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World Heart Day 2018 : सीने में दर्द से हैं परेशान तो भूलकर भी न करें ये गलती हो सकती है हार्ट प्रॉब्लम,

आम धारणा है कि ओवरवेटेड लोग ही हार्ट डिजीज के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। यह बात कुछ हद तक सही भी है लेकिन नॉर्मल वेटे वाले लोगों को भी हार्ट डिजीज होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में लापरवाही हृदय की गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है। जानिए उन वजहों को, जो हार्ट डिजीजेज का कारण बन सकती हैं।

World Heart Day 2018 : सीने में दर्द से हैं परेशान तो भूलकर भी न करें ये गलती हो सकती है हार्ट प्रॉब्लम,

आम धारणा है कि ओवरवेटेड लोग ही हार्ट डिजीज के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। यह बात कुछ हद तक सही भी है लेकिन नॉर्मल वेटे वाले लोगों को भी हार्ट डिजीज होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में लापरवाही हृदय की गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है। जानिए उन वजहों को, जो हार्ट डिजीजेज का कारण बन सकती हैं।

हार्ट अटैक का नाम सुनते ही एकाएक मन में किसी मोटे या ऐसे शख्स की तस्वीर उभर कर आती है, जो दूसरों के मुकाबले कम एक्टिव हो और सामान्य से ज्यादा भोजन करता हो। दुबले-पतले और भरपूर एक्टिव रहने वाले लोग तो जैसे हार्ट अटैक को लेकर बेफिक्र रहते हैं, लेकिन दुनिया भर में हुए रिसर्च ने इस तस्वीर को कुछ हद तक झुठला दिया है।

शोधकर्ताओं का मानना है कि हार्ट अटैक की घटनाओं में करीब 35 प्रतिशत वे दुबले लोग होते हैं, जो शारीरिक फिटनेस के मानदंड पर खरे उतरने के बावजूद इसका सामना करते हैं।

शोधकर्ताओं ने इसके पीछे बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) से ऊपर वजन, स्थूलकाय शरीर, गतिहीन जीवनशैली को ही कारण नहीं माना, कई दूसरे कारण भी बताए हैं, जो दुबले-पतले व्यक्ति को भी अपने हार्ट के प्रति कॉन्शस रहने को अवेयर करते हैं।

हार्ट अटैक के 7 कारण

1.हेरेडिटरी

अगर किसी व्यक्ति के परिवार के सदस्यों में हृदय संबंधी रोग है या रहा है, तो उसे भी हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। यानी उसके माता-पिता या भाई-बहन को 55 साल की उम्र से पहले हार्ट अटैक हुआ हो,एंजाइना (सीने में दर्द)हुआ हो या कोरोनरी बीमारी हुई हो तो उसे भी अपना रेग्युलर हार्ट चेकअप करवाते रहना चाहिए।

2.कोलेस्ट्रॉल लेवल

कोलेस्ट्रॉल (बैड एचडीएल) लेवल में बढ़ोतरी हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ाता है। बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे हार्ट की आर्टरीज में जमा होता जाता है, उन्हें ब्लॉक कर देता है और हार्ट से शरीर में होने वाले ब्लड सर्कुलेशन में बाधा डालता है।

इससे हार्ट अटैक हो सकता है। एक वयस्क व्यक्ति में 200-239 मिलीग्राम कोलेस्ट्रॉल की मात्रा आइडियल मानी जाती है, जब किसी व्यक्ति का कोलेस्ट्रॅाल लेवल उससे ज्यादा हो जाता है तो यह खतरनाक हो सकता है। हार्ट अटैक के100 में से 15 मामले कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने से होते हैं।

3.हाई ब्लड प्रेशर

जब किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 90/140 मिलीमीटर (एमएमएचजी) से अधिक हो जाता है, तो उसे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट की आर्टरीज पर दबाव डालता है, जिससे शरीर के विभिन्न अंगों मे रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है। इससे कोरोनरी आर्टरीज डिजीज और हार्ट फेल होने की आशंका रहती है।

4.डायबिटीज

शारीरिक तौर पर दुबले या बॉडी मास इंडेक्स में सामान्य वजन वाले व्यक्ति को अगर हाई ब्लड शुगर की शिकायत है, तो उन्हें हार्ट अटैक का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है। डायबिटीज एक मेटाबॉलिक सिंड्रोम है, जो शरीर में इंसुलिन का प्रतिरोध करता है और ब्लड शुगर का लेवल बढ़ाता है।

जब यह ब्लड शुगर 200 मिलीग्राम/डीएल से अधिक हो जाती है, तो हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी जटिलताएं उत्पन्न हो जाती हैं और ये हार्ट स्ट्रोक का कारण बनता है। ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल से व्यक्ति की इम्यूनिटी पावर कमजोर हो जाती है।

5.स्मोकिंग एंड एल्कोहल

सिगरेट, बीड़ी, तंबाकू और एल्कोहल का सेवन करने वाले व्यक्ति को हार्ट डिजीज और उससे संबंधित बीमारी होने का खतरा अधिक रहता है। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रभावित करता है, ब्लड प्रेशर बढ़ाता है, हार्ट आर्टरीज में संकुचन का कारण बनता है, हार्ट स्ट्रोक की आशंका को बढ़ा देता है।

6.हाइपरटेंशन

लगातार मानसिक तनाव, अवसाद जैसे मनोवैज्ञानिक कारक भी हार्ट डिजीज के कारण होते हैं। ये हॉर्मोनल असंतुलन उत्पन्न कर ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव लाते हैं। जिस पर कंट्रोल न होने पर व्यक्ति को हार्ट डिजीज का खतरा रहता है।

7.सर्दियों का मौसम

सर्दी के मौसम में बुजुर्ग और दुबले लोग अकसर हाइपोथर्मिया के शिकार भी हो जाते हैं। यानी इस दौरान उनके शरीर का तापमान 95 डिग्री फॉरेनहाइट से नीचे चला जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर हृदय की कोरोनरी धमनियों या मांसपेशियों पर पड़ता है।

धमनियां सिकुड़कर ब्लॉक हो जाती हैं, जिससे ऑक्सीजन, ब्लड और पोषक तत्वों की सप्लाई में रुकावट आती है। ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए हार्ट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, इससे हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है।

अनुसंधानो से भी यह साबित हो चुका है कि सर्दियों में खासकर बुजुर्गों में हृदय संबंधी बीमारियो का खतरा 53 प्रतिशत बढ़ जाता है। यहां तक कि हार्ट अटैक से हर 7 मिनट में एक 1 बुजुर्ग की मौत हो जाती है और कई दूसरी गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाते हैं।

कहने का सार यही है कि आपका वेट ओवर हो या नॉर्मल, हार्ट डिजीजेज से बचे रहने के लिए हर किसी को कॉन्शस रहने की जरूरत होती है।

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