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लंबे समय तक रहना है यंग तो भूलकर भी ना करें इन चीजों का सेवन

हम जो खाते हैं, उससे हमारी भूख ही नहीं मिटती हमारे शरीर पर भी उसका प्रभाव पड़ता है। अंजाने में हम कुछ ऐसी चीजें खाते हैं, जो हमें समय पूर्व बूढ़ा दिखाने लगती हैं। लंबे समय तक युवा दिखने के लिए इनका सेवन करने से बचना जरूरी है। हम सभी यंग दिखना चाहते हैं और इसके लिए पुरजोर कोशिश भी करते हैं।

लंबे समय तक रहना है यंग तो भूलकर भी ना करें इन चीजों का सेवन
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हम जो खाते हैं, उससे हमारी भूख ही नहीं मिटती हमारे शरीर पर भी उसका प्रभाव पड़ता है। अंजाने में हम कुछ ऐसी चीजें खाते हैं, जो हमें समय पूर्व बूढ़ा दिखाने लगती हैं। लंबे समय तक युवा दिखने के लिए इनका सेवन करने से बचना जरूरी है। हम सभी यंग दिखना चाहते हैं और इसके लिए पुरजोर कोशिश भी करते हैं। इसके लिए अपनी डाइट (Diet) का भी ध्यान रखते हैं। लेकिन हममें से कई लोगों को यह नहीं पता होता कि कुछ भोजन ऐसे भी हैं, जो हमें समय से पहले बूढ़ा बना सकते हैं।

डॉक्टर्स के अनुसार ऐसी चीजों के सेवन से लिवर पर जोर पड़ने लगता है। उसका असर शरीर पर पड़ता है और शरीर पर बढ़ती उम्र के निशान दिखने लगते हैं। जैसे-आंखों के नीचे काली लाइनें आना, बाल झड़ना, डबल चिन होना, पेट के आस-पास फैट जमना, मसल्स लूज होना। लोकनायक हॉस्पिटल नई दिल्ली के सीनियर फिजिशियन डॉ. नरेश कुमार ऐसे पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए।

वेजिटेबल रिफाइंड ऑयल: अमूमन वेजिटेबल रिफाइंड ऑयल सब्जियों के बीज से बनाया जाता है। रिफाइंड ऑयल बीज को पहले ही बहुत ज्यादा गर्म करके निकाला जाता है। फिर खाना तैयार करते समय रिफाइंड ऑयल को दुबारा गर्म किया जाता है। इस प्रोसेस में उसमें मौजूद सैचुरेटेड फैट से अनसैचुरेटेड हो जाता है। हमारा शरीर अनसैचुरेटेड फैट को हजम नहीं कर पाता है और वो स्टोर होने लगता है।

वे-प्रोटीन पावडर: यह पावडर जिम में एक्सरसाइज करने वाले युवा बॉडी बिल्डिंग के लिए दूध में मिलाकर लेते हैं। इसमें मौजूद प्रोटीन सीधे मसल्स में पहुंचकर उसे स्ट्रॉन्ग करती है। लेकिन इस प्रोटीन के लगातार सेवन से शरीर इसका हैबिचुअल हो जाता है। फिर प्रोटीन-रिच डाइट लेने के बावजूद शरीर प्रोटीन को अवशोषित नहीं करता और व्यक्ति में प्रोटीन की कमी हो सकती है। इसके ज्यादा सेवन से कुछ समय बाद यह मांसपेशियों को शिथिल करने लगता है और समय से पहले बूढ़ा दिखाता है।

माल्टोडैक्सिन: यह एक तरह की ग्लूकोज है, जो शक्कर से लगभग 70 गुना ज्यादा मीठा पावडर होता है। चूंकि यह पावडर काफी सस्ता होता है, इसलिए इसे आमतौर पर बाजार में मिलने वाले पैकेट बंद जूस में मिलाया जाता है। इसके अलावा फलों का जूस बेचने वाले लोग बनाते वक्त मिलाते हैं, जिसे थोड़ा-सा मिलाने पर जूस मीठा हो जाता है। इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक्स और दूसरे गाढ़े शर्बत में भी यह माल्टोडैक्सिन मिला होता है। यह पावडर एजिंग को बढ़ाता है। यह हमारे खून में सीधे एब्जार्ब हो जाता है। जिसकी वजह से भले ही इसे पीने से बहुत सुकून मिलता है, लेकिन शरीर की कोशिकाओं को ज्यादा खाना देता है। इंसुलिन एक्टिव हो जाता है, अतिरिक्त शक्कर को फैट में कंवर्ट करके शरीर की कोशिकाओं में जमा कर देता है। माल्टोडैक्सिन शुगर के बहुत ज्यादा सेवन से इंसुलिन का निर्माण प्रक्रिया धीमी हो जाती है। खून में शक्कर की मात्रा बढ़ने लगती है, जो खून की नसों और कोशिकाओं को प्रभावित करता है। जिससे कोशिकाएं ठीक तरह से काम नहीं करती हैं और शरीर डायबिटीज का शिकार हो सकता है।

एजीनो मोटो: इसे मोनोसोडियम ग्लूटामेट भी कहते हैं, जिसे मुख्यतया भुट्टे या कोर्न के आटे और चर्बी से निकाला जाता है। यह चाइनीज़ फास्ट फूड, जंक फूड, पैक्ड चिप्स में डाला जाता है। इसकी वजह से टेस्ट बढ़ जाता है लेकिन यह लिवर को बहुत नुकसान पहुंचाता है। चेहरे पर समय से पहले झुर्रियां आनी शुरू हो जाती हैं, त्वचा ढीली होनी शुरू हो जाती है।

एल्कोहल: शराब लिवर को खराब करती है और आपको समय से पहले बूढ़ा करना शुरू कर देती है। इससे लिवर में सूजन आनी शुरू हो जाती है और उम्र को बढ़ा हुआ दिखाती है। इससे कई बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

प्रस्तुति-रजनी अरोड़ा

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