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दुर्लभ बीमारी से पीड़ित अयांश के पिता सलाखों के पीछे पहुंचे, खबर पढ़कर जानें पूरा मामला

बिहार की राजधानी पटना निवासी मासूम बच्चा अयांश सिंह दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है। जिसको बचाने के लिए एक अभियान भी छिड़ा हुआ है। वहीं अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। क्योंकि अयांश के इलाज से पहले पिता सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं।

Alok Kumar Singh father of Ayansh Singh suffering from muscular atrophy lodged in Ranchi jail in fraud case bihar latest news
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पटना: अयांश के परिवार की पुरानी तस्वीर।

बिहार (Bihar) की राजधानी पटना (Patna) का रहना वाला 10 महीनों का बच्चा अयांश सिंह दुर्लभ मस्क्युलर अट्रोफी बीमारी से ग्रस्त (Ayansh Singh suffering from rare disease) है। मासूम अयांश का जीवन बचाए जाने के लिए चल रहे अभियान (Campaign to save Ayansh Singh) में अब एक नया मोड़ आ गया है। क्योंकि पिता आलोक कुमार सिंह (Father Alok Kumar Singh) अपने बेटे अयांश का इलाज होने से पहले धोखाधड़ी के एक पुराने केस में सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं।

जानकारी के मुताबिक आलोक सिंह के खिलाफ 10 वर्ष पूर्व एक जालसाजी के मामला दर्ज हुआ था। उसी मामले में आलोक कुमार सिंह ने रांची में सरेंडर किया और उसके बाद आलोक को जेल भेज दिया गया है। आलोक कुमार सिंह के खिलाफ गलत तरीके एवं झूठी सूचना देकर बच्चों का मर्चेंट नेवी के कॉलेज में प्रवेश कराने का आरोप है। वहीं दुर्लभ बीमारी से पीड़ित अयांश को बचाने के लिए 16 करोड़ रुपये के इंजेक्शन की जरूरत है। बीते कुछ दिनों पूर्व पिता ने इसी इंजेक्शन के लिए रुपये जुटाने का अभियान शुरू किया था। जिसका असर भी हुआ। इसी मुहिम के तहत उन्होंने करीब 6 करोड़ 85 लाख रुपये भी जुटा लिए। लेकिन आलोक कुमार सिंह सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं। इस स्थितियों में इंजेक्शन के लिए पैसा जुटाने के अभियान को झटका लग सकता है।

बताया जा रहा है कि आलोक कुमार सिंह पर रांची के पंडरा थाना में 2011 में जालसाजी का मुकदमा दर्ज हुआ था। करीब 10 वर्ष बाद यह केस सामने आया है और उसी वक्त आलोक कुमार सिंह अपने बेटा का जीवन बचाने के लिए बड़े स्तर पर एक मुहिम चला रहे थे। जानकारी के अनुसार जालसाजी के इस पुराने मामले में आलोक कुमार सिंह ने रांची अदालत पहुंचकर आत्मसमर्पण किया है। रांची कोर्ट ने आलोक को जेल भेज दिया है। वहीं राजधानी पटना में अपने घर में दुर्लभ बीमारी से ग्रस्त मासूम समेत दो बच्चों को लेकर पत्नी नेहा सिंह फिलहाल अकेली नजर आ रही हैं।

अयांश को इंजेक्शन नहीं लग जाने तक पिता नहीं दायर करेंगे बेल रिट

सलाखों के पीछे जाने से पूर्व पिता आलोक ने कहा था कि अयांश को इजेक्शन नहीं मिलने तक वह बेल रिट दायर नहीं करेंगे। कुछ लोगों द्वारा ऐसी बातें कही गई थीं कि आलोक पुत्र की बीमारी का बहाना बनाकर मोटी रकम बनाने के प्रयास में हैं। इसके बाद ये यहां से चलते बनेंगे। कइयों ने यह भी कहा कि आलोक पुत्र की बीमारी का झूठा बहाना बना रहे हैं। इसलिए वह जेल गए हैं। जिससे कि लोगों को भरोसा हो सके कि उनके द्वारा शुरू की गई मुहिम में सच्चाई है। दूसरी ओर पत्नी पत्नी नेहा का कहना है कि उन्हें अपने पति के रांची वाले मुकदमे की जानकारी कतई नहीं थी। पर जब यह केस सामने आया तो बीमार बेटे के इलाज के लिए जुटाए जा रहे धन का अभियान धीमा पड़ गया। यानि की अपने राज्य के अलावा देश-विदेश से आ रही पैसे की मदद भी काफी धीमी हो गई।

मां ने बेटे को बचाने के लिए की ये अपील

पत्नी नेहा ने बताया कि कई लोग अब उनके पति को लेकर कई तरह की आपत्तिजनक बातें भी कहने लगे हैं। ऐसे लोग मामले को बढ़ा-चढ़ाकर कई तरह की अफवाहें भी फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। अयांश की मां का कहना है कि बीमार बच्चे के इलाज के लिए पैसा जुटाने वाले अभियान पर भी इस गलत प्रचार का असर पड़ सकता है। वहीं बच्चे की मां नेहा सिंह ने लोगों से अपील की है कि आपकी पहली प्राथमिकता अयांश सिंह का जीवन बचाने की होनी चाहिए। इसलिए लोग पूर्व की तरह ही अयांश का जीवन बचाने के लिए आर्थिक मदद देना जारी रखें। मां ने कहा कि अयांश के लिए सरकारी मदद का भरोसा भी दिया गया है। लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कुछ मिला नहीं है।

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