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अगर सैलरी आने के साथ हो जाती है खत्म, तो गृहणी बचत के लिए अपनाएं ये टिप्स

अपने घर-परिवार की खुशी के लिए आप हर संभव प्रयास करती हैं। लेकिन जब कभी फाइनेंसियल प्रॉब्लम आती है तो आप ही सबसे ज्यादा परेशान होती हैं। लेकिन आप समझदारी से अपने घर का बजट तैयार करेंगी तो कभी भी फाइनेंसियल क्राइसिस का सामना नहीं करना पड़ेगा।

अगर सैलरी आने के साथ हो जाती है खत्म, तो बचत के लिए अपनाएं ये टिप्स
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How to Plan Budget to Avoid Financial Problems

हमारे घर-परिवारों में खर्च यानी बजट का मैनेजमेंट ज्यादातर महिलाओं की जिम्मेदारी होती है। वे भी इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाती हैं और खर्च-कमाई के हिसाब में भी बहुत सजग रहती हैं। वे जानती हैं कि घरेलू मोर्चे से लेकर नाते-रिश्तेदारों तक में, कितने ही खर्च मैनेज करने होते हैं। उनका दिमाग ऐसी कितनी ही अनकही गाइडलाइंस को अच्छे से समझता है कि किस चीज के लिए कितना खर्च किया जाना जरूरी है? लेकिन कई बार एक चूक की वजह से घर का बजट बिगड़ भी जाता है। ऐसे में कुछ जरूरी बातों का ख्याल रखा जाना जरूरी है।




फाइनेंसियल प्लानिंग

फाइनेंसियल प्लानिंग, हमेशा बेवजह के खर्च पर कंट्रोल और जरूरी चीजों पर खर्च करने का बैलेंस बनाए रखने में मदद करती है। इससे आप बचत करना भी सीखते हैं। आपको सबसे पहले बजट की प्लानिंग करते वक्त इनकम और एक्सपेंसेस का एक खाका बनाना है। इसका फायदा यह होगा कि आपको अपनी मन की इच्छाओं को पूरा करने, त्योहार या किसी खास मौके पर खर्च में कटौती नहीं करनी पड़ेगी।

इसके साथ ही फाइनेंसियल प्लानिंग करने से हम कर्ज जैसी समस्या का शिकार होने से बच जाते हैं। अकसर ऐसा होता है कि आमदनी और खर्चों का संतुलन नहीं रहने पर कर्ज लेने की जरूरत आ पड़ती है। लेकिन उधार लेते रहने की यह आदत किसी चक्रव्यूह से कम नहीं होती। ऐसे में इस जाल में फंसने से बचने के लिए सही बजटिंग और अपने खर्चों को काबू में रखना बेहद जरूरी है। इसलिए मनी मैनेजमेंट के जरिए, फाइनेंसियल प्लानिंग के साथ अपने खर्चे कंट्रोल किए जाने चाहिए।




किफायत का रखें ध्यान

किफायत की आदत बहुत काम की होती है। बचत कर जोड़ी गई धन राशि किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने में मदद करती है। लेकिन खर्च के साथ बड़ी बचत करना आसान भी नहीं होता है। ऐसे में बड़ी बचत नहीं बल्कि छोटी-छोटी सेविंग्स के बारे में सोचें। यह बचत कभी परिवार को खुले हाथ से खुशियां सेलिब्रेट करने का मौका देती है तो कभी संकट की स्थिति में मददगार साबित होती है।

यह वजह है कि बचत करने की आदत मन को इस भरोसे से भर देती है कि अचानक आई जरूरतों को सहजता से संभाला जा सकेगा। तभी तो सोच-समझकर खर्च करने, बचत करने की सीख हमारे बड़े अकसर हमें देते हैं।




प्रॉयोरिटी का ख्याल रखें

जिस तरह हर साल देश और प्रदेश की सरकार अपने बजट में सेहत, शिक्षा, सुरक्षा जैसी प्राथमिकताएं तय करती है, उसी तरह आप भी परिवार की बेहद जरूरी, जरूरी या कम जरूरी कामों की फेहरिस्त बनाए। घर का बजट बनाते हुए बरती गई सूझबूझ से हर सदस्य की खुशी और जरूरत का ख्याल आप आसानी से रख सकती हैं। इसलिए कभी भी बजट बनाते समय प्रॉयोरिटीज को अनदेखा न करें।




इनसे बचिए

-बगैर जरूरत के खरीददारी।

-ऑनलाइन शॉपिंग।

-क्रेडिट कार्ड्स के जरिए शॉपिंग।

-जरूरतों और इच्छाओं का फर्क न समझना।

-ईएमआई पर चीजें खरीदने की आदत।

-दूसरों की देखा-देखी खर्चा करना।

लेखिका - मोनिका शर्मा

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