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Valentines Day Meaning : जानें वैलेंटाइन डे का अर्थ और ऐसे करें सही ''वैलेंटाइन'' की तलाश

Valentines Day Meaning : वैलेंटाइन डे का मतलब होता है ये सभी जानते हैं, वैलेंटाइन डे आते ही जहां सैकड़ों चेहरों पर मुस्कान खिल उठती है, वहीं तमाम लोग ऐसे भी हैं जो इस दिन से दुखी हो जाते हैं। जाहिर है इसलिए क्योंकि उनका कोई वैलेंटाइन नहीं है।

Valentines Day Meaning : जानें वैलेंटाइन डे का अर्थ और ऐसे करें सही वैलेंटाइन की तलाश
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Valentines Day Meaning : वैलेंटाइन डे का मतलब होता है ये सभी जानते हैं, वैलेंटाइन डे आते ही जहां सैकड़ों चेहरों पर मुस्कान खिल उठती है, वहीं तमाम लोग ऐसे भी हैं जो इस दिन से दुखी हो जाते हैं। जाहिर है इसलिए क्योंकि उनका कोई वैलेंटाइन नहीं है। अतः वैलेंटाइन डे की कोई महत्ता उनके जीवन में नहीं रहती। ऐसे लोग अकसर वैलंटाइन डे को हताशा से भर जाते हैं। यही नहीं वे दूसरों के प्यार को दिखावटी प्रेम कहने से भी पीछे नहीं हटते। दरअसल जब कोई प्यार के खुशनुमा भाव से अनभिज्ञ होता है, वह दूसरों को इस सुनहरे एहसास से रूबरू होने देना नहीं चाहता। बहरहाल यह विषयांतर है। प्यार हर कोई करना चाहता है और प्यार में हर कोई बहना चाहता है। इसलिए पार्टनर न होते हुए भी वैलेंटाइन डे सबके लिए खास है।

लेकिन ऐसे लोग क्या करें जिनका कोई वैलेंटाइन नहीं है? उदास न हों; क्योंकि ऐसा नहीं हो सकता है कि आप किसी से प्यार न करते हों। अगर नहीं करते तो बेहतर है कि प्यार करना शुरु कर दो। लगता है आपके होंठों पर मुस्कान खिल उठी कि आखिर प्यार किया कैसे जाता है? प्यार का एक सिम्पल सा फंडा है। हम उसी से प्यार करते हैं जो हमारे इर्द-गिर्द होता है। जिसके साथ हम अधिकतम समय गुजारते हैं और जिसकी हर बात हमें पसंद है। कई बार हमें पता नहीं चलता कि जिसे हम पसंद करते हैं, उसे हम प्यार भी करते हैं या नहीं। सबसे पहले तो यह जानने की कोशिश करें कि आपको अपना समय किसके साथ गुजारना अच्छा लगता है? क्या कोई वह आपका खास है? कोई बचपन का दोस्त?

हो सकता है कि जो आपका बचपन का दोस्त है, वही आपका प्यार है। अब जरा दीपिका को लें। दीपिका के साथ यही समस्या थी कि वैलेंटाइन डे आते ही उसका मुंह उतर जाता था; क्योंकि उसे पता होता था कि कोई भी उसे इस दिन लाल गुलाब नहीं देगा। लेकिन दीपिका के होंठों की मुस्कान लौटाने में महेश की बड़ी भूमिका रही है। दोनो बचपन के दोस्त हैं और महेश हमेशा यह जानता रहा कि दीपिका को किस बात से खुश किया जा सकता है। वह बचपन से ही वैलेंटाइन डे के दिन दीपिका के लिए खास तोहफे के साथ लाल गुलाब ले आता था। लेकिन दीपिका इस बात से वाकिफ थी कि वह उसका वैलेंटाइन नहीं है। उसे लगा कि महेश हमेशा ऐसा इसलिए करता है ताकि वह उदास न हो।

