Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

दोस्तों के साथ घूमने का ये है बेस्ट डेस्टिनेशन, ऐसे बनाएं छुट्टियों का प्लान

World Tourism Day 2018 वैसे तो गुजरात में कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी स्थल हैं, जो ज्यादा प्रसिद्ध नहीं हैं। ऐसा ही एक पर्यटक स्थल है सापुतारा। एक बार यहां की हरी-भरी वादियों की बेमिसाल खूबसूरती से रूबरू होंगे तो आप बार-बार यहां आना चाहेंगे।

दोस्तों के साथ घूमने का ये है बेस्ट डेस्टिनेशन, ऐसे बनाएं छुट्टियों का प्लान

World Tourism Day 2018 वैसे तो गुजरात में कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी स्थल हैं, जो ज्यादा प्रसिद्ध नहीं हैं। ऐसा ही एक पर्यटक स्थल है सापुतारा। एक बार यहां की हरी-भरी वादियों की बेमिसाल खूबसूरती से रूबरू होंगे तो आप बार-बार यहां आना चाहेंगे। गुजरात में हिल-स्टेशन! जी हां गुजरात के डांग जिले में स्थित सापुतारा हिल स्टेशन, सैलानियों को अपनी ओर पूरे साल आकर्षित करता रहता है।

कहां है स्थित

उत्तर भारत के सैलानी भले ही इस नाम और जगह से अनजान हों लेकिन गुजरात और महाराष्ट्र के सैलानियों के बीच यह एक खासा लोकप्रिय टूरिस्ट डेस्टिनेशन है। शहरी भीड़-भाड़ से अलग इस जगह को देखना और यहां कुछ दिन गुजारना एक यादगार अनुभव हो सकता है।

गुजरात और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित छोटा-सा पहाड़ी कस्बा है सापुतारा। वैसे सापुतारा का शाब्दिक अर्थ है-सांपों का घर, लेकिन यहां पर पश्चिमी घाट की सह्याद्रि पर्वतमाला की बेपनाह खूबसूरती देखने को मिलती है।

यह समुद्र तल से करीब एक हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस हिल-स्टेशन को सैलानियों के लिए बाकायदा प्लान करके विकसित किया गया है। यहां अनेक दर्शनीय स्थल हैं।

सापुतारा झील

यहां का सबसे पहला आकर्षण है सापुतारा झील। इसके किनारे-किनारे चलते हुए आपको अद्भुत ताजगी का अहसास होता है। इस झील में बोटिंग करने में इतना मजा आता है कि एक बार की बोटिंग से मन ही नहीं भरता।

यहां पास ही में लेक-गार्डन भी है, जो काफी खूबसूरत है। बगल में नागेश्वर महादेव मंदिर भी है,जहां सोमवार को ज्यादा भीड़ होती है। नजदीक ही एक हनी बी सेंटर है, जहां आप शहद की मक्खियों से बनते शहद को देखने का अनुभव ले सकते हैं।

यहां का स्टेप गार्डन, सीढ़ीनुमा बाग है, जिसमें तरह-तरह के पेड़-पौधे हैं। वहीं रोज गार्डन में किस्म-किस्म के गुलाब के फूल देखे जा सकते हैं। सापुतारा गुजरात के डांग जिले में है,जहां मुख्यतः आदिवासी जनसंख्या है। यहां के इतिहास, रहन-सहन आदि के बारे में विस्तृत जानकारी देता सापुतारा ट्राइबल म्यूजियम झील के सामने ही है।

सनराइज-सनसेट प्वाइंट

झील से थोड़ी ही दूरी पर सनराइज प्वाइंट है, जहां पहुंचने के लिए करीब एक किलोमीटर की ट्रैकिंग करनी पड़ती है। नाम के मुताबिक यह जगह उगते हुए सूरज से बिखरने वाली खूबसूरती को देखने के लिए खासी मुफीद है। वैसे यहां दिन भर पर्यटकों की आवाजाही लगी रहती है। इसी तरह से सनसेट प्वाइंट से डूबते सूरज को देखना भी अद्भुत अहसास से भर देता है।

