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कोरोना संकट के बीच यह घातक बीमारी भी फैलने लगी, एसकेएमसीएच में इलाज के लिए भर्ती हुए कई बच्चे

कोरोना महामारी के बीच बिहार के मुजफ्फरपुर में एक और घातक बीमारी के दखल की पुष्टि हुई है। जो बिहार सरकार और स्वास्थ्य विभाग को चिंतित कर देने वाली खबर है।

AES disease confirmed in Muzaffarpur SKMCH amid Corona crisis Children suffering from acute encephalitis syndrome in bihar news in hindi
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प्रतीकात्मक तस्वीर

बिहार (Bihar) में कोरोना संक्रमण (Corona infection) तो जमकर कहर बरपा ही रहा है। दूसरी ओर बिहार के इस हिस्से में एक और घातक बीमारी ने दखल दे दी है। बढ़ती गर्मी के साथ ही बिहार में ये बीमारी फैलने लगती है। यानि कि एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम 'Acute encephalitis syndrome' (एईएस) के मरीज मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच (Muzaffarpur SKMCH) में पहुंचने लगे हैं। जानकारी के अनुसार मुजफ्फरपुर में सोमवार को एईएस (Aes) के तीन मरीज मिले। इनके अलावा एसकेएमसीएच में एक संदिग्ध मरीज भी भर्ती हुआ है। एईएस की पुष्टि जिन बच्चों में हुई है उसमें वैशाली निवासी खजूयाता निवासी तीन वर्षीया सोनाक्षी कुमारी, सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर निवासी रिया कुमारी और मोतिहारी के पताही निवासी तीन वर्षीय पियूष राज शामिल है।

एसकेएमसीएच में शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. गोपालशंकर सहनी (Head of Department of Pediatrics, Dr. Gopal Shankar Sahni) ने बताया कि बीमार बच्चों (Sick children) में सोडियम व ग्लूकोज की कमी पाई गई है। अस्पताल में भर्ती पताही के पियूष राज में हिट स्ट्रोक की शिकायत मिली है। अस्पताल में इस बच्चे की हालत चिंताजनक बनी हुई है। डॉ. गोपालशंकर सहनी ने बताया कि इस वर्ष अबतक एईएस से जुड़े 8 मामले आए हैं। अस्पताल में आठ मरीजों का इलाज हुआ है। इसमें छह बच्चों में एईएस की पुष्टी हुई, इसके अलावा दो बच्चों में अज्ञात एईएस मिला है। पीकू वार्ड में एईएस व संदिग्ध एईएस के बीमार पांच बच्चों का इलाज किया जा रहा है। एसकेएमसीएच अधीक्षक डॉ. बीएस झा (SKMCH Superintendent Dr. BS Jha) ने कहा कि सामने आए एईएस के मामलों की रिपोर्ट स्वास्थ्य मुख्यालय को भेज दी गई है।

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