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New Year 2020 : न्यू ईयर पर होते हैं ज्यादा ब्रेकअप, जानिए आखिर क्यों

New Year 2020 : आमतौर पर नए साल पर अधिकांश लोग अपने पार्टनर्स के साथ हॉली डे इंज्वॉय करना पसंद करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नए साल पर दुनिया में ब्रेकअप और डिवोर्स (तलाक) होने की संख्या बढ़ जाती है। इस बात का खुलासा एक शोध में हुआ है, जिसके मुताबिक नए साल के पहले महीने में अन्य महीनों की तुलना में सबसे ज्यादा ब्रेकअप और तलाक होते हैं।

New Year 2020 : जानिए आखिर क्यों न्यू ईयर पर होते हैं ज्यादा ब्रेकअप
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न्यू ईयर 2020 / ये हैं नए साल पर ब्रेकअप होने के कारण

New Year 2020 : न्यू ईयर लोगों की लाइफ में एक नई उमंग, उम्मीदें, नई दिशा, अपनों के साथ अपनेपन और खुशियों के बहुत सारे रंग लेकर आता है, लेकिन कुछ लोगों के लिए नया साल दुख और ब्रेकअप का कारण भी बन जाता है। हाल ही एसेक्स विश्वविद्यालय में कपल्स पर हुए एक शोध से इस बात का खुलासा हुआ है कि नए साल पर कपल्स में ब्रेकअप और डिवोर्स होने के मामलों में इजाफा हो जाता है। इस शोध में लगभग 447 कपल्स को शामिल किया गया, जिससे दो बातें सामने आई, जिसके मुताबिक लोग कुछ कारणों की वजह से अपनी लाइफ के सबसे अहम रिश्ते को तोड़ने को बेहतर समझते हैं, जबकि कुछ मुसीबतों को झेलते हुए उसी रिश्ते में बरकरार रहना पसंद करते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर न्यू ईयर पर क्यों होती हैं रिलेशनशिप खत्म या न्यू ईयर पर ब्रेकअप होने के कारण...

न्यू ईयर पर ब्रेकअप होने के कारण


1. विश्वास में कमी होना

किसी भी रिश्ते को लंबे समय तक बरकरार रखने के लिए उसमें अपनेपन और प्यार के अलावा आपसी विश्वास का होना बेहद जरुरी होता है। ऐसे में अगर रिश्ते में विश्वास घटने लगे, तो उसमें दरार आना तय हो जाता है। आज के दौर में काम की वजह से अक्सर लोग ज्यादा से ज्यादा समय के लिए घर से दूर बिताते हैं। ऐसे में ठीक कम्यूनिकेशन न होने पर पार्टनर्स में विश्वास की दीवार कमजोर होने लगती है। लगातार लंबे समय तक ऐसा रहने पर साल के अंत तक आते आते रिश्ते में विश्वास में बेहद कमी आने लगती है। जिससे रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच जाता है।

2. रोजाना लड़ाई होना

अगर आपके रिश्ते में रोजाना लड़ाई होना काफी कॉमन हो गया है, तो ऐसे में स्थिति को संभालना बेहद मुश्किल हो जाता है। क्योंकि आमतौर पर पार्टनर्स लड़ाई के दौरान एक दूसरे को गुस्से में काफी दिल दुखाने वाली बात बोल जाते हैं। जिससे रिश्ते में अपनेपन और प्यार में कमी आने लगती है। लंबे समय तक ऐसा रहने पर साल के अंत में रिश्ते में ब्रेकअप होने की आशंका बढ़ जाती है।


3. पार्टनर की तेजी से पसंद बदलना

कुछ लोग स्वभाव से बेहद चंचल होते हैं। जिसकी वजह से वो किसी एक पार्टनर के साथ लंबे समय तक नहीं रह पाते हैं। जिससे वो कुछ कुछ समय के अंतराल पर रिश्ते में बदलाव लाते हैं यानि रिलेशनशिप में ब्रेकअप करने से भी गुरेज नहीं करते हैं। जबकि कई बार लड़कियां अपने पार्टनर की ऐसी हरकतों यानि अन्य लड़कियों के साथ रिलेशन होने पर उनसे दूर होना ही बेहतर समझती है।