गवर्नर हिल

यहां का गर्वनर हिल भी बेहद आकर्षक है। सपाट दिखती पहाड़ी चोटियों के चलते इसे टेबल प्वाइंट भी कहा जाता है और यहां से पूरे सापुतारा का जो नजारा दिखता है, इसी के चलते इसे टाउन व्यू प्वाइंट का नाम भी मिला है।

यहां आप ऊंट की सवारी, जिप लाइन, पैराग्लाइडिंग, रोप वॉक आदि का आनंद भी ले सकते हैं। कई तरह के चटपटे और स्थानीय स्नैक्स भी यहां मिलते हैं। यहां से सनसेट प्वाइंट के बीच चलने वाली केबल कार यानी रोप-वे का मजा भी लिया जा सकता है।

आर्टिस्ट विलेज

सापुतारा से बाहर निकलें तो सिर्फ आधा किलोमीटर दूर है, आर्टिस्ट विलेज। अपने नाम के मुताबिक यह जगह डांगी आदिवासियों की पारंपरिक कला के नमूनों को दिखाने के लिए जानी जाती है। आप यहां इन आदिवासी कलाकारों की विभिन्न हस्तकलाओं से रूबरू हो सकते हैं। सापुतारा का टूर यहां जाए बिना अधूरा-सा ही है।

अन्य आकर्षण

सापुतारा से सूरत की तरफ 49 किलोमीटर दूर गिरा वॉटर फॉल आपको मशहूर नियाग्रा फॉल की याद दिलाएगा। जून के बाद यहां जाने का मजा ज्यादा होता है, जब इसमें भरपूर पानी होता है। इस जगह की सुंदरता मन मोह लेती है।

सापुतारा से नासिक की तरफ करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर छत्रपति शिवाजी के बनवाए छोटे-से किले हटगढ़ को देखा जा सकता है। 17वीं सदी के इस किले में गंगा और यमुना नाम के दो जलाशय भी हैं।

सापुतारा से करीब 70 किलोमीटर दूर पूर्णा अभ्यारण्य है। डांग के इस समृद्ध वन-क्षेत्र में जाने के लिए वन-विभाग की इजाजत लेनी होती है। यहां से कुछ ही दूर है शबरी धाम।

मान्यता है कि यही मंदिर वह जगह है, जहां शबरी नाम की भक्त महिला ने वनवास के दौरान सीता माता की तलाश में निकले भगवान राम को चख-चख कर मीठे बेर खिलाए थे। यहां एक छोटा-सा मंदिर भी है।

कब जाएं

यूं तो यह स्थान साल भर गुलजार रहता है लेकिन बड़ी तादाद में पर्यटक यहां गर्मी से निजात पाने और सर्दी का आनंद लेने के लिए पहुंचते हैं। बारिश के मौसम के बाद सापुतारा की पहाड़ियों की छटा और निखर जाती है। यानी यहां पूरे साल आ सकते हैं।

कैसे पहुंचे

यहां का नजदीकी एयरपोर्ट सूरत है, जहां से सड़क के रास्ते करीब 170 किलोमीटर दूरी तय करना होता है। वैसे सूरत से छोटी लाइन की ट्रेन से वाघई तक भी जाया जा सकता है, जहां से सापुतारा की दूरी करीब 50 किलोमीटर रह जाती है। ट्रेन से महाराष्ट्र के नासिक पहुंचकर वहां से सड़क द्वारा करीब 80 किलोमीटर वापसी की यात्रा करके भी सापुतारा पहुंच सकते हैं।

कहां ठहरें

सापुतारा में गुजरात पर्यटन के होटल के अलावा ढेर सारे छोटे-बड़े आधुनिक सुविधाओं से लैस कई होटल मौजूद हैं।

Share it
Top