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अगर दोस्तों के बीच खुद को पाते हैं अनकंफर्टेबल, जानिए इसकी वजह...

अगर आपका बच्चा भी दूसरों से बात करने या घुलने-मिलने से झिझकता है या किसी काम को शुरू करने से पहले कई बार सोचता है। तो शायद बच्चा किसी व्यवहार संबंधी परेशानी या किसी कॉन्फिडेंस की कमी की वजह से ऐसा कर रहा है। दरअसल, अक्सर ऐसे व्यवहार को बिना समझे ही अधिकांश पेरेंट्स बच्चे पर गुस्सा करने लगते हैं या बच्चे का बहाना मानकर पिटाई भी कर देते हैं, जो बेहद गलत है। जबकि बड़े लोग अपने शर्मीले स्वभान की वजह से अपनी लाइफ के सबसे अहम रिश्तों को हमेशा के लिए खो देते हैं। क्योंकि आमतौर पर लोग शर्मीलापन और अंतमुर्खी व्यक्तित्व को एक ही मान लेते हैं, जबकि ये दोनों अलग-अलग बिहेवियर होते हैं। इसलिए आज हम आपको शर्मीला होना क्या होता है, शर्मीलापन और अंतमुर्खी व्यक्तित्व का अंतर और शर्मीलापन दूर करने के उपाय बता रहे हैं।

अगर दोस्तों के बीच खुद को पाते हैं अनकंफर्टेबल, जानिए इसकी वजह...
अगर आपका बच्चा भी दूसरों से बात करने या घुलने-मिलने से झिझकता है या किसी काम को शुरू करने से पहले कई बार सोचता है। तो शायद बच्चा किसी व्यवहार संबंधी परेशानी या किसी कॉन्फिडेंस की कमी की वजह से ऐसा कर रहा है। दरअसल, अक्सर ऐसे व्यवहार को बिना समझे ही अधिकांश पेरेंट्स बच्चे पर गुस्सा करने लगते हैं या बच्चे का बहाना मानकर पिटाई भी कर देते हैं, जो बेहद गलत है। जबकि बड़े लोग अपने शर्मीले स्वभान की वजह से अपनी लाइफ के सबसे अहम रिश्तों को हमेशा के लिए खो देते हैं। क्योंकि आमतौर पर लोग शर्मीलापन और अंतमुर्खी व्यक्तित्व को एक ही मान लेते हैं, जबकि ये दोनों अलग-अलग बिहेवियर होते हैं। इसलिए आज हम आपको शर्मीला होना क्या होता है, शर्मीलापन और अंतमुर्खी व्यक्तित्व का अंतर और शर्मीलापन दूर करने के उपाय बता रहे हैं। जिससे आप समय रहते बच्चे की परेशानी समझकर उसे सॉल्व कर सकें और अपने रिश्तों को संभाल सकें।

क्या होता है शर्मीलापन

जब कोई व्यक्ति चाहकर भी किसी दूसरे शख्स से बात न कर पाए या घुल मिल न पाए यानि किसी से बातचीत शुरू करने से पहले बार-बार हिचकिचाता या झिझकता हो, तो वो स्वाभाव से शर्मीला कहलाएगा। इसके अलावा शर्मीला शख्स कुछ भी नया सीखने के लिए भी कई बार सोचता और डरता है।

शर्मीलापन और अंतमुर्खी व्यक्तित्व में अंतर

आमतौर पर शर्मीला व्यक्ति जानबूझकर अकेला रहना नहीं चाहता है बल्कि वो एक अनजाने डर की वजह से दूसरों से बातचीत करने में खुद को असहज महसूस करता है। शर्मीला व्यक्ति हमेशा अपनी इमेज को प्रोटेक्ट करने की कोशिश करता है।
जबकि अंतमुर्खी व्यक्तित्व का शख्स अकेलेपन को भी इंज्वॉय करते हैं। वो अकेलेपन में खुद को लोगों की भीड़ से ज्यादा खुश और बेहतर महसूस करते हैं। अंतमुर्खी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि समाज या दूसरे लोग उसके बारे में क्या सोचते हैं, वो सिर्फ अपनी धुन में मस्त रहना पसंद करते हैं।

शर्मीलापन दूर करने के उपाय :

1. शर्मीलेपन से छुटकारा पाने के लिए अपने लुक्स और ड्रेसिंग स्टाइल में भी बदलाव करके खुद में कॉन्फिडेंस डेवलप कर सकते हैं। जिससे लोग आपसे खुद जुड़ने की कोशिश करें।
2. अगर आपके बच्चा या कोई बड़ा शख्स स्वभाव से बेहद शर्मीला है, तो उसे अपनी खूबियों और हॉबीज़ पर फोकस करना चाहिए। इससे आप अपने अंदर कॉन्फिडेंस महसूस कर पायेगें और दूसरों के सामने अपनी बात खुलकर रख पायेगें।
3.अगर आप अक्सर लोगों या खासकर दूसरे जेंडर से बात करने में असहज महसूस करते हैं, तो ऐसे में खुद में बदलाव करते हुए धीरे-धीरे हल्के से
मुस्कुराते हुए दूसरे जेंडर से बात करना शुरू करें। इससे भी आपके अंदर कॉन्फिडेंस डेवलप होगा।
4.बच्चे या किसी बड़े में से शर्मीलापन को दूर करने का सबसे पहला कदम है कारण या वजह को जानना। जिससे आप उससे संबंधी चीजों को जानकर
उसमें दूसरों की मदद से आसानी से सुधार कर सकते हैं।
5. शर्मीलेपन से छुटकारा बनाने के लिए एक या दो फ्रेंड से बात करते हुए धीरे-धीरे अपने फ्रेंड सर्किल को बढ़ाएं। लोगों से खुलकर बात करें, उनके साथ
गपशप करें। शॉपिंग, बॉलीवुड, फैशन, खेल, राजनीति, बच्चों से जुड़ी विभिन्न विषयों पर बातचीत करें। इससे न सिर्फ आपकी जानकारी का दायरा बढ़ेगा बल्कि हिचक भी दूर होगी। किसी से बातचीत शुरू करने के लिए आप इस उलझन में नहीं पड़ेंगी कि क्या बात करूं।
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