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World TB Day 2019 : टीबी के कारण, लक्षण और उपचार

24 मार्च (24 March) को पूरी दुनिया में विश्व टीबी दिवस 2019 (World TB Day 2019) मनाया जाएगा। इस दिन टीबी रोग से जुड़ी जानकारी यानि इसके होने कारण, लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में लोगों को जागरूक किया जाता है। टीबी संक्रमित जीवाणु से होने एक गंभीर वाली बीमारी है। जिसमें जीवाणु फेफड़ों को सबसे पहले प्रभावित करते हैं और बाद में अन्य अंगों पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए आज हम विश्व टीबी दिवस 2019 (World TB Day 2019) से पहले आपको टीबी रोग के कारण, लक्षण और उपचार बता रहे हैं। जिससे आप समय रहते ही उसके लक्षण पहचान कर सही उपचार ले सकें। आपको बता दें कि टीबी से हर साल दुनिया में 6-7 करोड़ लोग इस बीमारी से ग्रस्त हैं और हर साल 25 से 30 लाख लोगों की मौत हो जाती है।

World TB Day 2019 : टीबी के कारण, लक्षण और उपचार

World TB Day 2019 : 24 मार्च (24 March) को पूरी दुनिया में विश्व टीबी दिवस 2019 (World TB Day 2019) मनाया जाएगा। इस दिन टीबी रोग से जुड़ी जानकारी यानि इसके होने कारण, लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में लोगों को जागरूक किया जाता है। टीबी संक्रमित जीवाणु से होने एक गंभीर वाली बीमारी है। जिसमें जीवाणु फेफड़ों को सबसे पहले प्रभावित करते हैं और बाद में अन्य अंगों पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए आज हम विश्व टीबी दिवस 2019 (World TB Day 2019) से पहले आपको टीबी रोग के कारण (TB Causes), लक्षण (symptom) और उपचार (Treatment) बता रहे हैं। जिससे आप समय रहते ही उसके लक्षण पहचान कर सही उपचार ले सकें। आपको बता दें कि टीबी से हर साल दुनिया में 6-7 करोड़ लोग इस बीमारी से ग्रस्त हैं और हर साल 25 से 30 लाख लोगों की मौत हो जाती है।

टीबी क्या है (What is TB)

टीबी फेफड़ों में होने वाली एक गंभीर संक्रामक बीमारी है। टीबी की बीमारी ट्यूबरक्युलोसिस (Tuberculosis) मायकोबेक्टिरियम ट्यूबरक्युलोसिस नामक जीवाणु की वजह से होती है। टीबी को तपेदिक, क्षय रोग आदि नाम से भी जाना जाता है। इस बीमारी में टीबी से पीड़ित कोई रोगी खुले तरीके से खाँसता या छींकता है, तो टी.बी. (Tuberculosis) रोग पैदा करने वाले जीवाणु बाहर वातावरण में फैल जाते हैं। यह संक्रमित वातावरण किसी भी ऐसे व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है जो इसमें साँस लेता है। जिससे सांस के जरिए जीवाणु फेफड़ों से खून के बहाव के साथ धीरे-धीरे हड्डियों के जोड़ (Bone Joints), लिम्फ ग्रंथियां (Lymph Glands), आंत (Intestine), मूत्र व प्रजनन तंत्र के अंग, त्वचा और मस्तिष्क के ऊपर की झिल्ली (Membrane of the Brain) को भी प्रभावित करने लगती है।

टीबी के कारण (TB Causes in hindi )

1. टी बी के मरीज का खुले में कफ, बलगम या थूकना
2. धूम्रपान करना
3. संक्रमित मांसाहारी भोजन का सेवन करना
4. संक्रमित हवा में सांस लेना
5. रोगी के खून चढ़ाते समय सावधानी न बरतना

टीबी के लक्षण (TB Symptoms in hindi)

खांसी में खून आना
खांसी में बलगम आना
भूख कम लगना
रात में अधिक पसीना आना
अपर्याप्त व अपौष्टिक भोजन
कम जगह में अधिक लोगों का रहना
गंदगी, गाय का कच्चा दूध पीना

टीबी के उपचार (TB Treatment in hindi

1. सबसे पहले टीबी संबंधी टेस्ट करवाएं
2. डॉट्स दवाई का कोर्स पूरा करें
3. संतरे का जूस पीएं

टीबी के आयु्र्वेदिक उपचार

1.पीपल वृक्ष की पत्तों की राख 10 ग्राम से 20 ग्राम तक बकरी के गर्म दूध में मिला कर प्रतिदिन दोनो समय सेवन करने से यह रोग जड़ से समाप्त हो जाऐगा।इसमें आवश्यकतानुसार मिश्री या शहद मिला सकते हैं।
2. रोज़ सुबह और शाम को जब पेट खाली हो, आधा कप प्याज का रस एक चुटकी हींग डाल कर पिए, एक सप्ताह में फर्क दिखेगा।
3. गाय के दूध में आधा चम्मच गाय का घी और एक चम्मच हल्दी डाल कर गर्म कीजिये और इसको सोने से पहले पिए। तपेदिक के रोगियों को दवा के साथ ये प्रयोग ज़रूर करना चाहिए। इस से उनको बहुत ही जल्दी फर्क मिलता हैं।
4. केले का सेवन टीबी में करना बेहद फायदेमंद होता है। केले को मसलकर इसमें एक कप नारियल पानी, आधा कप दही और एक चम्मच शहद मिलाएं| दिन में दो बार लेने से शरीर के इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है।

टीबी के बचाव (TB Precautions in hindi)

सभी दवाओं का नियमित रूप से, बताई गई पूरी अवधि तक लें।
खांसते या छींकते समय रूमाल का प्रयोग करें।
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