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रोज जिम में जाकर हो गए हैं बोर, तो इन खास वॉटर एक्सरसाइज़ से खुद को रखें फिट

स्वीमिंग को शरीर के लिए बहुत ही अच्छी एक्सरसाइज मानी जाती है। इसके अलावा भी कई वाटर एक्सरसाइज हैं, जो शरीर को फिट रखने में सहायक साबित हो सकते हैं। जानिए पानी में किए जाने वाले विभिन्न एक्सरसाइज और उनके फायदों के बारे में।

रोज जिम में जाकर हो गए हैं बोर, तो इन खास वॉटर एक्सरसाइज़ से खुद को रखें फिट
आजकल कई लोग फिटनेस के लिए वाटर वर्कआउट को तरजीह दे रहे हैं। पानी के भीतर एक्वा डंबल्स, वेब्ड ग्लब्स और फ्लोटिंग बेल्ट के माध्यम से पायलट बॉल्स, ट्रेडमिल्स और दूसरी अन्य तरह की एक्सरसाइज आसानी से की जा सकती हैं।
फोम बॉल और वेब्ड ग्लब्स से लचीली और शरीर को मजबूत बनाने वाली वर्कआउट, जिन्हें हम फिटनेस सेंटर यानी जिम में करते हैं, इन्हें पूल के भीतर भी आसानी से किया जा सकता है।
इसका सबसे बड़ा लाभ तो यही होता है कि पानी के भीतर पसीना नहीं आता और एक्सरसाइज करने के दौरान कैलोरीज भी ज्यादा बर्न होती हैं। वर्कआउट के बाद पानी से बाहर आने पर शरीर को नई ताजगी का अहसास भी होता है।

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एक्सरसाइज के टाइप्स

पानी के भीतर किए जाने वाले एक्वा एरोबिक्स से कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस, मजबूती और शरीर में लचीलापन आता है। इसे दूसरी अन्य एक्सरसाइज के साथ भी किया जा सकता है। पानी के भीतर वेट एक्सरसाइज, जॉगिंग, वॉकिंग, स्केटिंग, रनिंग, हाई नी स्प्रिंट्स और स्पीनिंग भी की जा सकती है।
यहां तक कि ट्रेडमिल ट्रेनिंग भी एक ऐसी फिजिकल थेरेपी है, जिसका बहुत फायदा मिलता है। अंडर वाटर ट्रेडमिल इसलिए भी ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि इसमें पानी के भीतर ही काफी दूरी तय की जा सकती है।

भरपूर फायदेमंद

पानी के भीतर एक्सरसाइज का फायदा जिम में की जाने वाली एक्सरसाइज से ज्यादा होता है, क्योंकि इससे हृदय की मांसपेशियों की एक्टिविटी बढ़ने से उनमें रक्तप्रवाह के स्तर में वृद्धि होती है और फेफड़े मजबूत बनते हैं।
पानी के भीतर, पानी के दबाव से शरीर में लगातार मसाज होती है। शरीर पर पड़ने वाले पानी के दबाव से हृदय की मांसपेशियों में रक्तप्रवाह की गति तीव्र होती है और श्वांस प्रक्रिया में सुधार होता है।
वाटर वर्कआउट उन लोगों के लिए भी फायदेमंद होता है, जो वेट लिफ्टिंग एक्सरसाइज जमीन पर आसानी से कर नहीं पाते, इन्हें करने के दौरान जिन्हें शरीर में दर्द होता है। पानी के भीतर वर्कआउट शरीर को सहारा देता है। मध्य उम्र में वजन बढ़ने की समस्या और पेट-जांघों पर जमने वाली वसा को कम करने में भी यह एक्सरसाइज मददगार होती है।
वाटर एक्सरसाइज करने के दौरान लगातार रीढ़ की हड्डी पर पानी के दबाव से शरीर में संतुलन बना रहता है। वाटर वर्कआउट हर लिहाज से सामान्य वर्कआउट से ज्यादा फायदेमंद होता है।

ज्वाइंट्स के लिए लाभदायक

शरीर पर लगातार पानी की थपथपाहट से जोड़ों की भी मसाज होती है। जोड़ों के दर्द में अकसर गर्म पानी से हाइड्रो थैरेपी लेने की सलाह दी जाती है। इससे रक्त के प्रवाह में वृद्धि होती है और ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ने से शरीर के तंतुओं की टूट-फूट और नई कोशिकाओं के पुनर्निर्माण में भी सहायता मिलती है। गर्म पानी, मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है। आर्थराइटिस में यह मांसपेशियों के दर्द से भी राहत दिलाता है।
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