असल में दीपिका यह जानती ही नहीं थी कि महेश ही उसका असली प्यार है जो उसके होंठों में खिली एक मुस्कान के लिए कुछ भी कर सकता है। जी, हां! ऐसा होता है। कई बार हमारे इर्द-गिर्द मौजूद दोस्तों में से कोई एक हमारा हमसफर होता है मगर हम उसे पहचानने से कतराते रहते हैं। हम डरते इसलिए भी हैं कि कहीं हम अपने दोस्त को भी न खो दें। लेकिन कहते हैं न! जब प्यार किया तो डरना क्या... वैलेंटाइन डे में हाथ में गुलाब न हो तो मजा कैसे आएगा? अपने प्यार की तलाश को सिर दर्द न बनाएं। प्यार की तलाश में एक बात का खास ख्याल रखें कि मिस्टर या मिस पर्फेक्ट को ढूंढ़ने की कोशिश न करें। अगर आपको लगता है जिसे आप ढूंढ़ रहे हैं, वह दिखने में स्मार्ट, इंटेलिजेंट और हर क्षेत्र में दूसरों को मात देने वाला होगा तो आपको बता दें कि यह महज एक ख्वाब है। प्यार में पर्फेक्शन नहीं तलाशी जाती है। यह कोई पेशा नहीं है। यह कोई बाजार नहीं है। यह कोई डील नहीं है।

प्यार की तलाश करनी हो तो ऐसे व्यक्ति की तलाश करें जो कुछ कुछ आप सा हो और कुछ कुछ खुद सा। वह शरारतें भी करता हो और थोड़ा रुलाता भी हो। शैतानियों से सिर दर्द भी करता है और अपनी नटखट आदतों से आंखें भी छलका जाता है। कहने का मतलब यह है कि प्यार में कई भावों का मिश्रण है। इसमें सुख-दुख सब कुछ कूट कूटकर भरा होता है। भूमंडलीकरण के इस दौर में सब चीजों का बााजरीकरण हो गया है। प्यार भी इससे अछूता नहीं है। लेकिन बाजार में सिर्फ उत्पाद उपलब्ध हैं। बाजार में प्यारा सा दिल नहीं मिल सकता, प्यार से साथी नहीं मिल सकता। अतः प्यार की तलाश में जब जुटे हों तो किसी सुपर हीरो का इंतजार न करें और न ही ऐसे व्यक्ति की तलाश करें जो आपसे बेहतर हो।

आपको अपना वैलेंटाइन तलाशना है जो जीवनभर आपके साथ रहे। हर कदम में आपका साथ दे। लेकिन इन दिनों प्यार की तलाश खासा मुश्किल हो गयी है। इसकी एक बड़ी वजह बदलता ट्रेंड है। दरअसल मौजूदा चलन यह कहता है कि जहां आपको फायदा हो, उसी ओर रुख करना चाहिए। जबकि प्यार को लाभ और हानि नामक दो दो अलग खेमों में नहीं बंटा जा सकता है। प्यार में फायदे नहीं, नुकसान नहीं , कोई गणित नहीं। सिर्फ भावनाएं सर्वोपरि होती हैं। अतः जब प्यार की तलाश करें तो अपना स्वार्थ न तलाशें। सिर्फ यह जानने की कोशिश करें कि जिसे आप चाह रहे हैं, क्या उसके साथ आप खुश रह पाएंगे या फिर आप उसे खुश रख पाएंगे? प्यार सिर्फ और सिर्फ खुशी पर निर्भर है। अगर आपको लगता है कि आपके लिए कोई राजकुमार आसमान से सफेद घोड़े पर बैठकर आएगा और अपने साथ भगाकर ले जाएगा, तो कहने की आवश्यकता नहीं है कि असल जिंदगी में ऐसा नहीं होता। थोड़ा व्यवहारिक होकर जीवन जीना जरूरी है।

बहरहाल जब अपने वैलेंटाइन की जब तलाश करें तो यह अपने भावी पार्टनर में और कुछ न सही पर भविष्य के प्रति उसकी चिंता पर फोकस करें। जरा सोचिए जो व्यक्ति अपने आज और आने वाले कल के लिए बहुत सोचता हो, क्या वह अपनी पार्टनर को खुश नहीं रखेगा? जाहिर तौर पर रखेगा। सो, इस वैलेंटाइन अकेले रहने की जरूरत नहीं है। क्योंकि मिस्टर पर्फेक्ट ढूंढ़ना कभी मुश्किल नहीं होता।

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