंकेश कुमार ने शव के साथ करीब साढ़े तीन घंटों से ज्यादा समय तक अन्य वाहन का इंतजार किया, लेकिन उक्त वाहन नहीं पहुंचा। करीब साढ़े तीन घंटों तक धूप में ही अस्पताल के मैन गेट पर स्ट्रेचर पर संक्रमित शव पड़ा रहा।

इस दौरान अंकेश ने प्राइवेट वाहन और ठेला वालों से संपर्क किया। पर सभी ने कोरोना पॉजिटिव शव को ले जाने इंकार कर दिया। इसके बाद अंकेश किसी जानकार से ठेला मांग कर लाया। फिर उसने शव को ठेला पर लादा और बाजितपुर श्मशान घाट तक लेकर पहुंचा। इसके बाद भी उपेक्षाओं ने थमने का नाम नहीं लिया। शाम चार बजे शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी चल रही थी। लेकिन उस वक्त तक कोई भी सरकारी कर्मचारी वहां नहीं पहुंचा। अस्पताल मैनेजर अजीत कुमार ने कहा कि शव लेकर जाने के लिए शव वाहन होता है। वह प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराया जाता है। कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत की सूचना एसडीएम को दे दी गई थी।

मामले पर एसडीएम करिश्मा ने कहा कि दोपहर एक बजे मरीज के मौत की सूचना अनुमंडलीय अस्पताल प्रशासन ने दी थी। सूचना के तुरंत बाद जिला से बात कर शव वाहन मंगाया गया। लेकिन उस वक्त तक परिजन शव को लेकर जा चुके थे।

Next Story