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क्या आप जानते हैं सहजन के स्वास्थ्य से जुुड़े फायदों के बारे में

सहजन पोषक गुणों के आधार पर जैतून के तेल के बराबर होता है।

क्या आप जानते हैं सहजन के स्वास्थ्य से जुुड़े फायदों के बारे में

सहजन के बारे में जानते हैं आप? पूरे विश्व का औषधि विज्ञान जगत इस वनस्पति पर अपनी पैनी निगाह बनाए रखा है। अंग्रेजी में ड्रम स्टिक के नाम से प्रचलित इस वनस्पति की फल्लियां दक्षिण भारतीय व्यंजनों का एक अहम हिस्सा है।

ऐसी मान्यता है कि सब्जियों और दालों में इसकी फल्लियों को मिलाने से इनका स्वाद दोगुना तो हो ही जाता है, साथ ही इसके औषधीय गुणों की वजह से सेहत दुरुस्ती भी हो जाती है।

सहजन को मध्य भारत में मुनगा के नाम से भी जाना जाता है। वैसे आफ्रिका और एशियाई देशों में पाए जाने वाले इस पेड़ के तमाम अंगों जैसे फल्लियाँ, फूल, जड़ें और छाल आदि बतौर व्यंजन इस्तेमाल में लाई जाती है, लेकिन इनका उपयोग औषधि की तरह कई देशों में किया जाता है। इसके सभी अंग पोषक तत्त्वों से भरपूर होते हैं और इसी वजह से अनेक रोगोपचार में इनका जिक्र आता है।

ऐसा क्या है सहजन में जो इसे खास बनाता है?

चलिए सबसे पहले इसकी तुलना कुछ अन्य हेल्दी वनस्पतियों से करते हैं, शायद आप समझ पाएंगे कि आखिर ऐसा क्या है सहजन में जो इसे सबसे उत्तम बनाता है:

1. सहजन के बीजों से एक खाद्य तेल प्राप्त होता है जिसे बेन ऑइल कहते हैं जो पोषक गुणों के आधार पर जैतून के तेल के बराबर होता है। इस तेल में भरपूर एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं, लेकिन अन्य तेलों की तुलना में इस तेल की शेल्फ लाइफ यानी ज्यादा समय तक खराब ना होने की दशा बेहतर होती है।

2. पालक की भाजी को लौह तत्वों का खजाना माना जाता रहा है, लेकिन सहजन की पत्तियों में पालक की तुलना में 3 गुना ज्यादा लौह तत्व पाए जाते हैं।

3. सुबह सुबह आप अपने दिन की शुरुआत चाय या कॉफी से करते हैं, जरा एक बार सहजन की पत्तियों की चाय बनाकर पीएं, आप अपने शरीर में ऊर्जा का गजब का संचार अनुभव कर पाएंगे। और तो इस ऊर्जा को आप दिन में काफी लंबे समय तक महसूस भी कर पाएंगे।

4. गाजर को आंखों के लिए खास माना जाता है, क्योंकि इनमे विटामिन ए की बाहुल्यता होती है, लेकिन आप शायद ही जानते होंगे कि एक ग्राम गाजर की तुलना में सहजन में चार गुना ज्यादा विटामिन ए पाया जाता है। सहजन में भी खूब बीटा- कैरोटीन पाए जाते हैं।

क्या आप मल्टीविटामिन कैप्सूल्स लेते हैं?

सहजन की पत्तियों, जड़, तने की छाल, फल्लियों को एकत्र करके इन्हें सुखा लें और फिर इसका चूर्ण बना लें, रोज सुबह शाम एक एक चम्मच चूर्ण पानी के साथ फांकी मार लें, ये चूर्ण किसी भी मल्टीविटामिन कैप्सूल से बेहतर होगा, मैं इस बात को पूरे दावे से कह सकता हूं।

दही के एक ग्राम में पाए जाने वाले प्रोटीन्स की तुलना में सहजन की पत्तियों के एक ग्राम काढ़े में दोगुनी मात्रा में प्रोटीन्स पाए जाते हैं। सहजन की पत्तियों में केले की एक ग्राम मात्रा की तुलना में पोटेशियम की मात्रा तीन गुना होती है।

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