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वर्ल्ड टीबी डे: जानलेवा हो सकता है ट्यूबरक्लोसिस, जानें टीबी के लक्षण-उपचार के बारे में सब कुछ

मेडिकवर फर्टिलिटी, नई दिल्ली की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. श्वेता गुप्ता के मुताबिक ट्यूबरक्लोसिस, कई बार महिलाओं के ट्यूबल को नुकसान पहुंचाती है, जिसके परिणामस्वरूप ये कठोर पाइप जैसी ट्यूब बन जाती हैं, जो आगे चलकर ओवरीज से ओव्यूल के ट्रांसपोर्ट को नाकाम कर देती है।

इसके अलावा टी.बी. जेनाइटल ट्यूबरक्लोसिस के 50-75 प्रतिशत मामलों में एंडोमेट्रियल की क्षति (यूट्रस की परत जहां भ्रूण प्रत्यारोपण होता है) का कारण भी बनती है।

एंडोमेट्रियल रक्त के प्रवाह में कमी आती है, जिससे इंट्रयूटेरिन एडहीशंस हो जाता है, जो आगे चलकर भ्रूण प्रत्यारोपण में बाधा उत्पन्न पैदा करता है। जब टी.बी. के कारण एंडोमेट्रियम क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो इसके चलते बार-बार होने वाले भ्रूण प्रत्यारोपण को नाकाम करने, गर्भपात और बार बार प्रेग्नेंसी लॉस की स्थिति पैदा हो सकती है।

टी.बी. संक्रमण के कारण ओवेरियन भंडार (अंडों की संख्या और गुणवत्ता में गिरावट) में कमी आ सकती है, जो आगे चलकर जेनाइटल ट्यूबरक्लोसिस का कारण बन सकता है। हल्का बुखार, अस्वस्थता, वजन घटना, पेट दर्द और मासिक धर्म संबंधी विकार इसके लक्षण हैं, जिसे महिलाओं को अनदेखा नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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