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विश्व अर्थराइटिस दिवस: जानिए भारत में कितने बढ़े मामले, ये है पूरी रिपोर्ट

भारत में अर्थराइटिस के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसका कारण और निवारण क्या है जानिए।

विश्व अर्थराइटिस दिवस: जानिए भारत में कितने बढ़े मामले, ये है पूरी रिपोर्ट

आज कल की भागदौड़ और अलग-अलग लिविंग स्टाइल के कारण युवाओं में भी अर्थराइटिस की समस्या देखने के मिल रही है। अर्थराइटिस जोड़ों के दर्द को कहा जाता है। यह बीमारी भारत में खासकर युवाओं में तेजी से बढ़ रही है।

पिछले 20 साल में इसके मरीजों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। हर साल 12 अक्टूबर को विश्व अर्थराइटिस दिवस मनाया जाता है।

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डायबिटीज के बाद तेजी से फैलने वाला रोग

अर्थराइटिस बहुत तेजी से भारत में फैल रहा है। इससे पहले डायबिटीज (मधुमेह) तेजी से भारत में फैला था। बदलती लाइफस्टाइल, मोटापा और गलत खानपान के कारण यह युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है।

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कैसे पहचानें कि अर्थराइटिस है

शुरूआती दौर में अर्थराइटिस का पता नहीं चलता। अर्थराइटिस होने पर जोड़ों में बहुत दर्द होता है। इसके अलग प्रकार भी हैं, जैसे रूमेटाइटड अर्थराइटिस में सुबह के वक्‍त जोड़ों में दर्द ज्यादा होता है। इसके अलावा मानसून और ठंड में भी इसका दर्द बढ़ जाता है।

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तुरंत करवाएं इलाज

अर्थराइटिस में तुरंत इलाज की जरूरत होती है। इसके लिए जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से संपर्क कर लें। अर्थराइटिस के लिए सेल्फ मेडिकेशन करने की कोशिश न करें। विषेशज्ञ की सलाह जरूर लें। डॉक्टर से इलाज के संबंध में बात जरूर करें क्योंकि इसके लिए सही थेरेपी जरूरी है। फिजियोथैरेपी सही ढंग से करें।

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