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चिकनगुनिया के बाद हो जाए गठिया रोग, तो इनसे करें परहेज

गठिया होने पर एल्‍कोहल और सॉफ्ट ड्रिंक के सेवन से परहेज करें।

चिकनगुनिया के बाद हो जाए गठिया रोग, तो इनसे करें परहेज
नई दिल्ली. अर्थराइटिस यानी गठिया के रोगी काफी अधिक संख्या में यहां मौजूद हैं, ये एक ऐसा रोग है जिसमें शरीर के सिर्फ जोड़ों में दर्द होता है या यूं कहे तो यह एक जोड़ों की बीमारी है। अगर किसी व्यक्ति को गठिया की शिकायत है तो वह व्यक्ति चलने फिरने लायक नहीं रह जाता है। बहुत से ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो या तो दर्द बढ़ा देते हैं या पूरी तरह से दर्द ठीक कर देते हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में हम अपने डाइट में कुछ भी खाने की चीजें शामिल कर लेते हैं जिससे हमें भारी नुकसान भी होता है। इसलिए हम आपको कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे हैं जो आपको गठिया के दर्द से निजात दिलाएगा..
क्या खाएं-
आमतौर पर यह एक ऐसी बीमारी है जो ज्यादा उम्र वालों को होती है। लेकिन आज के समय में यह रोग युवा वर्ग को भी हो रहा है जिसका कारण बदलता लाइफस्टाइल है। गठिया बीमारी का दर्द बहुत ज्यादा होता है जिसकी वजह से चलना फिरना तो दूर हाथ पैर मोड़ना तक मुश्किल हो जाता है। अगर आप इन पदार्थओं का सेवन करेंगे तो आपको इस दर्द से आराम मिलेगा।
-लहसुन का सेवन
अगर आप गठिया रोग से पीड़ित हैं तो लहसुन आपके लिए रामबाण हैं क्योंकि लहसुन ब्लड साफ करने में मदद करता है। चूंकि जब गठिया रोग होता है तो खून में यूरिक एसिड की मात्रा काफी बढ़ जाती है, जो कि लहसुन के सेवन से गलकर यूरिन के जरिए शरीर से बाहर निकल जाता है।
-अजमोद
अजमोद यानि धनिया पत्ति विशेषकर गठिया रोगी को दिया जाता है। इसके सेवन से जोडों में होने वाला दर्द कम होता है।
-अदरक
अगर आप हर समय अपने जोडों के दर्द से परेशान हैं तो हर रोज लगभग 200 ग्राम अदरक का सेवन करें , इसे आप दिन में दो बार ले सकते हैं। ऐसा करने से आप इस दर्द से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं।
-कैमोमाइल टी
कैमोमाइल टी में एंटी इंफेल्‍मेटेरी तत्‍व पाया जाता है जो कि दर्द कम करने में फायदेमंद होता है। यह टी गठिया के इलाज के लिए बेहद सहायक है। कैमोमाइल टी की खासियत यह है कि इसे आप दो तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं, एक चाय के तौर पर और दूसरा खाने के तौर पर।
-सेब साइडर सिरका
सेब साइडर सिरका खासतौर पर पाचन में सहायक होता है। प्रोटीन युक्त पदार्थों को अच्छी तरह से पचाने में फायदेमंद है इसका सिरका। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है जोड़ों में दर्द आम हो जाता है, बर वक्त दर्द की समस्या घेर लेती है, ऐसे में सेब का सिरका आपके दर्द के लिए बेहद फायदेमंद है।
गठिया रोग में इनके सेवन से बचें
सर्दियों के मौसम में गठिया का दर्द असहनीय हो जाता है ऐसे में आइए जानें, किन आहार से बढ़ सकता है गठिया का दर्द
-टमाटर न खायें
वैसे तो टमाटर हमारे शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है क्योंकि टमाटर में कई तरह के मिनरल भरपूर मात्रा में मौजूद होता है, लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह अर्थराइटिस के दर्द को बढ़ाता है। बता दें कि टमाटर में कुछ ऐसे रासायन पाए जाते हैं जिससे गठिया का दर्द काफी बढ़ जाता है। अगर आप टमाटर के सेवन करते हैं तो इससे जोड़ों में सूजन होने लगती है। इसलिए हो सके तो टमाटर खाने से बचें।
-डेयरी प्रोडक्‍ट
गठिया रोगी जितना हो सके दुध से बने हुए पदार्थों से बचें। पनीर, बटर जैसे कुछ ऐसे प्रोटीन होते हैं जो शरीर के जोड़ों के आसपास के ऊतकों को प्रभावित करते हैं इससे दर्द काफी बढ़ जाता है इसलिए हो सके तो इसके खाने से परहेज करें।
-खट्टे फल
खट्टे फलों में विटामिन सी पाया जाता है। लेकिन कुछ लोगों में यह जोड़ों के दर्द को बढ़ा देता है। अगर आप परफेक्ट डाइट ले रहे हैं उसके बावजूद अगर दर्द नहीं हट रहा है तो जल्द से जल्द अपने अपने डाइट से खट्टे फलों को दूर कर दें ऐसा करना आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है।
-मछली न खायें
अगर आप नॉन वेज प्रेमी है तो मछली खाना पसंद है तो अब सावधान हो जाएं क्योकि गठिया होने पर ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्‍त आहार का सेवन नहीं करना चाहिए। मछली में अधिक मात्रा में प्यूरिन पाया जाता है। और प्यूरिन से बॉडी में यूरिक एसिड उत्पन्न हो जाता है। ऐसे में आप सालमन, टूना और एन्कोवी जैसी मछलियों को खाने से परहेज करें।
-मीठा खाने से करें परहेज
अर्थराइटिस के मरीज को चीनी और मीठा खाने से परहेज करना चाहिए। क्योंकि मीठा खाने से शरीर के सभी हिस्सों में सूजन आ जाती है जो आगे चलकर खतरा बन जाता है।
-एल्‍कोहल और सॉफ्ट ड्रिंक
2010 में किए गए एक शोध के अनुसार, जो लोग अधिक मात्रा में फ्रक्टोस वाली चीजों का सेवन करते हैं, उनमें गठिया होने का खतरा दोगुना अधिक होता है। बते दें कि एल्कोहॉल का सेवन शरीर के बेकार तत्वों को बाहर निकलने से रोकता है। ठीक इसी तरह सॉफ्ट ड्रिंक में फ्रक्टोज नामक तत्व पाए जाते हैं जो हानिकारक होते हैं। इसलिए हो सके तो गठिया में इन दोनों पेय पदार्थों के सेवन से बचें।
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