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स्वाइन फ्लू: लक्षण दिखने और इलाज के दौरान करें 7 से 10 दिन आराम

सामान्य फ्लू और स्वाइन फ्लू के वायरस में एक फर्क होता है। स्वाइन फ्लू वायरस में चिड़िया, सुअरों और इंसानों में पाया जाने वाला जेनेटिक मैटेरियल भी होता है।

स्वाइन फ्लू: लक्षण दिखने और इलाज के दौरान करें 7 से 10 दिन आराम

नई दिल्ली.यदि किसी को स्वाइन फ्लू हो गया हो या फिर उसमें लक्षण दिखें, तो सबसे पहले डॉक्टर को दिखाएं। इस दौरान यदि इलाज शुरू होता है, तो व्यक्ति को 7 से 10 दिन तक आराम करना चाहिए। इसके बाद ही घर से बाहर निकलें। वहीं यदि बच्चों को स्वाइन फ्लू होता है, तो इलाज के दौरान उन्हें भी 10 से 15 दिन आराम करने दें। इस दौरान उन्हें स्कूल या कहीं खेलने नहीं जाने दें।

नॉर्मल फ्लू से कैसे अलग

सामान्य फ्लू और स्वाइन फ्लू के वायरस में एक फर्क होता है। स्वाइन फ्लू वायरस में चिड़िया, सुअरों और इंसानों में पाया जाने वाला जेनेटिक मैटेरियल भी होता है। सामान्य फ्लू और स्वाइन फ्लू के लक्षण एक जैसे ही होते हैं, लेकिन स्वाइन फ्लू में यह देखा जाता है कि जुकाम बहुत तेज होता है। नाक ज्यादा बहती है। पीसीआर टेस्ट के माध्यम से ही स्वाइन फ्लू का पता चलता है। स्वाइन फ्लू होने के 48 घंटे के भीतर इलाज शुरू हो जाना चाहिए। पांच दिन का इलाज होता है, जिसमें मरीज को टेमीफ्लू दी जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न : अगर किसी को स्वाइन फ्लू है और मैं उसके संपर्क में आया हूं, तो क्या करूं?

उत्तर :- सामान्य जिंदगी जीते रहें, जब तक फ्लू के लक्षण नजर नहीं आने लगते। अगर मरीज के संपर्क में आने के 7 दिन के अंदर आप में लक्षण दिखते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें।

प्रश्न :अगर साथ में रहने वाले किसी व्यक्ति को स्वाइन फ्लू है, तो क्या मुझे आॅफिस जाना चाहिए?

उत्तर :- हां, आप ऑफिस जा सकते हैं, मगर आपमें फ्लू का कोई लक्षण दिखता है, तो फौरन डॉक्टर को दिखाएं और मास्क का इस्तेमाल करें।

प्रश्न : स्वाइन फ्लू होने के कितने दिन बाद मैं ऑफिस या स्कूल जा सकता हूं?

उत्तर:- स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण दिखने पर वयस्कों को सामान्यत: पांच दिन तक अस्पताल में डॉक्टर आॅब्जर्वेशन में रखते हैं। बच्चों के मामले में 7 से 10 दिन तक इंतजार करने को कहा जाता है। सामान्य परिस्थितियों में व्यक्ति को 7 से 10 दिन तक आराम करना चाहिए, ताकि ठीक से रिकवरी हो सके। जब तक फ्लू के सारे लक्षण खत्म न हो जाएं, वर्कप्लेस से दूर रहना ही बेहतर है।

प्रश्न : क्या किसी को दो बार स्वाइन फ्लू हो सकता है?

उत्तर :- जब भी शरीर में किसी वायरस की वजह से कोई बीमारी होती है, शरीर की प्रतिरक्षा तंत्र उस वायरस के खिलाफ एक प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेता है। जब तक स्वाइन फ्लू के वायरस में कोई ऐसा बदलाव नहीं आता, जो अब तक नहीं देखा गया, किसी को दो बार स्वाइन फ्लू होने की आशंका नहीं रहती, लेकिन इस वक्त फैले वायरस का स्टेÑन बदला हुआ है, जिससे हो सकता है। शरीर के प्रतिरोधक तंत्र इसे नहीं रोक पाएं, तो ऐसे में दोबारा बीमारी होने की आशंका हो सकती है। फ्लू के शुरुआती लक्षण दिखने पर इन्फ्लुएंजाइनम-200 की चार-पांच बूंद, आधी कटोरी पानी में डालकर सुबह-शाम पांच दिन तक लें। इस दवा को बच्चों समेत सभी लोग ले सकते हैं।

इनमें से एक समय में एक ही उपाय आजमाएं

•4-5 तुलसी के पत्ते, 5 ग्राम अदरक, चुटकीभर काली मिर्च पाउडर और इतनी ही हल्दी को एक कप पानी या चाय में उबालकर दिन में 2-3 बार पिएं।

• गिलोय (अमृता) बेल की डंडी को पानी में उबालकर छान लें और पिएं।

• गिलोय सत्व दो रत्ती यानी चौथाई ग्राम पौन गिलास पानी के साथ लें।

• 5-6 पत्ते तुलसी और काली मिर्च के 2-3 दाने पीसकर चाय में डालकर दिन में 2-3 बार पिएं।

• आधा चम्मच हल्दी पौन गिलास दूध में उबालकर पिएं। आधा चम्मच हल्दी गरम पानी या शहद में मिलाकर भी लिया जा सकता है।

और यह भी, वैद्य की राय से इनमें से कोई एक उपाय करें

• त्रिभुवन कीर्ति रस या गोदंती रस या संजीवनी वटी या भूमि आंवला लें। यह सभी एंटी वायरल हैं।

• साधारण बुखार होने पर अग्निकुमार रस की दो गोली दिन में तीन बार खाने के बाद लें।

• बिल्वादि टेबलेट 2 गोली दिन में 3 बार खाने के बाद लें

होम्योपैथी

फ्लू के शुरूआती लक्षण दिखने पर इन्फ्लुएंजाइम-200 की चार-पांच बूंद,आधी कटोरी पानी में डालकर सुबह-शाम पांच दिन तक लें। इस दवा को बच्चों समेत सभी लोग ले सकते हैं।

नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए,डॉक्टर की सलाह से इन दवाओं को लें -
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