Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

सावधान! हमेशा अच्छी नींद के बारे में सोचते हैं तो हो सकती है ये गंभीर बीमारी

अगर आप ये सोचकर परेशान रहते हैं कि सही नींद कैसे ली जाए या किस तरह से परफेक्ट नींद ली जाए तो सावधान हो जाइए। ऐसा इसलिए क्योंकि यह एक तरह की बीमारी है। जी हां, हाल ही में हुई एक रिसर्च के मुताबिक जो लोग अपनी अच्छी नींद के लिए चिंतित रहते हैं वह ''आर्थोसोम्निया'' नामक की बीमारी का शिकार होते हैं।

सावधान! हमेशा अच्छी नींद के बारे में सोचते हैं तो हो सकती है ये गंभीर बीमारी
X

अगर आप ये सोचकर परेशान रहते हैं कि सही नींद कैसे ली जाए या किस तरह से परफेक्ट नींद ली जाए तो सावधान हो जाइए। ऐसा इसलिए क्योंकि यह एक तरह की बीमारी है। जी हां, हाल ही में हुई एक रिसर्च के मुताबिक जो लोग अपनी अच्छी नींद के लिए चिंतित रहते हैं वह 'आर्थोसोम्निया' नामक की बीमारी का शिकार होते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक ऑर्थोसोम्निया में ऑर्थो का मतलब सीधा या करेक्ट से है वहीं सोम्निया का मतलब है सोना या नींद से है। यह रिपोर्ट जर्नल ऑफ क्लीनिकल स्लीप मेडिसिन में प्रकाशित हुई थी।

रिसर्च में आया नतीजा

रिसर्च में यह बात सामने आई है कि यह बीमारी उन लोगों को ज्यादा प्रभावित कर रही है, जो अपनी नींद और फिटनेस ट्रैकर्स के रिजल्ट से ज्यादा परेशान रहते हैं। रिसर्चर्स के अनुसार इन दिनों स्लीप ट्रैकिंग डिवाइस को पहनकर सोने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस तरह की डिवाइस से लोगों को अपना सोने का पैटर्न जानने का मौका मिलता है।

यह भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी टिप्स: गर्भावस्था में इन फलों का जूस पीना होता है फायदेमंद

अच्छी नींद के लिए परेशान

कई केसेस में स्लीप ट्रैकर पर भरोसा करके लोग यह भी मानने लगे हैं कि वे वाकई किसी स्लीप डिसऑर्डर से ग्रसित हैं, हालांकि कोई जरूरी नहीं है कि ऐसा कुछ हो। स्लीप ट्रैकिंग डिवाइस से आए रिजल्ट को सच मानकर लोग अच्छी नींद के लिए परेशान होने लगते हैं।

खुद पर भरोसा नहीं

यूएस के लगभग 10 प्रतिशत लोग स्लीप ट्रैकर डिवाइस पहनते हैं। रिसर्च में पाया गया कि ऐसे लोग खुद ही खोजी गई सोने की समस्या के बारे में समाधान ढूंढ़ते रहते हैं। सोकर उठने के बाद वह कैसा फील कर रहे हैं या उनका शरीर कैसा महसूस कर रहा है, इस पर ध्यान न देते हुए वह डिवाइस पर भरोसा करते हैं कि वह सही तरह से सो पाए या नहीं।

7-9 घंटे की नींद जरूरी

नैशनल स्लीप फाउंडेशन के अनुसार युवाओं को अडल्ट्स को 7-9 घंटे की भरपूर नींद की जरूरत होती है। व्यक्ति के लिए सोने की अवधि अलग-अलग हो सकती है। लेकिन अगर आप सोकर उठने के बाद खुद को तरोताजा महसूस कर रहे हैं तो इसका मतलब है कि आपने अच्छी नींद ली है।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story