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स्वाइन फ्लू के लक्षण और उपचार

स्वाइन फ्लू से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां। स्वाइन फ्लू के लक्षण और उपचार

स्वाइन फ्लू के लक्षण और उपचार

Swine Flu ke Lakshan aur Upchar

स्वाइन फ्लू बदलते मौसम और तापमान में आई गिरावट के कारण स्वाइन फ्लू के वायरस सक्रिय हो जाते हैं। स्वाइन फ्लू किसी को भी हो सकता है।

स्वाइन फ्लू सूअर में पाए जानेवाले इन्फ्लूएंजा वायरस से फैलनेवाला रोग है।

विशेषज्ञों का मत है कि जहां धूप या रोशनी नहीं पहुंचती वहां स्वाइन फ्लू के वायरस ना केवल फैलते बल्कि ताकतवर होकर लोगों पर हमला करते हैं।

अगर इसके लक्षण दिखाई पड़ते हैं तो तत्काल चिकित्सकों के पास जाकर इलाज कराना चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट जारी किया गया है मगर उनकी कोशिशों के बाद भी मौत का सिलसिला नहीं रुक रहा है।

स्वाइन फ्लू के लक्षण

  • लंबे समय से बुखार, आंखों का लाल होना।
  • गला खराब हो जाना, मांसपेशियों में दर्द होना स्वाइन फ्लू के लक्षण की ओर इशारा करता है।
  • तेज सिरदर्द होना, खांसी आना, कमजोरी महसूस करना ये भी स्वाइन फ्लू का लक्षण है।
  • स्वाइन फ्लू में तेज ठंड लगती है।

स्वाइन फ्लू से बचाव

  • खांसते या छीकतें समय मुंह पर हाथ या रूमाल रखें।
  • इन्फ्लो जीनम नामक दवा उपयोग कर 2 माह तक आराम लिया जा सकता है।
  • स्वाइन फ्लू में इस दवा को हर दो माह बाद लेना जरुरी है।
  • कुछ आयुर्वेदिक उपाय कर स्वाइन फ्लू के वायरस को पनपने से रोका जा सकता है।
  • मास्क पहन कर ही मरीज के पास जाएं।
  • गिलोय, इलायची एवं कपूर, जावित्री, तेजपत्र, तुलसी, हल्दी आदि का उपयोग कर स्वाइन फ्लू समेत तमाम संक्रमित बीमारियों से बचा जा सकता है।
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