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Success Mantra : लाइफ और करियर में सक्सेस पाने के अचूक मंत्र

Success Mantra : अपनी मनचाही मंजिल पाने का सपना देखना तो आसान है लेकिन उसे हासिल करने की राह आसान नहीं होती है। कई बार इस राह पर चलते हुए हमें असफलता भी मिलती है। इस वजह से निराशा घेर लेती है। लेकिन कुछ बातों पर अमल किया जाए तो अपनी मंजिल तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।

लाइफ और करियर में सक्सेस पाने के अचूक मंत्र
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Success Mantra for Life and Career in hindi

Success Mantra : कई बार दूसरों की कामयाबी देखकर, उनका ऊंचा मुकाम देखकर मन में ख्याल आता है कि यह तो मैं भी कर सकती थी लेकिन परिवार का साथ नहीं मिला,समय नहीं मिला, सही मौका नहीं मिला। अगर ऐसी बातें आपके जेहन में हैं तो यकीन मानिए आप आगे भी कभी कुछ हासिल नहीं कर पाएंगी। मनचाही मंजिलतक पहुंचने के लिए खुद अपनी राह तय करनी होती है। समय, समाज या परिवार-रिश्तेदार आपकी मंजिल की राहों में हमेशा साथ नहीं देते हैं। आपको अपनी राहोंसे कांटे खुद ही हटाते हुए आगे बढ़ना होता है, तभी आपको अपनी मंजिल मिलती है, आप सफल होती हैं।

मंथन करें

सबसे पहले आपका यह जानना जरूरी है कि क्या आप सच में नई राह पर चलने के लिए तैयार हैं? आप के अंदर सचमुच कुछ कर दिखाने की इच्छाशक्ति है याफिर आप कुछ पलों के लिए किसी से प्रभावित होकर, कुछ नया करने का फैसला कर रही हैं? अगर ऐसा है तो आपका हौसला और आपके कदम जल्दी ही थकजाएंगे। इसके बजाय अपने सपने पूरे करने के लिए,मंजिल तक पहुंचने के लिए आपके पास ऐसी वजह और प्रोत्साहन होना आवश्यक है, जो आपको अपने पथ परअडिग रखे। इसके लिए सबसे पहले खूब अच्छी तरह विचार करें और जब निश्चय दृढ़ हो तभी नई राह की तरफ कदम बढ़ाएं।

पहचानें अपनी काबिलियत

किसी की देखा-देखी ऐसा काम न करें, जिसमें आपको इंट्रेस्ट नहीं है। अपने हुनर, अपनी काबिलियत को पहचानें, आप दिल से क्या करना चाहती हैं, यह जाननेकी कोशिश करें, फिर नई राह पर अपने कदम बढ़ाएं। अगर अपने लक्ष्य को लेकर जुनून है तो आपके लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं है, बस जरूरत है अपने अंदरछिपी प्रतिभा और इच्छाशक्ति को पहचानने की, अपने निश्चय को दृढ़ करने की।

नाकामयाबी से न हों हताश

जब हम कोई नया काम शुरू करते हैं तो वह ठीक उसी तरह होता है, जैसे छोटा बच्चा चलना सीख रहा हो। जब बच्चा चलना शुरू करता है तो वो गिरता है,लेकिन फिर से उठता है, फिर से कोशिश करता है और देखते ही देखते कुछ ही दिनों में अपनी कोशिशों से दौड़ने लगता है। उदाहरण भले ही सामान्य है लेकिनयही कामयाबी का मूल मंत्र है। अगर हार के डर से हम कोशिश ही नहीं करेंगे या फिर छोटी सी नाकामयाबी पर हताश होकर ठहर जाएंगे, अपनी राहें मोड़ लेंगे यामंजिल बदल लेंगे तो कभी भी अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाएंगे।

जिम्मेदारी लेना सीखें

इस बात को भी समझना होगा कि नई राह पर चलने का फैसला आपका है तो उसे लेकर जिम्मेदारी भी आपकी है। अगर किसी कदम पर गलती हो जाती है तोउसकी भी जिम्मेदारी लें। उन गल्तियों को किसी और के ऊपर थोपने या परिस्थितियों को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश न करें। गल्तियों की जिम्मेदारी लेने सेआप अंदर से मजबूत बनेंगी, आपको अधिक मेहनत और सतर्कता से काम करने की प्रेरणा मिलेगी। आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा, आपके व्यक्तित्व में निखारलाएगा।

गल्तियां न दोहराएं

नई राह पर चलने में गल्तियां होना स्वाभाविक है, उनकी जिम्मेदारी लेना भी ठीक है लेकिन अपनी गल्तियों को दोहराने से बचना जरूरी है। एक ही गलती बार-बारमत कीजिए। आप एक ही गलती को दोहराती रहेंगी तो न आप आगे बढ़ पाएंगी और न ही मंजिल तक पहुंच पाएंगी।

लेखिका -मिशा शर्मा

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