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इन दो वजहों से बाएं हाथ की तीसरी उंगली में पहनी जाती है सगाई की अंगूठी

शादी दो लोगों का मिलन होता है। काफी समय पहले शादी बहुत साधारण तरीके से हो जाती थी लेकिन अब शादी के पहले भी कई तरह के फंक्शंस होते हैं। शादी का सिलसिला सगाई के फंक्शन के साथ शुरू होता है। शादी से पहले एंगेजमेंट होती है, जिसमें कपल्स एक-दूसरे को रिंग्स पहनाते हैं।

इन दो वजहों से बाएं हाथ की तीसरी उंगली में पहनी जाती है सगाई की अंगूठी
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शादी दो लोगों का मिलन होता है। काफी समय पहले शादी बहुत साधारण तरीके से हो जाती थी लेकिन अब शादी के पहले भी कई तरह के फंक्शंस होते हैं। शादी का सिलसिला सगाई के फंक्शन के साथ शुरू होता है। शादी से पहले एंगेजमेंट होती है, जिसमें कपल्स एक-दूसरे को रिंग्स पहनाते हैं।

आपने नोटिस तो किया ही होगा कि कपल्स एक-दूसरे को बाएं हाथ की तीसरी उंगली (अनामिका- उंगली का हिंदी नाम) में अंगुठी पहनाते हैं, लेकिन क्या आपको इसके पीछे की वजह पता है।

आज की इस रिपोर्ट में हम आपको शादी से पहले होने वाली सगाई की रस्म के बारे में कुछ फैक्ट्स बताने जा रहे हैं। जानें क्या-

ऐसे शुरू हुई सगाई की परंपरा

सगाई की परंपरा काफी सालों से चली आ रही है। दरअसल, इस परंपरा की शुरुआत रोमंस के युग में ही हो गई थी। एक रोमन कपल् ने इस परंपरा की शुरुआत की थी।

तीसरी उंगली में रिंग पहनाने का कारण

कारण 1- रोम की मान्यता के मुताबिक इस फिंगर से होते हुए एक नस सीधे दिल से जुड़ी होती है। यही वजह है कि कपल्स का दिल से दिल का कनेक्शन हो इसलिए बाएं हाथ की तीसरी उंगली (अनामिका) में अंगूठी पहनाई जाती है। इसे रिंग फिंगर के नाम से भी जाना जाता है।

कारण 2- चीन की मान्यता के मुताबिक हर उंगली एक रिश्ते को दर्शाती है। जैसे अंगूठा मां-बाप के रिश्ते को, तर्जनी भाई-बहन के रिश्ते को, मध्यमा स्वयं व्यक्त के लिए, अनामिका पार्टनर के लिए और कनिष्ठा (सबसे छोटी उंगली) बच्चों के साथ रिश्ते के लिए होती है। यही वजह है कि अनामिका पार्टनर के लिए होती है इसलिए उसमें ही अंगूठी पहनाई जाती है।

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