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International Charity Day 2019 : अंतर्राष्ट्रीय दान दिवस 5 सितंबर को, जानें दान का महत्व और इससे जुड़े रोचक तथ्य

International Charity Day 2019 5 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय दान दिवस 2019 है, इस दिन पूरी दुनिया में लोग अपने से गरीब और जरुरतमंद लोगों को उनकी जरुरत का सामान देकर मदद करते हैं। जिससे वो अपना जीवन यापन सही से कर सकें। इसमें भोजन, कपड़े और दवाईयां प्रमुख रुप से दी जाती हैं। दान को हर धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय दान दिवस के अवसर पर हम आपको दान का महत्व और इससे जुड़े रोचक तथ्यों के बारे में बता रहे हैं।

International of Charity Day 2019 : अंतर्राष्ट्रीय दान दिवस पर जानें, दान का महत्व और इससे जुड़े रोचक तथ्य
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International Charity Day 2019 Theme Date 5 September Charity Importance Charity Day Interesting Facts In Hindi

International of Charity Day 2019 : आपने हमेशा अपने घर में बड़े लोगों से दान करने के बारे में सुना होगा। आमतौर पर धार्मिक अनुष्ठानों के बाद गरीब और जरुरतमंद लोगों में भोजन,कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुओं को दान करना शुभ माना जाता है। लेकिन दुनिया में कई देशों में सैंकड़ों लोगों के गरीबी रेखा के नीचे रहने की वजह से UN द्वारा विकसित देशों से उनकी मदद करने और उनके जीवन स्तर को उठाने के लिए दान करने की अपील करते हुए हर साल 5 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय दान दिवस ( International of Charity Day) मनाने की शुरुआत हुई। आइए जानते हैं अंतर्राष्ट्रीय दान दिवस मनाना कब शुरु हुआ, दान का महत्व और दान से जुड़े रोचक तथ्य....




कब शुरु हुआ / When did it start

साल 2012 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा हर साल 5 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय दान दिवस मनाने की शुरुआत हुई। इस दिवस को मनाने का प्रस्ताव साल 2011 में हंगरी ने अपनी संसद में रखा और सरकार के समर्थन से एक अंतर्राष्ट्रीय नागरिक समाज के रुप में अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाने की कल्पना की गई थी। हंगरी सरकार ने दान इकट्ठा करने के लिए की गई रेस का आयोजन के सफल होने पर साल 2012 में इसे संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इंटरनेशनल चैरिटी डे मनाने की घोषणा कर दी। जिसके बाद इसे सलाना रुप से मनाया जाने लगा है।

अंतर्राष्ट्रीय दान दिवस क्यों शुरु किया गया / Why started International of Charity Day

आज जब दुनिया के बहुत से देश चांद और मंगल तक पहुंच गए हैं, वहीं कुछ देश ऐसे भी जहां के लोगों को अपना और परिवार का पेट भरने के लिए कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है। दुनिया के सबसे गरीब देशों में इथोपिया,लेबनान,सुडान, जैसे अफ्रीका के देश प्रमुख हैं। इन देशों में लोगों के जीवन स्तर को उठाने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने सामूहिक रुप से दुनिया के विकसित देशों, गैर सरकारी संगठनों के बीच दान देने के प्रति जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 5 सितंबर को मनाने की शुरुआत की।

दान को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय, राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर जागरुकता अभियान और कई समारोह का आयोजन किया जाता है। UN की यूनिसेफ संस्था (UNICEF) अफ्रीका के देशों में गरीब लोगों के जीवन स्तर को उठाने में मदद कर रही है। UN ने साल 2015 में गरीबी उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता को जरुरी मानते हुए साल 2030 तक का एजेंडा घोषित किया गया है जिसके मुताबिक वैश्विक स्तर पर चैरिटी के माध्यम से साल 2030 तक दुनिया को गरीबी मुक्त बनाया जा सके।




