logo
Breaking

रेग्युलर स्वीमिंग से ऐसे बनाएं बॉडी को स्ट्रॉन्ग एंड फिट

बॉडी को स्ट्रॉन्ग और फिट रखने का सबसे कारगर तरीका है-स्वीमिंग।

रेग्युलर स्वीमिंग से ऐसे बनाएं बॉडी को स्ट्रॉन्ग एंड फिट
एक्सरसाइज
बॉडी को स्ट्रॉन्ग और फिट रखने का सबसे कारगर तरीका है-स्वीमिंग। इससे न सिर्फ होल बॉडी की मसल्स एक्टिव होती हैं, बल्कि वो फ्लेग्जिबल भी बनती हैं। दूसरे एक्सरसाइज के मुकाबले इसके जरिए कैलोरी भी ज्यादा बर्न होती है।
स्वीमिंग एक मात्र ऐसी एक्सरसाइज है, जिससे न सिर्फ हार्ट रेट और लंग्स की कैपेसिटी बढ़ती है, बल्कि होल बॉडी मसल्स की एक्सरसाइज हो जाती है। डेली स्वीमिंग करने से लाइफस्टाइस से जुड़े डिजीज होने के कारणों में भी कमी आती है और वेट कंट्रोल में रहता है। दौड़ने और वजन उठाने वाली एक्सरसाइज करने से हमारे ज्वाएंट्स और मसल्स बहुत कम एक्टिव होते हैं यानी, उससे बहुत कम गतिशीलता आती है। लेकिन स्वीमिंग के जरिए हमारे ज्वाएंट्स और मसल्स ज्यादा एक्टिव और फ्लेग्जिबल बनते हैं। एक नजर, स्वीमिंग के बेनिफिट्स पर।
हार्ट के लिए बेनिफिशियल
मेट्रो हॉस्पिटल एंड हार्ट इंस्टीट्यूट, दिल्ली के डायरेक्टर और हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ़. पुरुषोत्तम लाल के मुताबिक, ‘स्वीमिंग ब्लड प्रेशर और हार्ट बीट की रेट को घटाती है, जिस कारण हार्ट और ब्लड कैपिलरीज रिलेटेड प्रॉब्लम होने का खतरा घटता है। अगर आधे घंटे तक फ्रीस्टाइल या ब्रेस्टस्ट्रोक की जाए तो हार्ट अटैक पड़ने का खतरा निश्चित रूप से कम हो सकता है। इसके साथ ही लंग्स की कैपेसिटी भी बढ़ती है। इतना ही नहीं, स्वीमिंग प्रेग्नेंट लेडीज के लिए भी बहुत लाभदायक होता है। इससे उनके स्टमक मसल्स और पीठ यानी बैक मसल्स भी स्ट्रॉन्ग होते हैं। इस कारण प्रेग्नेंसी के दौरान एक महिला के अतिरिक्त वजन उठाने की क्षमता बढ़ जाती है। इससे हाई बीपी और ज्वाएंट्स में अकड़न जैसी प्रेग्नेंसी से जुड़ी दूसरी प्रॉब्लम्स से भी राहत मिलती है। जहां तक हार्ट पेशेंट के स्वीमिंग करने की बात है, तो उन्हें डॉक्टर की सलाह के बाद ही स्वीमिंग करना चाहिए।’
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, किन खास बातों का रखें ध्यान-
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Share it
Top