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गर्भावस्था के दौरान अपनाएं यह 8 आदतें, पैदा होगा ''गूगल ब्वॉय''

मां के गर्भ पर कभी भी सीधी रोशनी न पड़े, यह बच्चे के लिए खतरनाक हो सकती है।

गर्भावस्था के दौरान अपनाएं यह 8 आदतें, पैदा होगा
नई दिल्ली. गर्भवती महिला की कुछ आदतें उसके आने वाले शिशु के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके दिमाग पर भी प्रभाव करती हैं। यह बात सिद्ध हो चुकी है कि जो गर्भवती महिला करती है, उसका पूरा-पूरा असर उसकी आने वाली संतान पर होता है।
आज यहां हम आपको छह ऐसी महत्वपूर्ण बातें बताने जा रहे हैं जिसका ख्याल एक गर्भवती महिला को अवश्य रखना चाहिए। केवल वह महिला ही क्यों, शिशु के होने वाले पिता एवं परिवार के अन्य सदस्यों को भी ध्यान रखना चाहिए कि गर्भधारण के दौरान वह विशेष महिला इन छह बातों को दिमाग में रखकर ही चले, ताकि बच्चा तेज़ दिमाग लेकर पैदा हो।
1. मां की आवाज़
मां क्या खाती है, क्या देखती है, क्या सुनती है एवं क्या महसूस करती है, इसका सीधा असर होने वाले शिशु पर होता है। साइंस ने यह साबित किया है कि प्रेग्नेंसी के दौरान एक महिला जो भी करती है, उसका सीधा असर गर्भ में पल रहे शिशु पर होता है। इसलिए उसे हमेशा सचेत रहना चाहिए।
2. मस्तिष्क तेजी से बढ़ता है
इससे उसका मस्तिष्क तेजी से बढ़ता है। चिकित्सिकों की मानें तो गर्भधारण के 23वें हफ्ते के बाद गर्भ में पल रहा बच्चा कुछ आवाजों पर रिस्पॉन्स भी देना शुरू कर देता है और मां की आवाज तो उसके लिए सबसे खास होती है।
3. पौष्टिक आहार सबसे जरूरी
जैसा कि हमने शुरुआत में ही कहा था, मां क्या खाती है इसका प्रभाव होने वाले शिशु पर अवश्य होता है। साधारण आहार, तला हुआ, मिर्च-मसाले वाला, मीठा या तैलीय पदार्थ, जो भी मां खाएगी उसका स्वाद बच्चे तक जरूर पहुंचता है।
4. मां क्या करती है
क्या आप जानते हैं कि मां की छुअन भी बच्चे के मानसिक विकास को प्रभावित करती है? वह कहां बैठी है, किस वातावरण में है, यह एक महत्वपूर्ण बात है। डॉक्टर कहते हैं कि मां के गर्भ पर कभी भी सीधी रोशनी न पड़े। यह बच्चे के लिए खतरनाक हो सकती है। साथ ही मां के सोने का तरीका, उठने-बैठने और चलने का तरीका भी बच्चे के मानसिक विकास के लिए जिम्मेदार होता है।
5. तनाव से रहें दूर
तनाव एक गर्भवती महिला के लिए सबसे खतरनाक चीज़ है। इसके चलते कई बार नॉर्मल प्रेग्नेंसी में भी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। गर्भावस्था के दौरान अगर मां तनाव लेती हैं तो इसका नकारात्मक परिणाम बच्चे को भी भुगतना पड़ सकता है।
6. डॉक्टर की सलाह
इसलिए डॉक्टर यही सलाह देते हैं कि मां को हमेशा शांत एवं खुश रहना चाहिए। इससे बच्चे का मानसिक विकास होता है एवं बच्चा तेज़ दिमाग वाला पैदा होता है। यह जिम्मेदारी अकेली गर्भवती महिला की ना होकर, संपूर्ण परिवार की होनी चाहिए।
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