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तनाव-दर्द दूर करके अच्छी नींद में कारगर होता है योग, वर्किंग वूमेन ऐसे उठाएं लाभ

काम-काजी महिलाओं को घर की भी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। ऐसे में समय की कमी की वजह से वे अपनी फिटनेस पर ध्यान नहीं दे पाती हैं। रोजाना कुछ देर योग का अभ्यास कर वे कई तरह की समस्याओं से बची रह सकती हैं।

तनाव-दर्द दूर करके अच्छी नींद में कारगर होता है योग, वर्किंग वूमेन ऐसे उठाएं लाभ

International Yoga Day

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून, 2018) के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम इस साल देहरादून में होगा। काम-काजी महिलाओं को घर की भी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। ऐसे में समय की कमी की वजह से वे अपनी फिटनेस पर ध्यान नहीं दे पाती हैं। रोजाना कुछ देर योग का अभ्यास कर वे कई तरह की समस्याओं से बची रह सकती हैं। जानिए, वर्किंग वूमेन के लिए योग कितना मददगार है।

इन दिनों वर्किंग वूमेन में कई तरह की फिजिकल प्रॉब्लम्स कम उम्र में ही देखने को मिल रही हैं। दरअसल, इसकी वजह है फिटनेस-हेल्थ पर ध्यान न देना। लेकिन वर्किंग वूमेन कुछ समय योग के लिए निकालें, तो वे आसानी से फिट बनी रह सकती हैं।

तनाव से आराम

आजकल कामकाजी महिलाओं का ज्यादातर समय सिटिंग जॉब में कंप्यूटर स्क्रीन के सामने ही गुजरता है। ऐसे में उन्हें शारीरिक और मानसिक समस्या आसानी से जकड़ लेती हैं।

ऐसी स्थिति में कामकाजी महिलाओं को चाहिए कि वे कपालभाति, अनुलोम-विलोम, सूर्य नमस्कार, पवन मुक्तासन, मकरासन, भुजंगासन, सर्वांगासन, धनुरासन, वीरासन करें। ये आसन तनाव दूर करते हैं और मन को शांत रखते हैं।

दर्द से राहत

जिन महिलाओं को ज्यादातर झुककर या बैठकर काम करना पड़ता है, उनकी पीठ में, मांसपेशियों में अकसर तनाव या कड़ापन बना रहता है। उन्हें अन्य महिलाओं की तुलना में दर्द की शिकायत भी ज्यादा होती है। ऐसे में योग करना काफी फायदेमंद होता है।

इससे मेरूदंड के दोनों ओर सामने और पीछे की मांसपेशियां बराबर मजबूत होती हैं। मेरूदंड की मजबूती के लिए पवन मुक्तासन काफी लाभदायक होता है। पीठ दर्द और स्लिप डिस्क और अन्य जोड़ों के दर्द में भी यह आसन फायदा पहुंचाता है।

बीमारियां रहेंगी दूर

कामकाजी महिलाओं के लिए अनुलोम-विलोम भी काफी लाभदायक होता है। अनुलोम-विलोम प्राणायाम से दोनों नासिकाओं से श्वसन बारी-बारी से पूरक और रेचक किया जाता है।

स्वाभाविक क्रम में इस प्राणायाम को करने के लिए पद्मासन या सुखासन या किसी भी ध्यान के आसन में बैठ कर कर सकते हैं। इस प्राणायाम के माध्यम से नाड़ियों की सफाई होती है और कई व्याधियों पर नियंत्रण प्राप्त होता है।

अन्य दिक्कतें

महिलाओं में तनाव की समस्या भी ज्यादा देखने को मिलती है। ऐसे में उनमें सिरदर्द की शिकायत अकसर होती है। इतना ही नहीं बिगड़ी जीवनशैली के कारण, उन्हें तरह-तरह की अन्य समस्याएं भी बनी रहती हैं, जैसे शरीर में सही तरह से रक्त संचार न होना, पाचन तंत्र में गड़बड़ी का होना।

इन बीमारियों से निपटने के लिए महिलाओं को सूर्य नमस्कार, सुप्त वज्रासन, सर्वांगासन, धनुरासन, उत्तानासन, सुबह-शाम योगनिद्रा और शवासन करने चाहिए। इनसे उनकी जीवनशैली तो संतुलित होगी ही, साथ ही बीमारियों से भी छुटकारा मिलेगा।

मिले चैन की नींद

कामकाजी महिलाओं में नींद न आने की शिकायत भी देखी जाती है। ऐसा ज्यादातर बढ़ते तनाव और काम के बोझ के चलते होता है। ऐसे में योग और ध्यान से मानसिक तनाव, चिंता कम होती है। इससे अनिद्रा दूर होती है, चैन की नींद आती है।

(ये रिपोर्ट उदयजी, योगाचार्य मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, दिल्ली से बातचीत के आधार पर बनाई गई है।)

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