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कुछ लोग तो ऐसे भी होते हैं जो केवल बात करना चाहते हैं लेकिन किसी भी किमत पर अपनी पहचान नहीं बताना चहते। रिपोर्ट के अनुसार एचआईवपी में गिरावाट भी दर्ज की गई है। साल 2000 में एचआईवी का आकंडा जहां 0.41 प्रतिशत था वही यह घट कर साल 2011 में 0.27 प्रतिशत पर आ गया। यह एक अच्छी बात है लोगों में इस बात को लेकर जागरूक्ता पैदा हो रही है लेकिन उन सभी पुरुषों के लिए यह एक खतरा है जो अलग अलग जगह पर अलग अलग व्यक्ति से सेक्स करते हैं।

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