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ये तरीका अपनाएंगे तो होगी नॉर्मल डिलीवरी

ये तरीका अपनाने से शरीर का निचला हिस्सा खुल जाता है।

ये तरीका अपनाएंगे तो होगी नॉर्मल डिलीवरी
नई दिल्ली. आज की लाइफस्टाइल में नॉर्मल डिलीवरी होना बेहद कठन हो गया है। आज के समय में अधिकांश महिलाएं ऑपरेशन के जरिए ही बच्चे को जन्म दे रही है। ऐसे में आगे चलकर उनकी सेहत बिगड़ने लगती है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी भी नॉर्मल डिलीवरी हो तो आपके लिए योगासन ही आसान तरीका है। इस योगासन से डिलीवरी के दौरान आपको दर्द भी कम होगा। इसलिए ये तरीका जरूर अपनाएं...
1. पश्चिमोत्तर आसन
ये आसन महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद है। इस आसन को करने से गर्भवती महिलाओं की रीढ़ की हड्डियां मजबूत होती हैं। सिर्फ इतना ही नहीं इससे कमर दर्द भी कम होता है। इसे करने से गर्भवती महिलाओं में तनाव भी कम होता है।
ऐसे करें ये आसन
इस आसन को करने के लिए अपने पैर को सीधा करके बैठ जाएं और अपने पंजों को थोड़ी सी दूरी पर रखें। अब गहरी सांस लें। और अपने दोनों हांथों को उठाएं और सांसे छोड़ते हुए पंजों को टच करने की कोशिश करें। ऐसा करते वक्त 10 तक की गिनती करें और वापस से पुरानी स्थिति में आ जाएं।
2. तितली आसन
इसे आसन को वे महिलाएं कर सकती हैं जिनका तीसरा महिना चल रहा है। इस आसन को करने से शरीर का लचीला होता है। इस आसन को करने से महिलाओं के यूटेरस की मांसपेशियां लचीली बन जाती है। क्या आप जानते हैं इस आसन को करने से शरीर का निचला हिस्सा खुल जाता है।
ऐसे करें तितली आसन
तितली आसन करने के लिए अपने दोनों पैरों को सामने की ओर मोड़कर रखें और अपने तलवे मिला लें। यानि पैरों को नमस्ते की मुद्रा बननी चाहिए। ऐसा करते वक्त आपकी पीठ और बाजू दोनों बिल्कुल सीधी होनी चाहिए। इसे 15 से अधिक न करें।
3. बद्ध कोणासन

अगर आपको चाहिए कि डिलीवरी टाइम अधिक दर्द न हो तो आप इस आसन को कर सकते हैं। इससे प्रसव के दौरान दर्द कम होता है।

ऐसे करें कोणासन

दोनों पैरों को सामने की ओर करके बैठ जाएं। अब दोनों घुटनों को मोड़ते हुए पैरों के पास लाएं अब दोनों पैरों के लवे को आपस में मिलाएं। दोनों हांथों की उंगलियों को आपस में जोड़ लें। अब दोनों पैरों की उंगलियों को दोनों हांथों से पकड़ लें और सीधा बैठ रहें। बिल्कुल तितली आसन की तरह। जितना हो सके उतना अपने पैरों की पास लाने की कोशिश करें। इसे योग को करते वक्त गहरी सांसे भरें और सांस छोड़ते रहें। जब सांस छोड़े तो धीरे-धीरे कमर से आगे की तरफ झुकें कि रीढ़ और पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव बना रहे।

नोटः अगर इस आसन को करते वक्त निचले हिस्से में दर्द होता है तो बंद कर दें।
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