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केवल सोच-सोच कर भी हो सकते हैं ''दुबले''

यह एक ऊर्जा प्रणाली है जो भावनात्मक तीव्रता और परेशानी का स्रोत रहे भीतर की रुकावटों को खत्म करता है।

केवल सोच-सोच कर भी हो सकते हैं

नई दिल्ली. इंसान जो सोच ले वह उसे पूरा करके रहता है। आप दुबले होने के लिए परेशान हो जाते हैं और कसरत, डायटिंग करना शुरू कर देते हैं लेकिन क्या आप ये बात जानते हैं कि आप केवल दुबले होने वाली बात सोच कर भी दुबले हो सकते हैं।

आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि ये नामुमकिन बातें भी लंदन की रहने वाली हीथर ने कर दिखाया। जी हां- हीथर का कहना है कि एक साल से भी कम समय में उसने अपनी ड्रेस पांच साइज कम कर ली। इसके लिए उसने ज्यादा कुछ मेहनत नहीं किया बल्कि मन की शक्ति का इस्तेमाल किया। उत्तरी वेल्स की रहने वाली पूर्व आभूषण फोटोग्राफर ने कहा कि नौ महीने में उसने अपना वजन काफी कम कर लिया। उनका मानना है कि कुछ लोगों को इस बारे में संशय हो सकता है, लेकिन मैंने मन की शक्ति के साथ यह किया है। मैंने सचमुच में सोचा कि मैं पतली हूं। हमारे विचार इतने शक्तिशाली होते हैं कि इसके कारण अब मैं वास्तव में पतली हो गई। यह बेहद अद्भुत लग रहा है। हीथर ने बताया कि उसके पूर्व साथी क्रिस्टन डॉकर की दुखद मौत के बाद उसका वजन बढ़ना शुरू हो गया था। क्रिस्टन की मौत से पहले वह अलग हो गए थे, लेकिन फिर भी करीब थे। यह एहसास होने के बाद कि जीवन में कुछ बदलाव करना पड़ेगा, उसने मन की शक्ति का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।

अपने दु:ख के बारे में अलग ढंग से सोचने की यह एक कोशिश थी। यही कारण है कि हीथर ने इमोशनल फ्रीडम टेक्निक की खोज की। उन्होंने वैकल्पिक चिकित्सा द्वारा नियोजित विचारों का उपयोग किया, जिसमें लोग अलग ढंग से सोचते हैं। यह एक ऊर्जा प्रणाली है, जो भावनात्मक तीव्रता और परेशानी का स्रोत रहे भीतर की रुकावटों को खत्म करता है। एक्यूपंक्चर की तरह ही शारीरिक और भावनात्मक बीमारियों के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है। इसलिए अगर आपको भी अपने वजन को कम करना है तो आप भी अपने मन की शक्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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