Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

झुलसे लोगों को नई जिंदगी देगा स्किन बैंक, 80 फीसदी जले हुए व्यक्ति की भी बच सकती है जान

मनुष्य की त्वचा की आठ परतें होती हैं जिसमें से सबसे ऊपरी यानि आठवीं परत को ही निकाला जाता है।

झुलसे लोगों को नई जिंदगी देगा स्किन बैंक, 80 फीसदी जले हुए व्यक्ति की भी बच सकती है जान
नई दिल्ली. झुलसे हुए लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। स्किन बैंक अब ऐसे लोगों को नई जिंदगी देगा। देश में चार स्थानों पर स्किन बैंक खोले जा चुके हैं। इनमें दान की गई स्किन को पीड़ितों को लगाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार इन बैंकों में 80 फीसदी जले हुए व्यक्ति की जिंदगी भी बचाई जा सकती है। भारत में सालाना 70 लाख लोग झुलसते हैं।जिनमें 80 फीसदी महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। स्किन बैंक में कोई भी व्यक्ति स्किन दान कर सकता है। इसमें त्चचा पांच साल तक सुरक्षित रखी जा सकती है।
मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल के कॉस्मेटिक सर्जन सुनील केसवानी ने बताया कि दानकर्ता की मृत्यु के छह घंटे के भीतर त्चचा दान करना जरूरी है। त्वचा निकालने के लिए 30 से 45 मिनट लगते हैं। इसमें एक डॉक्टर, दो नर्स और एक सहायक शामिल होते हैं। त्वचा पीठ पैर और जांघों से निकाली जाती है। दान करने के लिए न्यूनतम आयु 18 साल निर्धारित की गई है। मरने के बाद 100 साल के व्यक्ति की त्वचा भी उपयोग में लाई जा सकती है। त्चचा प्रत्यारोपण के लिए ब्लड ग्रुप समान होना जरूरी नहीं है। किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रत्यारोपित किया जा सकता है।
मनुष्य की त्वचा की आठ परतें होती हैं जिसमें से सबसे ऊपरी यानि आठवीं परत को ही निकाला जाता है। इसके बाद इसकी जांच की जाती है और फिर इसे चार से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच ग्लिसरॉल के घोल में रखा जाता है। स्किन बैंक इस त्वचा को करीब पांच साल तक सुरक्षित रख सकता है। किसी भी उम्र के व्यक्ति को यह स्किन प्रत्यारोपित की जा सकती है।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Top