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जानें क्या होता है हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर और इसका लव हॉर्मोन से संबंध

आज के दौर में बढ़ते यौन अपराध, यौन शोषण और महिलाओं या बच्चियों के अश्लील इशारों की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर क्यों लोग इस तरह का व्यवहार क्यों करते हैं। दरअसल, ऐसा करने वाले लोग हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर नामक बीमारी से पीड़ित होते हैं। इसे यौन व्यवहार विकार के रुप में पहचाना जाता है। आइए जानते हैं क्या है हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर और लव हार्मोन से संबंध...

जानें क्या होता है हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर और इसका लव हॉर्मोन से संबंध
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what is hypersexual disorder and its relation to love hormone in hindi

आपने अक्सर शरीर में रिलीज होने वाले लव हॉर्मोन के बारे में जरुर सुना होगा। इस रसायन के शरीर में उत्पन्न होने पर व्यक्ति को खुशी के साथ एक बेहद अजीब सी बैचेनी या घबराहट महसूस होती है, जिसे चिकित्सीय भाषा में हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर या ओवरएक्टिव सेक्स ड्राइव नाम से पुकारा जाता है। ऐसे में आज हम आपको हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर क्या होता है, इसके कारण, लक्षण और उपचार के बारे में बता रहे हैं।

हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर क्या होता है (What is Hypersexual Disorder)

हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर एक मानसिक विकार है। जिससे पीड़ित व्यक्ति तंबाकू, शराब की तरह सेक्स या यौन संबंधों को बार-बार बनाने की इच्छा को महसूस करता है। यह व्यक्ति के मस्तिष्क में होने वाले रासायनिक परिवर्तन की वजह से होता है।

हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर का लव हॉर्मोन से संबंध (Hypersexual Disorder Related to Love Hormone)

हम सभी के शरीर में समय-समय पर अलग-अलग तरह के हॉर्मोन या रयायन रिलीज होते हैं, जो हमारे मूड को अच्छा और खराब करने में अहम भूमिका निभाते हैं, ऐसे ही ऑक्सीटोसिन नामक हॉर्मोन रिलीज होता है। ऑक्सीटोसिन आमतौर पर आपके सबसे करीबी व्यक्ति के साथ होने पर रिलीज होता है, जिससे आपको अच्छा और खुशी फील होती है, इसलिए इसे लव हॉर्मोन भी कहा जाता है।

लेकिन जब ये खुशी की जगह आपके पार्टनर के लिए एक डर और आपके लिए उसे पाने का जुनून बन जाता है, तो इसे हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर कहा जाता है। इसके अलावा यौन क्रियाओं को मजबूरी में करने को हाइपरसेक्सुअल माना जाता है।

हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर या ओवरएक्टिव सेक्स ड्राइव को WHO ने भी इम्पल्स कंट्रोल डिसऑर्डर (Impulse control disorder) के रुप में गंभीर माना है। इस स्थिति में व्यक्ति डिस्फोरिक मूड स्टेट्स यानि तनावपूर्ण जीवन की घटनाओं का जवाब देने के रुप में व्यवहार करते हैं। वैश्विक स्तर पर 3-6 फीसदी आबादी हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर को प्रभावित करती है।

हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर के कारण (Causes of Hypersexual Disorder)

शरीर में होने वाले रासायनिक बदलाव होना

शरीर में होने वाले रासायनिक बदलावों की वजह से हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर या सेक्स के प्रति रुचि बढ़ जाती है। इस स्थिति में पीड़ित के मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर के अंतर्गत आने वाले डोपामाइन, सेरोटोनिन और न्यूरोपाइनफ्रिन हार्मोन्स की अधिकता होने सेक्स संबंधी विचार बढ़ जाते हैं।

बचपन में किसी हादसे का शिकार होना

कई बच्चों को बचपन में बड़ों के जरिए दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है, जिसका नकारात्मक असर या छाप जीवन भर के लिए मस्तिष्क में रहती है, जिसके फलस्वरुप मानसिक विकास प्रभावित होता है और उसमें वयस्क होने पर महिलाओं या पुरुषों के प्रति गुस्सा हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर के रुप में देखने को मिलता है।

हॉर्मोन्स के बदलाव

महिला और पुरुष दोनो में ही समान रुप से सेक्स संबंधी एंड्रोजन नामक हॉर्मोन पाया जाता है। एंड्रोजन व्यक्ति की कामेच्छा यानि लिबिडो को बढ़ाने में मदद करता है। लेकिन एंड्रोजन की शरीर में अधिकता होने पर ये हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर के रुप में बदल जाती है।

हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर के होने के लक्षण (Symptoms of Hypersexual Disorder)

ज्यादा हस्तमैथुन करना

अगर व्यक्ति सप्ताह में 3-4 बार से अधिक हस्तमैथुन करता है, तो वो हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर से पीड़ित है, ऐसे में कुछ समय बाद पीड़ित अन्य यौन क्रियाएं भी करने लगते हैं।

अक्सर सेक्स के बारें में सोचना

हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर होने पर व्यक्ति बार-बार अलग-अलग तरह से सिर्फ सेक्स के बारे में सोचता है। यौन अपराध में बढ़ोतरी होना भी हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर का एक संकेत है।

अश्लील फिल्मों को बहुत ज्यादा देखना

हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर में पीड़ित व्यक्ति को सेक्स करने की लत लग जाती है जिसे कम करने के लिए वो अश्लील फिल्मों और तस्वीरों का सहारा लेता है।

अधिक लोगो से संबंध बनाना

हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति पार्टनर के अलावा अन्य लोगों के साथ भी संबंध बनाने के लिए आसानी से तैयार हो जाता है, जो कई बार जानलेवा एड्स यानि HIV जैसी गंभीर बीमारी का कारण भी बन जाता है।

हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर के होने का उपचार (Treatment of Hypersexual Disorder)

हाइपरसेक्सुअल डिसऑर्डर से मुक्त होना बेहद सरल है। इसके लिए आपको फैमली थेरेपी, दवाओं के सेवन, साइकोथेरेपी और काउसिलिंग के जरिए भी मात दी जा सकती हैं, इसके अलावा ध्यान करना बेहद सरल उपाय है।

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