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जानिएं क्यों बढ़ता जा रहा है महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर, रहें सावधान

गर्भाशय ग्रीवा कैंसर का शिकार हो रही हैं महिलांए ।

जानिएं क्यों बढ़ता जा रहा है महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर, रहें सावधान
दिल्ली :बदलती लाइफस्टाइल और घर-बाहर दोनों की जिम्मेदारियों को संभालने का खामियाजा सबसे ज्यादा महिलाओं को उठाना पड़ रहा है। इस कारण वे मोटापा, डिप्रेशन, पीठदर्द (क्रॉनिक बैकेक), डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों का शिकार हो रही हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों से महिलाओं में कैंसर, खासकर सर्विकल यानी गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के मामले भी सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुमान के अनुसार, हर साल लगभग 1,30,000 भारतीय महिलाएं सर्विकल यानी गर्भाशय ग्रीवा कैंसर का शिकार हो रही हैं। जानते हैं, इस बीमारी के बारे में कुछ बेहद महत्वपूर्ण बातें।
कारण
यूटेरस की नेक यानी गर्भाशय ग्रीवा पर मौजूद टिश्यूज (ऊतकों) की असामान्य बढ़ोतरी के कारण सर्वाईकल कैंसर होता है। एचपीवी वायरस के कारण ही ज्यादातर महिलाओं में (98 फीसदी) इस बीमारी का संक्रमण फैलता है।
लक्षण
एबनॉर्मल ब्लीडिंग या वेजाइनल डिस्चार्ज इस बीमारी के सबसे प्रमुख लक्षण हैं।
बचाव
एचपीवी वायरस से बचाव के लिए गार्डासिल और सर्वारिक्स टीके बाजार में उपलब्ध हैं। डॉक्टर की सलाह पर इन्हें लेने के बाद इस बीमारी के संक्रमण से बचा जा सकता है। इन टीकों को लगाने की शुरुआत 12 साल की उम्र से की जा सकती है। इन टीकों को छह महीने की अवधि में तीन बार दिया जाता है। रेग्युलर पैप स्मीयर और एचपीवी डीएनए टेस्ट के द्वारा इस बीमारी का पता लगाया जा सकता है। साल में एक बार इस टेस्ट को अवश्य करवाना चाहिए। लगतार तीन साल तक पैप स्मीयर टेस्ट नॉर्मल आने पर डॉक्टर तीन साल के अंतराल पर इसे करवाने की सलाह देते हैं।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, कुछ महत्वपूर्ण बातें -
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