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World Sleep Day: जानिए क्यों दुनिया के 80 % लोग ठीक से ''सो'' नहीं पाते

World Sleep Day: किसी भी व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य के लिए अच्छी और भरपूर नींद जरूरी है, लेकिन हाल ही में हुई एक स्टडी के मुताबिक ज्यादातर लोग सही से नहीं सो पाते हैं।

World Sleep Day: जानिए क्यों दुनिया के 80 % लोग ठीक से

World Sleep Day

किसी भी व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य के लिए अच्छी और भरपूर नींद जरूरी है, लेकिन हाल ही में हुई एक स्टडी के मुताबिक ज्यादातर लोग सही से नहीं सो पाते हैं।

दुनियाभर में 10 करोड़ लोग ऐसे हैं, जो अच्छी नींद न आने की समस्या से जूझ रहे हैं। अच्छी नींद न आना एक बीमारी का संकेत है, जिसे स्लीप एप्निआ कहते हैं।

ज्यादातर लोगों (करीब 80 प्रतिशत) को इस बीमारी के बारे में जानकारी नहीं है। केवल 30 प्रतिशत लोग ही ऐसे हैं जो नींद तो लेते हैं, लेकिन उसे नियमित बनाकर नहीं रख पाते हैं।

ऐसे की गई रिसर्च

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी कंपनी फिलिप्स इंडिया लिमिटेड ने सर्वेक्षण के तहत अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, पोलैंड, फ्रांस, भारत, चीन, ऑस्टेलिया, कोलंबिया, अर्जेटीना, मेक्सिको, ब्राजील और जापान समेत 13 देशों के लोगों पर रिसर्च किया। शोध में 15,000 से अधिक वयस्कों से नींद के बारे में पूछा गया तो बहुत ही हैरान करने वाले तथ्य सामने आए।

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नींद जरूरी नहीं

इस रिसर्च में 67 फीसदी लोगों ने यह कहा कि उन्हें अच्छी नींद की जरूरत है, लेकिन सोना उनकी प्राथमिकता में शामिल नहीं था। इसके अलावा भारत में 66 फीसदी लोग मानते हैं कि अच्छी सेहत के लिए नींद से ज्यादा एक्सरसाइज जरूरी है, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि रोज 6-8 घंटे की नींद लेना जरूरी है।

अच्छी नींद न आने का कारण

  • 61 प्रतिशत- किसी बीमारी के इलाज के दौरान नींद पर पड़ा असर
  • 26 प्रतिशत- अनिंद्रा के शिकार
  • 21 प्रतिशत- खर्राटों के कारण अच्छी नींद नहीं आती
  • 58 प्रतिशत- चिंता के कारण उन्हें नींद नहीं आती
  • 26 प्रतिशत- टेक्नोलॉजी के कारण नींद पर असर पड़ रहा है
  • 19 प्रतिशत (भारत के वयस्क)- सामान्य नींद के समय के साथ वर्किंग आवर्स का बढ़ना नींद में बाधा है

खराब नींद का असर

  • 46 प्रतिशत लोगों में थकान व चिड़चिड़ेपन का व्यवहार
  • 41 प्रतिशत लोगों में प्रेरणा की कमी
  • 39 प्रतिशत लोगों में एकाग्रता की कमी
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