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इन 5 तरीकों से पहचानें पार्टनर का प्यार है या इमोशनल अत्याचार...

Relationship Tips: प्यार वैसे तो बेहद खूबसूरत एहसास होता है, जिसमें लोग अक्सर दूसरों की खुशी के लिए अपने आपको पूरी तरह से बदल लेता है। यहां तक कि कई बार अपनी इच्छा और अपने परिवार तक से लड़ जाते हैं। लेकिन प्यार क्या है। ये कोई पूरी तरह से नहीं बता पाता है कि प्यार एक केमिकल इक्वेशन या इमोशनल डिपेंडेन्सी ये कहना बेहद मुश्किल है। जिसकी वजह से कई पार्टनर प्यार के नाम पर अपने पार्टनर का अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल करने लगता है। जिसे इमोशनल आत्याचार कहा जाता है। वैसे प्यार और इमोशनल आत्याचार में अंतर करना आसान नहीं होता है। इसलिए आज हम आपको प्यार और इमोशनल आत्याचार के अंतर को पहचानने का तरीके बता रहे हैं।

इन 5 तरीकों से पहचानें पार्टनर का प्यार है या इमोशनल अत्याचार...
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Relationship Tips: प्यार वैसे तो बेहद खूबसूरत एहसास होता है, जिसमें लोग अक्सर दूसरों की खुशी के लिए अपने आपको पूरी तरह से बदल लेता है। यहां तक कि कई बार अपनी इच्छा और अपने परिवार तक से लड़ जाते हैं। लेकिन प्यार क्या है। ये कोई पूरी तरह से नहीं बता पाता है कि प्यार एक केमिकल इक्वेशन या इमोशनल डिपेंडेन्सी ये कहना बेहद मुश्किल है। जिसकी वजह से कई पार्टनर प्यार के नाम पर अपने पार्टनर का अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल करने लगता है। जिसे इमोशनल आत्याचार कहा जाता है। वैसे प्यार और इमोशनल आत्याचार में अंतर करना आसान नहीं होता है। इसलिए आज हम आपको प्यार और इमोशनल आत्याचार के अंतर को पहचानने का तरीके बता रहे हैं।

प्यार और इमोशनल आत्याचार के अंतर को पहचानने का तरीके :

1. अगर आपका पार्टनर आपके पर्सनल स्पेस यानि निजी जिंदगी के हर मामले में तांक-झांक करने लगे यानि आपकी हर छोटी-बड़ी बात को जानने की कोशिश करे। आपको दोस्तों या परिवार के साथ टाइम स्पेंड न करना दे, तो ये प्यार नहीं इमोशनल आत्याचार है। जिसे समय रहते उससे बाहर आ जाएं।

2.प्यार में अक्सर लोग पार्टनर के लिए खुद में बदलाव लाते हैं, लेकिन अगर आप पार्टनर के मुताबित यानि उसकी पसंद के कपड़े पहनना, खाना खाना आदि करना प्यार नहीं, इमोशनल आत्याचार है। तुरंत ऐसी रिलेशनशिप से बाहर आ जाएं।

3.अगर आप हमेशा अपने पार्टनर के बारे में सोचते हैं। उससे बात न होने या मैसेज का रिप्लाई न आने पर परेशान होना। नकारात्मक विचारों की वजह से तबीयत खराब करना। प्यार नहीं बल्कि पार्टनर पर इमोशनल डिपेंडेसी है। जिसकी वजह से आप आसानी से इमोशनल आत्याचार का शिकार बन सकते हैं।

4.रिलेशनशिप के अलावा भी दोनों ही पार्टनर्स का पर्सनल स्पेस होता है। ऐसे में हमेशा ये सोचना कि आपका पार्टनर दिन के 24 घंटे आपसे जुड़ा रहे या आपके बारे में ही सोचें या आपके मुताबिक ही काम करे। ऐसे में न सुनने की आदत डालें। क्योंकि ये प्यार नहीं, इमोशनल आत्याचार कहलाएगा।

5.अगर आप रिलेशनशिप के अलावा भी अपनी हॉबीज, फैमिली या दोस्तों के साथ वक्त बिता पाते हैं। अगर नहीं, तो ये प्यार नहीं,इमोशनल आत्याचार हैं। जिसमें आप पूरी तरह से सिर्फ एक पार्टनर पर डिपेंड हो गए हैं। लंबे समय तक ऐसे रहने पर आप मानसिक रूप से बीमार भी हो सकते हैं। ऐसें में संभल जाएं और लाइफ को पूरी तरह से इंज्वॉय करें।

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