logo
Breaking

कि‍स कि‍या तो नहीं पैदा होंगे बच्‍चे!

सर्वें में खुलासा हुआ है कि किस करने के दौरान सलाइवा (थूक) के जरिए एक अज्ञात वायरस फैलता है।

कि‍स कि‍या तो नहीं पैदा होंगे बच्‍चे!

नई दिल्ली. इटली में हुए एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि किस करने के दौरान सलाइवा (थूक) के जरिए एक अज्ञात वायरस फैलता है, जिससे महिलाओं में बांझपन का खतरा पैदा हो सकता है। अगली बार जब आप किसी को किस करें तब आप अपने दिमाग में इस बात ख्याल जरूर रखें कि कहीं आपके किस करने से एक और महिला मां बनने में नाकाम रह सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में करीब 10 प्रतिशत महिलाओं में बांझपन की समस्या है।

हेनरी बोडकिन ने द टेलिग्राफ से बात करते हुए कहा कि 'यह पहली बार नहीं जब एचएचवी- 6ए वायरस का जुड़ाव किसिंग से पाया गया है, लेकिन अब तक किसी ने भी इसे बच्‍चे न पैदा होने की समस्या से जोड़ कर नहीं देखा था।'

इटली के यूनिवर्सिटी ऑफ फेरारा में रोबर्टा रिज्जो ने रहस्यमय बांझपन की समस्या वाली 30 महिलाओं के साथ किए गए रिसर्च में पाया कि 13 (43 फीसदी) महिलाओँ के गर्भाशय में एचएचवी-6ए वायरस इंफेक्शन पाया गया। एक और जांच में जांचकर्ताओं ने 36 स्वस्थ महिलाओं में एचएचवी-6ए का वायरस नहीं पाया।

वैज्ञानिकों के लिए एचएचवी-6ए वायरस अभी भी एक बड़ा रहस्य है। इसके अलावा एचएचवी-6ए वायरस और इसी की तरह एचएचवी-6बी वायरस के ज्यादातर संक्रमण गुप्त तरीके से फैलते हैं, मतलब आम तौर पर इनके कोई भी ध्यान देने योग्य लक्षण नहीं दिखते।

रिसर्च में पता चला है कि जिन महिलाओं में एचएचवी- 6ए वायरस पाया गया है, उनमें असामान्य रूप से साइटोकिन्स का उच्च स्तर पाया गया यानी ऐसे सांकेतिक प्रोटीन जो कोशिकाओं को एक-दूसरे से जोड़ते हैं और भ्रूण के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा महिलाओं में हार्मोन एस्ट्राडियोल का भी उच्च स्तर पाया गया। शोधकर्ताओं को ऐसा लगता है कि यह हार्मोन किसी तरह से एचएचवी-6ए इंफेक्शन को सक्रिय करता है।

एक तरफ ये रिजलट्स निराश करते हैं तो वहीं कुछ हद तक एक उम्मीद की किरण भी जगाते हैं, क्योंकि अगर वैज्ञानिकों ने इस इंफेक्शन का इलाज निकाल लिया तो इसका मतलब है कि प्रभावित महिलाएं आइवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) जैसे महंगे और जटिल प्रक्रिया के बगैर बांझपन की समस्या से छुटकारा पा सकती हैं। हालांकि, अभी एचएचवी-6ए और एचएचवी-6बी का कोई सफल इलाज मौजूद नहीं है।

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के एचएचवी-6 विशेषज्ञ एंथनी कोमरॉफ के मुताबिक, यह एक आश्चर्यजनक खोज है। हालांकि वो इस रिसर्च में शामिल नहीं थे। उनका कहना है कि इस खोज में क्षमता है जिससे बांझपन की समस्या से जुझ रही महिलाओं को छुटकारा मिल पाएगा। इस बीच जब तक आपको इससे जुड़े तथ्य पता हैं कि आप क्या फैला रहे हैं तब तक किसिंग बंद करने की जरूरत नहीं है।

साभार- साइंस अलर्ट

खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

Share it
Top