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मोबाइल रात को लेकर ''न'' सोना, निकलती है जहरीली गैस

शोधकर्ताओं ने बैटरियों से निकलने वाली 100 से ज्यादा जहरीली गैसों की पहचान की है

मोबाइल रात को लेकर
लंदन. स्मार्टफोन और टैबलेट्स जैसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में अब आग लगने और फटने की घटनाएं लगतार बढ़ रही हैं। ऐसे में जो लोग बेफिक्र होकर अपने मोबाइल या अन्ये इलेक्ट्रॉंनिक डिवाइस को साथ लेकर सो रहे हैं वे सावधान हो जाएं, क्योंकि आग लगने से भी ज्यादा इसकी एक और बड़ा नुकसान है।
जी हां, आपके फेवरेट स्मा‍र्टफोन से दर्जनों खतरनाक गैसें निकल रही हैं। इसे लेकर शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है। शोधकर्ताओं की एक टीम ने लिथियम-आयन बैटरियों से निकलने वाली 100 से ज्यादा जहरीली गैसों की पहचान की है। इसमें कार्बन मोनोऑक्साइड भी शामिल है। इस वजह से आंख, स्किन और नेजल में जलन की समस्या पैदा हो जाती है। ये गैंसें आसपास के माहौल को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाती हैं।
चीन के इंस्टीट्यूट ऑफ एनबीसी डिफेंस एंड सिन्गुहा यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार, अभी भी बहुत सारे लोग स्मार्टफोन के जरूरत से ज्यादा गर्म होने या खराब चार्जर से चार्ज करने के खतरों को लेकर अनजान हैं।
इंस्टीट्यूट ऑफ एनबीसी डिफेंस के प्रोफेसर जी सन ने कहा, “आजकल दुनिया भर में लोग लिथियम ऑयन बैटरी का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें इसके खतरों के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए।
प्रोफेसर सन और उनके सहयोगियों ने कई कारकों की पहचान की है जो विषाक्त गैसों की मात्रा को बढ़ा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर एक पूरी तरह से चार्ज बैटरी करीब 50 प्रतिशत चार्ज बैटरी के मुकाबले ज्यादा विषैली गैसें निकालती हैं। बैटरी में शामिल रसायन और उनकी चार्ज रिलीज करने की क्षमता भी जहरीली गैसें छोड़ने की मात्रा पर असर डालता है।
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