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घर की छत पर गॉर्डन कैसे बनाएं ? जानें

How to Make Terrace Garden : बारिश के मौसम में बगिया हरी-भरी खुद-ब-खुद हो जाती है। लेकिन इस मौसम में जरा-सी लापरवाही से पौधे खराब भी हो सकते हैं। इसलिए मानसून में भी बगिया को पूरी देखभाल की जरूरत होती है।

घर की छत पर गॉर्डन कैसे बनाएं ? जानेंHow to Make Terrace Garden In Hindi

How to Make Terrace Garden : मानसून का मौसम बागवानी के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इन दिनों पौधे तेजी से बढ़ते हैं। यही वजह है कि गमलों में नए पौधे लगाने हों या किचन गार्डन बनाना हो, या फिर टेरेस गार्डन की शुरुआत करनी हो, बरसात का मौसम सबसे सही होता है। लेकिन इसके साथ ही बारिश के मौसम में गार्डनिंग में कुछ सावधानी भी बरतनी चाहिए।




रखें ध्यान

-गमलों में लगे पौधों में पानी के निकास की सही व्यवस्था होना जरूरी है। इनमें अगर पानी लंबे समय तक ठहरा रहता है तो पौधों की जड़ सड़ने लगती हैं। ऐसे में गमलों में भरे ज्यादा पानी को निकाल देना चाहिए।

-मानसून में लॉन में लगे पौधों की मिट्टी की ऊपरी परत में मौजूद खाद भी ज्यादा पानी के कारण बह जाती है, इससे पौधों को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। इसके लिए खास किस्म की शीट्स का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे पौधे के ऊपरी भाग में मौजूद मिट्टी की पौष्टिकता बनी रहती है।

-पौधों के साथ-साथ इन दिनों खरपतवार भी फलती-फूलती है। इन्हें ज्यादा बढ़ने न दें, निकाल कर बाहर करें। घास की जड़ों को नुकसान पहुंचाए बिना हाथ या पतली खुरपी की मदद से इन्हें निकालें।




-बरसात के मौसम में सदाबहार पौधों की छंटाई की जा सकती है। इससे पौधे सुंदर और व्यवस्थित रहते हैं। फूलों के पौधों की कटिंग से इन्हें नई शेप दे सकते हैं। तनों से काटकर जिनकी कलमें लगाई जा सकती हैं, उन्हें नए पौधे के रूप में रोपा जा सकता है। झाड़ियों वाले पौधों की भी कटाई-छंटाई इस मौसम में करनी चाहिए, इन्हें सर्कुलर, ओवल या स्क्वेयर जिस शेप में चाहें कटिंग कर सकते हैं।

-मानसून के दिनों में पौधों को कम से कम पानी देना चाहिए। पानी तभी दें अगर मिट्टी सूखी दिखे या उनकी पत्तियों गिरने लगें। पानी देना भी हो तो बहुत कम मात्रा में दें।

-मानसून में रसायनयुक्त खाद की बजाय प्राकृतिक खाद का इस्तेमाल करें। गाय के गोबर से बनी खाद में पर्याप्त पोषक तत्व होते हैं, इनका छिड़काव पौधों और मिट्टी में करें। इन दिनों पत्तियों के छिद्र खुल जाते हैं और अगर इन पर खाद का छिड़काव किया जाए तो इससे उन्हें खाद में मौजूद पौष्टिक तत्व जल्दी मिलते हैं।




लॉन की घास

इस मौसम में लॉन की घास तेजी से बढ़ती है। लंबी घास में अगर लंबे समय तक पानी जमा रहता है तो उसमें मच्छर पैदा होने का खतरा रहता है। मखमली घास के लिए लॉन में पानी जमा न होने दें। गीली घास पर घास काटने की मशीन न चलाएं, इससे घास की कटिंग सही तरह से नहीं हो पाती। लेकिन इन दिनों थोड़े-थोड़े अंतराल पर घास की कटाई करते रहना चाहिए।

लेखिका - किरण भास्कर

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