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इस गांव के हर घर में दफन हैं अपने, किचन के पास तक बनी है कब्र

आप जानकर शायद हैरान रह जाएं कि घर के आंगन में यहां तक चुल्हे के पास तक कब्र बनी हुई हैं। वहां के लोगों को अपनों के शवों को दफनाने के लिए तक जगह नहीं मिल रही है। जिसके चलते ये लोग अपने घर के अंदर ही अपनों को दफना रहे हैं।

इस गांव के हर घर में दफन हैं अपने, किचन के पास तक बनी है कब्र
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इस गांव के हर घर में दफन हैं अपने (फाइल फोटो)

यूपी के इटावा के चकरनगर तहसील के पास तकिया मजरा के मुस्लिम समुदाय के फकीरों के इलाके के हर घर में कब्र है।आप जानकर शायद हैरान रह जाएं कि घर के आंगन में यहां तक चुल्हे के पास तक कब्र बनी हुई हैं। वहां के लोगों को अपनों के शवों को दफनाने के लिए तक जगह नहीं मिल रही है। जिसके चलते ये लोग अपने घर के अंदर ही अपनों को दफना रहे हैं।


मनुहारों ने फकीरों को यहां कब्र बनाने से रोक लगा दी

इस मुस्लिम आबादी वाली बस्ती में तकरीबन 100 घर फकीरों के हैं और 10 घर मनुहारों के है। मिली जानकारी के मुताबिक कई साल पहले मनुहारों को कब्रिस्तान की जगह दी जो जातिय विवाद बन गया। मनुहारों ने फकीरों को यहां कब्र बनाने से रोक लगा दी।

अलग अलग पार्टी के लोगों ने इसे वोट बटोरने का मुद्दा बनाया

वहीं हालातों से मजबूर इन लोगों ने इसका विरोध तो नहीं किया लेकिन अपने हक के लिए प्रशासन से गुहार लगाई। जिसकी कोई सुनवाई नहीं की गई। हांलाकि अलग अलग पार्टी के लोगों ने इसे वोट बटोरने का मुद्दा जरूर बनाया।


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70 के दशक से अपने घर के अंदर ही अपनों को दफना रहे हैं

आपको बता दें कि यह लोग 70 के दशक से अपने घर के अंदर ही अपनों को दफना रहे हैं। हालत इतने बुरे हैं कि हर घर में आपको आंगन से किचन तक 5 से 7 कब्र देखने को मिल जाएंगी। वहीं इटावा नगर पालिका के चेयरमैन नौशाबा फुरकान के मुताबिक साल 2014-15 में इसके लिए कमेटी बनी थी। जिसके बाद कब्रिस्तान के लिए जगह भी तलाशी गई। लेकिन हमेशा की तरह थोड़े दिन बाद यह मुद्दा ही बंद कर दिया गया।

Shagufta Khanam

Shagufta Khanam

Jr. Sub Editor


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