दान का महत्व / Importance of Donation

प्राचीन काल से ही दान को हर धर्म में सर्वोपरि कर्म माना गया है। ऐसे में वेद-पुराणों में भी दान का महत्व और दान में क्या देना चाहिए क्या नहीं के बारे में विस्तार से उल्लेख मिलता है। रामचरितमानस के मुताबिक, दान का महत्व -

प्रगट चारि पद धर्म के कलि महुं एक प्रधान।

जेन केन बिधि दीन्हें दान करइ कल्यान।। 103 ख।।

अर्थ - धर्म के चार चरण (सत्य, दया,तप और दान) प्रमुख है। जिनमें से कलि यानि कलयुग में ए चरण (दान) ही प्रधान है, जो किसी भी रुप में दिए जाने पर सिर्फ कल्याण ही करता है।

ऐसे में अगर आप भी किसी गरीब या जरुरतमंद के जीवन के स्तर को ऊंचा करने में मदद करते हैं, तो ये आपके लिए सुखद एहसास होने के साथ आपके कर्मों को भी उन्नत करेगा। यही नहीं गरुड़पुराण में दान के माध्यम से अपने जीवन को भी सुखमय बनाया जा सकता है। दान के फल के रुप में भाग्य उन्नति होती है और अगले जन्म में भी दान का फल आपके जीवन को सुखमय और सरल बनाने में मदद करता है। इसलिए हमेशा दान सोच समझकर ही देना चाहिए।




दान में क्या दें /What To Donate

अगर आप भी दान देने की परंपरा का पालन करते हैं, तो ऐसे में आप दान देने से पहले दान में देने वाली चीजों के फल के बारे में जरुर जान लें। इसका उल्लेख मिलता है गरुणपुराण आचारकाण्ड अध्याय 51 अनुसार,

वारिदस्तृप्तिमाप्र्न्पोति सुखमक्षय्यमंत्रद:।

तिलप्रद: प्रजामिष्टां दीपदश्चक्षुरुत्तमम्।।22।।

भूमिद: सर्वमाप्र्न्पोति दीर्घमायुर्हिरण्यद :।

गृहदोsग्र्याणि वेश्मानि रुप्यदो रुपमुत्तमम्।। 23।।

अर्थ - जल दान से तृप्ति, अन्न दान से अक्षय सुख, तिल दान से संतान, दीप दान से उत्तम नेत्र, भूमि दान से अभिलषित पदार्थ, स्वर्ण दान से दीर्य आयु, गृह दन से उत्तम भवन और चांदी दान से सौंदर्य की प्राप्ति होती है।

इसलिए हमेशा अपनी आमदनी में से एक दसवां हिस्सा जरुर दान में देना चाहिए। इसके अलावा आप दान में कपड़े, शिक्षा, घर का कोई सामान, बिस्तर आदि भी दान कर सकते हैं।

दान में क्या न दें / What Not To Donate

शराब

नशीले पदार्थ

रुपये या पैसे दान से बचें

तंबाकू या अन्य पदार्थ

स्टील के बर्तन




दान देने के नियम / Rules Of Donations

1. दान हमेशा अपनी और परिवार की खुशी पर ही करें अन्यथा आपका किया हुआ दान जीवित रहने और मृत्यु के बाद दुखी करेगा।

2. दान हमेशा दान लेने वाले के पास जाकर देना सबसे सर्वोत्तम माना जाता है। जबकि घर बुलाकर दिया जाने वाला दान मध्यम फलदायी होता है। इसमें ब्राह्मणों को भोजन और दक्षिणा देना, गौ दान और रोगियों की मदद करने से रोकने वाला भी दुख का भागीदार बन जाता है।

3. तिल, चावल, कुश और जल को हमेशा हाथ में रखकर ही देना चाहिए।

4. अन्न, जल, वस्त्र, बिछौना, गाय,घोड़ा, आसन और छतरी का दान आपको मृत्यु के बाद के कष्टों से मुक्त करते हैं।

5. दान हमेशा पू्र्व और उत्तर दिशा की ओर मुख करके देना शुभ होता है।

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