4. पार्टनर की पर्सनेलिटी मैच न करना

रिश्तों के टूटने की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक पार्टनर की पर्सनेलिटी का परफेक्ट न होना होता है। क्योंकि कई बार पेरेंट्स के प्रेशर में, अरेंज मैरिज होने पर, अपनी पसंद का पार्टनर न होने पर भी लोगों में विश्वास, अपनापन और प्यार नहीं पनप पाता है। जिसकी वजह से कई बार रिलेशन लंबे समय तक नहीं चल पाता है और वो टूट जाता है। इसमें कई बार कपल्स को अपने पार्टनर के पहनावे, बोलचाल या दूसरों के साथ बिहेव करने के तरीकों को लेकर कई मनमुटाव रहते हैं। जिसकी वजह से बार बार टोकना भी पार्टनर के आत्मविश्वास में कमी होना और दूसरों से कमतर समझने की आदत शुरु हो जाती है। जो पार्टनर के साथ ही रिश्ते को भी खोखला कर देती हैं।


5. खराब सेक्स लाइफ

रिलेशनशिप में प्यार और अपनेपन के अलावा फिजीकल रिेलेशन और सेक्स लाइफ में भी बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। अगर आप बार-बार अपने पार्टनर के साथ तमाम कोशिशों के बाद भी सेक्स लाइफ को सही से इंज्वॉय नहीं कर पा रहे हैं, तो ऐसे में कुछ लोग खासकर युवा अपने रिश्ते को खत्म करना ही बेहतर समझते हैं। क्योंकि आज के दौर में युवाओं में सेक्स के प्रति झुकाव इमोशनल रिलेशन की तुलना में बेहद ज्यादा हो गया है।

रिश्ते को बरकरार रखने वाली प्रमुख वजह :

इस शोध में जहां साल की शुरुआत में रिश्ते को खत्म करने वाले कारणों को खोजा गया, तो उसके साथ ही रिश्ते को मजबूत बनाने वाले कुछ सकारात्मक पहलू भी सामने आए या यूं कहें कि जिसकी वजह से अक्सर लोग अपने रिश्ते में खुश और संतुष्ट न होने पर भी रिश्ते को निभाने को मजबूर रहते हैं। इनमें पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या ज्यादा होती है। आइए जानते हैं उन्हीं वजहों को जो रिश्ते को लंबे समय तक बनाए रखने में कुछ लोगों को मदद करती है।


फैमिली और सोशल प्रेशर

आपने भी अक्सर अपने आसपास कई लोगों को देखा होगा, जो मैरिड लाइफ में खुश न होने पर भी अपने पति या पत्नी के साथ लंबे समय तक साथ रहना पसंद करते हैं। ऐसा अक्सर वो फैमिली और सोशल प्रेशर की वजह से करते हैं। ऐसे रिश्तों को निभाने में सबसे ज्यादा महिलाएं शामिल होती हैं, जो एक नाखुश रिश्ते को परिवार और समाज के लिए लगभग पूरी जिंदगी बनाए रखती हैं।

इमोशनल अटैचमेंट

वैसे तो कपल्स का रिश्ता समान प्यार, समर्पण और विश्वास पर टिका होता है, लेकिन कई बार रिश्ते में इनकी कमी होने पर भी पार्टनर की हर कमी को बर्दाश्त करने को तैयार रहता है और अपने बूते पर इसे लंबे समय तक चलाने की कोशिश करता है। ऐसे में कई बार पार्टनर अपने पति या पत्नी की बदतमीजी, मारपीट और परिवार या अन्य लोगों के सामने अपमानित होने जैसी घटनाओं को भी नजरअंदाज करते रहते हैं। इसका कारण होता है उसका पार्टनर के लिए इमोशनल अटैचमेंट होना।


फाइनेशिंयल रिजिन्स

आज भी देश के कई हिस्सों में महिलाएं अपनी और अपने बच्चों की जरुरतों (भोजन, औषधि, शिक्षा) की पूर्ति, आर्थिक स्थिति को सामान्य को सामान्य बनाने के लिए एक असंतुष्ट रिश्ते को बनाए रखने के लिए मजबूर रहती हैं। ये सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के बहुत सारे देशों में आज भी होता है। इसके लिए कई बार महिलाएं पति या पति के परिवार की मारपीट, शोषण तक को बर्दाश्त करती हैं। जो बेहद चिंता का विषय है। क्योंकि इससे महिलाओं के साथ बच्चों के मानसिक और शारीरिक भी बेहद बुरा असर पड़ता है।

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