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रिश्तों को खत्म कर रहा है ''सेक्सटिंग'': रिसर्च

कुछ लोग रिलेशनशिप खराब होने का कारण सेक्सटिंग को ही मानते हैं और इसे फीजिकली चीटिंग मानते हैं।

रिश्तों को खत्म कर रहा है

ब्रिटेन में हर तीसरा व्यक्ति सेक्‍सुअल टैस्ट मैसेज और सेक्सुअल फोटो भेजने को पार्टनर संग चीटिंग नहीं मानता।

फर्म स्लेटर एंड गॉर्डन द्वारा 2,150 महिला और पुरुषों पर की गई रिसर्च में 35 फीसदी लोगों ने सेक्सटिंग को स्वीकार किया और इसे चीटिंग नहीं माना। यह सर्वे ओपिनियन पोल द्वारा किया गया था।

इस रिसर्च में से हर 10 में एक व्यक्ति ने माना कि सेक्सटिंग एक फन है। वहीं 62 फीसदी लोग सेक्सटिंग टेक्ट को तो स्वीकार करते हैं लेकिन वह सेक्सी फोटो भेजना स्वीकार नहीं कर पा रहे।

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वहीं तकरीबन 8 फीसदी लोगों ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने पिछले साल पार्टनर से अलग तीसरे व्यक्ति के साथ सेक्सटिंग की है। इनमें से हर तीसरे व्यक्ति का कहना था कि सेक्सटिंग पार्टनर के पीछे से सेक्स करना और मिलने जैसा ही है।

फर्म की वकील का इस सर्वे के लिए कहना था कि इस समय अधिकतर जो लोग तलाक के लिए आ रहे हैं वह तलाक का कारण सेक्सटिंग को बताते हैं।

हालांकि कई लोग सेक्सटिंग को सिर्फ फन और हार्मलेस बताते हैं। ठीक वैसे ही जैसे फ्लर्टी मैसेज भेजना। जबकि कुछ लोग रिलेशनशिप खराब होने का कारण सेक्सटिंग को ही मानते हैं और इसे फीजिकली चीटिंग मानते हैं।

यह रिसर्च उन जोड़ियों को चेतावनी देने के लिए है जो सेक्सटिंग करते हैं। उन्हें सावधान रहने की जरूरत है। साथ ही सेक्सटिंग के दौरान अपनी सीमा का इन्हें ध्यान भी रखना जरूरी है।

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