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पुरुषों में बढ़ रही प्रोस्टेट कैंसर की समस्या, ये हैं लक्षण

इन दिनों ये बीमारी तेजी से अपना प्रकोप फैला रही है।

पुरुषों में बढ़ रही प्रोस्टेट कैंसर की समस्या, ये हैं लक्षण
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नई दिल्ली. आजकल पुरुषों में कई तरह के कैंसर की समस्याएं सामने आ रही हैं। लेकिन हाल ही में पुरुषों में प्रोस्‍टेट कैंसर की समस्या विकराल रूप ले रही है। आपको बता दें कि अधिकांश पुरुषों को प्रोस्टेट कैंसर 50 की उम्र में हो जाती है। लेकिन व्यक्ति के लिए शुरुआती दौर में इस बीमारी को समझ पाना काफी मुश्किल होता है। डॉक्टरों के मुताबिक, अगर इस बीमारी के बारे में पहले ही पता चल जाए तो इसके उपचार में परेशानी नहीं होगी और इसका इलाज करना आसान हो जाएगा। इसलिए हम आपको कुछ ऐसी जरूरी बातें बता रहे हैं जिससे आप प्रोस्टेट कैंसर को पहचान सकते हैं और इसका उपचार करा सकते हैं...जानें क्या है लक्षण
प्रोस्‍टेट कैंसर की समस्‍या कई पुरुषों को 45 की उम्र के बाद यानी करीब 50 की उम्र में हो जाती है। इन दिनों ये बीमारी, तेजी से अपना प्रकोप फैला रही है। वैसे इस बीमारी से डरने की जरूरत नहीं है चूंकि ये कोई संक्रामक बीमारी नहीं है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि प्रोस्टेट कैंसर के पीछे कोई और कारण नहीं बल्कि आपकी ही खराब जीवनशैली है। खराब लाइफस्टाइल के साथ कई ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से पुरूषों में ये दिक्‍कत सामने आ रही है। इस बीमारी का मुख्य कारण, प्रोस्‍टेट टिश्‍यू सेल्‍स का अनियमित तरीके से बढ़ जाना होता है। चूंकि यह बेहद धीमी गति से बढ़ने वाला ट्यूमर होता है और इसी वजह से रोगी इसे समझ नहीं पाता है। बता दें कि पुरूषों के शरीर में हारमोन टेस्‍टोस्‍टेरॉन पाए जाते हैं अगर हारमोन में परिवर्तन या असंतुलन आए तो इसकी वजह से प्रोस्‍टेट की कोशिकाओं में अनियमितता आ जाती है, इसी वजह से पुरुषों में प्रोस्‍टेट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
ये है लक्षण
- वैसे तो इसे पहचान पाना मुश्किल है क्योंकि इसके कुछ खास लक्षण नही चूंकि ये कैंसर हारमोन्स की गड़बड़ी की वजह से होता है इस बीमारी में व्‍यक्ति को यूरीन में समस्‍या हो जाती है। प्रोस्टेट कैंसर में अक्सर पेशाब करने में दिक्‍कत होती है अगर ऐसा कुछ आपके साथ हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
- प्रोस्टेट कैंसर होने पर अक्सर रात में पेशाब करने में दिक्कत होती है।
- बार-बार पेशाब की परेशानी होती है। सामान्य अवस्था की तुलना में ज्यादा पेशाब होता है।
- इस बीमारी में पेशाब को रोका नहीं जा सकता है।
- पेशाब रुक-रुक कर आता है। और इसकी वजह से काफी जलन होती है।
- पेशाब करते वक्त खून निकलता है।
- कमर में जकड़न और शरीर में हमेशा दर्द रहता है।
ये है उपचार
- व्यक्ति को प्रोस्‍टेट कैंसर है या नहीं इसके लिए रैक्‍टम एक्‍जामिनेशन किया जाता है। इसमें डॉक्टर फिंगर को रेक्‍टम में डालकर स्थिति की जांच करते हैं।
- डॉक्टर्स द्वारा इस बीमारी के इलाज के लिए व्‍यक्ति की उम्र और उसकी बीमारी का स्टेज जैसी कई तरह की बातों पर गौर किया जाता है, जिससे बेहतर इलाज किया जा सके।
- इस बीमारी के इलाज ब्रैकीथेरेपी द्वारा भी की जाती है, जिससे कैंसर आगे न बढ़ सके। अगर मरीज का ट्यूमर छोटा होता है तो ब्रैकीथेरेपी दी जाती है वरना कीमोथेरेपी।
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