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सर्दियों में एलर्जी को करना है जड़ से खत्म, तो करें इन आसान टिप्स का इस्तेमाल

सर्दियों के दिनों में लगातार गिरते तापमान की वजह से लोगों को कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिनसे बचने के लिए सबसे जरूरी है उसका बचाव और समय पर इलाज करना। ठंडी हवाएं, सुबह और रात को कोहरा, दिन में हल्की धूप और कभी बारिश से ठंड बढ़ने पर जहां लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। तो वहीं कुछ लोगों को कई तरह की एलर्जी होने लगती है।

सर्दियों में एलर्जी को करना है जड़ से खत्म, तो करें इन आसान टिप्स का इस्तेमाल
Winter Allergy Causes and Treatment in Hindi
सर्दियों के दिनों में लगातार गिरते तापमान की वजह से लोगों को कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिनसे बचने के लिए सबसे जरूरी है उसका बचाव और समय पर इलाज करना। ठंडी हवाएं, सुबह और रात को कोहरा, दिन में हल्की धूप और कभी बारिश से ठंड बढ़ने पर जहां लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। तो वहीं कुछ लोगों को कई तरह की एलर्जी होने लगती है। ऐसे में यह ठंडा मौसम सजा की तरह लगने लगता है। खासकर बढ़ती एलर्जी की वजह से परेशानी काफी बढ़ जाती है। अगर आप भी सर्दियों में होने वाली एलर्जी से बचना चाहते हैं, तो आज हम आपको सर्दियों में होने वाली एलर्जी के कारण और उसके उपाय बता रहे हैं जिससे आप अपनी से छुटकारा पा सकते हैं।

सर्दियों में एलर्जी के कारण

घर के भीतर के एलर्जी के कारणों से बचें जैसे धूल, परफ्यूम, पालतू जानवर के फर और बाल ठंडी हवाओं आदि के संपर्क में न आएं, इसका ध्यान रखना चाहिए। घर में हल्के-फुल्के व्यायाम करें। जितना संभव हो सके, सीढ़ियां चढ़ें, ताकि थोड़ा व्यायाम हो सके। इसके अलावा श्वांस संबंधी व्यायाम जरूर करें।

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त्वचा संबंधी एलर्जी

इस मौसम में त्वचा संबंधी कई तरह की एलर्जी की संभावना बनी रहती है। इससे त्वचा की कई सारी परेशानियों का खतरा बढ़ जाता है। इनमें डर्मेटाइटिस, एक्जिमा आदि प्रमुख हैं। यही नहीं, त्वचा में दरारें, चकत्ते, इंफेक्शन आदि का भी काफी खतरा रहता है। खासकर सर्दी में त्वचा की नमी काफी कम हो जाती है।
नमी की कमी त्वचा की एलर्जी के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार होती है। वैसे त्वचा की प्रकृति और परेशानी के अनुरूप ही इसका उपचार किया जाता है। त्वचा के नीलेपन के लिए कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स और डिपिन का प्रयोग किया जाता है।

सांस लेने में परेशानी

सर्दी के दिनों में आम तौर पर सांस लेने में तकलीफ होने लगती है, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी का सामना अस्थमा के रोगियों को हो सकती है। ठंडी हवा या ठंडे स्थानों पर जाने से आपकी यह समस्या गंभीर हो सकती हैं। इसके अलावा ठंडे मौसम की वजह से बार-बार छींके आना, सर्दी-जुकाम और खांसी होना आम बात है।

अंगुलियों में सूजन होना

अधिक सर्दी में कुछ लोगों को उंगलियों में सूजन की शिकायत हो जाती है। यह रेनड डिजीज सिंड्रोम होता है। इसको कोल्ड एसोसिएटेड स्पाज्म भी कहते हैं। सर्दी के कारण, ठंडी हवा व ठंडे पानी के संपर्क की वजह से इस तरह की परेशानी हो जाती है। इस मौसम में मॉश्चर(नमी) की कमी होने से रूखापन आ जाता है। इससे भी हाथों और पैरों की उंगलियों में सूजन और खुजली होना ,उनका लाल होना आदि परेशानी हो जाती है।
ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह से एंटीएलर्जिक दवा का प्रयोग कर सकते हैं। ठंड से बचें। ठंडे पानी आदि के इस्तेमाल से बचें और शरीर को गर्म रखने के लिए दस्ताने, मौजे आदि पहनने में लापरवाही न करें। इस बात का खास ख्याल रखें कि त्वचा की नमी बनी रहे। पैरों की देखाभाल का खास ख्याल रखें।

सर्दियों में एलर्जी से बचने के उपचार

1.खूब पानी पीना चाहिए।
2.पर्याप्त आराम करें।
3.गर्म कपड़े पहनकर रहें।
4.आंख और नाक अच्छी तरह ढक कर रखें।
5.सनस्क्रीन और मॉश्चराइजर का त्वचा पर भरपूर इस्तेमाल करें।
6.एलर्जी से बचने के लिए बेडशीट गर्म पानी से साफ करें।
7.दीवारों पर भी फंगल न लगने दें।
8.पालतू जानवरों को बेडरूम में लाने से बचें।
9.संतुलित आहार और गर्म तरल पदार्थ का सेवन बढ़ा दें।
10.एलर्जी होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें और समय पर दवाओं का सेवन करें।
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