Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

बैक पेन से छुटकारा पाने के लिए ये हैं उपाय

75 से 80 फीसदी लोग इस बीमारी से पीड़ित होते हैं।

बैक पेन से छुटकारा पाने के लिए ये हैं उपाय
नई दिल्ली. आधुनिक जीवनशैली ने हमें कई शारीरिक समस्याएं दी हैं, उनमें से एक पीठ दर्द यानी बैक पेन भी है। इसके शिकार लोगों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। ऐसी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोगों में 75 से 80 फीसदी लोग इस बीमारी से पीड़ित होते हैं। लेकिन इसे साधारण समझकर उपचार के लिए किसी डॉक्टर के पास जाना जरूरी नहीं समझते हैं और जब ये रोग बढ़ जाता है तब परेशान होते हैं।
ये है दर्द का कारण
इस दर्द के पीछे रीढ़ की हड्डी और उससे जुड़ी वे मांसपेशियां हैं, जिनमें गलत ढंग से बैठने,खड़े होने और लेटने के दौरान अतिरिक्त दबाव पड़ता है। एम्स, नई दिल्ली के आर्शोपेडिक सर्जन डॉ अशोक कुमार कहते हैं कि लगातार कुर्सी पर बैठकर काम करते रहना पीठ के दर्द का कारण बन सकता है। पेट के बल लेटकर पढ़ना और लेटने के दौरान अतिरिक्त दबाव पड़ने से भी दर्द होने लगता है। व्यायाम न करने पर, घंटों बिस्तर में पड़े रहने या गलत ढंग से बैठने,उठने और सोने से पीठ दर्द होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक भले ही आप कितने भी हेल्दी क्यों न होंस अगर आप जरूरत से ज्यादा मेहनत करेंगे तो आपकी पीठ इससे प्रभावित हुए बिना नहीं रहेगी। थक जाने पर भी काम मे जुटे रहना पीठ दर्द को आमंत्रण देता है। गलत तरीके से व्यायाम करना भी पीठ दर्द का एक कारण हो सकता है।
उम्र बढ़ने के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी में होने वाली क्षति इस बात पर निर्भर करती है कि युवावस्था में रीढ़ पर कितना दबाव पड़ा है। वैसे आमतौर पर 40 साल की आयु के बाद रीढ़ की हड्डियों का क्षरण शुरू हो जाता है। हड्डियों में कैल्शियम और अन्य पदार्थों की कमी होने से मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती हैं। मोटापे के शिकार लोगों को भी इस समस्या से पीड़ित देखा गया है। नर्म बिस्तर का उपयोग करने से भी यह समस्या आ सकती है। ऊंची एड़ी के जूते या संजल भी पीठ दर्द का कारण होते हैं।
पीठ दर्द से बचाव
- अपने उठने-बैठने,झुकने,सोने और काम करने की आदतों में सुधार लाकर पीठ के दर्द पर काबू पाया जा सकता है।
- ऊंची एड़ी के चप्पल और सैंडिल का उपयोग लंबे समय तक न करें।
- हमेशा आरामदेह स्थिति में बैठना चाहिए। बैठते समय इसमें कोई झुकाव नहीं होना चाहिए। हमेशा कुर्सी की पीठ से अपनी पीठ सटाकर बैठें। आपके पांव जमीन पर बराबर हों।
- अगर आप बैठकर कुछ लिख रहे हैं तो लिकने के लिए आपकी गर्दन और सिर आगे की ओर झुके होने चाहिए।
-कुर्सी पर कभी भी अपने शरीर को मरोड़कर न बैठें।
- जमीन से यदि कोई वस्तु उठानी हो तो पीठ झुकाने के बजाय सदैव घुटने मोड़कर ही कोई सामान उठानी चाहिए।
- ऊंचाई पर रखी किसी वक्तु को उतारने के लिए उचकने के बजाय स्टूल का इस्तेमाल करें।
- खाना खाते समय कुर्सी-मेज पर बैठते समय कमर को आगे की तरफ न झुकाकर सदैव सीधे बैठकर ही भोजन करें।
- यदि लगातार कुछ समय खड़ा रहना हो तो सदैव पांव की स्थिति बदलते हुए ही खड़े हों।
- चप्पल,सैंडिल और जूते सदैव मुलायम और आरामदेह ही पहनें।
-गहरी नींद लें। गहरी नींद लेने से मांसपेशियों को बल मिलता है और ब्लड में हारमोन की मात्रा बढ़ती है।
-रात में सोते समय एक ओर न लेटें, बीच-बीच में करवट बदलते रहें। सोते समय अधिक ऊंचे तकिए का इस्तेमाल न करें।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Top