Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Relationship Tips: इमोशनल डंपिंग से बचने के लिए कैसे करें सीमाएं निर्धारित, जानें सुझाव

Relationship Tips: हम रिलेशनशिप को एक सामूहिक भावनात्मक यात्रा (Emotional Journey) के रूप में देखना शुरू करते हैं और यह हमें भावनात्मक डंपिंग (Emotional Dumping) करने में सक्षम बनाता है। इमोशनल डंपिंग पिछले अनुभव के बारे में बार-बार बात करने और समाधान की तलाश किए बिना फिर से जीने और बात करने का एक पैटर्न है।

Relationship Tips: इमोशनल डंपिंग से बचने के लिए कैसे करें सीमाएं निर्धारित, जानें सुझाव
X

Relationship Tips: किसी भी रिश्ते में जब तक इंसान भावनात्मक रूप (Emotionally Connected) से जुड़ा हुआ नहीं होता है, तब तक वह रिश्ता अधूरा सा लगता है। आप जब किसी के साथ रिलेशनशिप (Relationship) में आते हैं तो सबसे पहले उस इंसान से आप इमोशनली कनेक्ट होना चाहते हैं क्योंकि बिना किसी भावना के कोई रिश्ता ठीक तरह से पनपता नहीं है। रिश्ते में, हम अक्सर अपने पार्टनर की इमोशनल जरूरत बन जाते हैं। रिलेशनशिप में प्यार के साथ-साथ कई अन्य भावनाएं भी शामिल होती हैं। हम जाने- अनजानें अक्सर अपने साथ रिलेशनशिप में हुईं पिछली चीजों को अपने पार्टनर के साथ शेयर करते रहते हैं, बिना इस बात को सोचे समझें कि ऐसे ही कई अनुभव हमारे पार्टनर के पास भी हो सकते हैं, जिनका हम हिस्सा नहीं रहे हैं।

हम रिलेशनशिप को एक सामूहिक भावनात्मक यात्रा (Emotional Journey) के रूप में देखना शुरू करते हैं और यह हमें भावनात्मक डंपिंग (Emotional Dumping) करने में सक्षम बनाता है। इमोशनल डंपिंग पिछले अनुभव के बारे में बार-बार बात करने और समाधान की तलाश किए बिना फिर से जीने और बात करने का एक पैटर्न है। यह ज्यादातर कनेक्शन लेने के इरादे से किया जाता है। हालांकि, दूसरे छोर पर इसे दैनिक आधार पर सुनने वाले व्यक्ति के लिए यह बहुत मुसीबत भरा हो जाता है। यहां हम आपको इमोशनल डंपिंग के कुछ लक्षणों के बारे में बताएंगे जिनसे आप इसकी पहचान कर सकते हैं।

  • बातचीत हमेशा उनके अनुभवों के बारे में होती है। अपने भावनात्मक अनुभवों को साझा करने के लिए आपके लिए ज्यादा जगह नहीं बचती है। ऐसे में आप अपने पार्टनर के साथ जुड़ाव महसूस कर पाना बंद कर देते हैं।
  • वह व्यक्ति कभी भी अपने भावनात्मक अनुभवों को सुनने में आपकी सहमति या रुचि नहीं लेता है।
  • वे एक ही समस्या के बारे में बार-बार बात करते रहते हैं, बिना समाधान खोजने की कोशिश किए।
  • बातचीत से आप तनावग्रस्त हो जाते हैं और आपका शरीर निराश होने लगता है।

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इमोशनली डंप होने से खुद को रोकने का एकमात्र तरीका इसके बारे में बात करना है। समस्या का समाधान खोजने की कोशिश करना इसे देखने का एक तरीका हो सकता है। कभी-कभी जब हम बार-बार बातचीत से थक जाते हैं, तो हम दूसरे व्यक्ति को भी बता सकते हैं। हम उनसे बातचीत करने के लिए भी कह सकते हैं जहां हम दोनों भाग ले सकें ताकि थकान न लगे।

नोट: यहां दी गई जानकारी सामान्य ज्ञान पर आधारित है, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले एक बार विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

और पढ़ें
Next Story