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हैप्पी मैरिड लाइफ टिप्स : बच्चों की परवरिश और मैरिड लाइफ में बनाना है संतुलन, तो अपनाएं ये टिप्स

Happy Married Life Tips : जब पति-पत्नी, माता-पिता बनते हैं तो उनका सारा ध्यान बच्चों पर केंद्रित हो जाता है। इस वजह से वो अपने रिश्ते पर फोकस नहीं कर पाते हैं। कुछ बातों पर ध्यान दिया जाए तो बच्चे की परवरिश के साथ दांपत्य जीवन में भी अपने प्यार को बनाए रख सकते हैं।

हैप्पी मैरिड लाइफ टिप्स : बच्चों की परवरिश और मैरिड लाइफ में बनाना है संतुलन, तो अपनाएं ये टिप्स
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Happy Married Life Tips : शादी के बाद शुरुआती दिनों में पति-पत्नी, एक-दूसरे के साथ काफी समय बिताते हैं। घर-परिवार और ऑफिस की जिम्मेदारियों के बीच भी वे एक-दूसरे के लिए समय निकल लेते हैं, अपने प्यार को गहरा करते हैं। लेकिन जब इनके जीवन में नई खुशी यानी बच्चे का आगमन होता है तो सब कुछ बदल जाता है।

पति-पत्नी का पूरा ध्यान बच्चे की देखभाल पर चला जाता है, इस वजह से उन्हें एक-दूसरे के साथबिताने के लिए वक्त नहीं मिलता, जिससे शुरुआती सालों वाला प्यार नहीं रह पाता। ऐसा नहीं है कि इस वजह से एक-दूसरे के लिए प्यार कम हो जाता है,बस इसे जताने का समय उन्हें नहीं मिलता है। लेकिन यह स्थिति भी रिश्ते के लिए ठीक नहीं है। बच्चे की परवरिश के साथ पति-पत्नी को अपने रिश्ते को भी पूरा समय देना चाहिए।

पहले की तरह साथ समय गुजारें

बच्चे के आगमन के बाद हर पति-पत्नी के जीवन में बदलाव हो जाता है। उन्हें एक-दूसरे के साथ वक्त गुजारने का मौका नहीं मिलता। खासकर अकेले रहने वाले पति-पत्नी बच्चे की परवरिश तो बहुत अच्छे से करते हैं लेकिन अपने रिश्ते को मैनेज करना भूल जाते हैं। जबकि पति-पत्नी को समझना चाहिए कि बच्चे के आगमन का मतलब यह नहीं कि वे पहले जैसा जीवन नहीं जी सकते हैं।

पहले जैसे बाहर नहीं जा सकते हैं, घर पर एक-दूसरे के साथ समय नहीं गुजार सकते। दोनों चाहें तो टाइम को मैनेज करके सब कुछ पहले जैसा ही रख सकते हैं। इसके लिए चाहें तो बच्चे के साथ मॉल घूमने जाएं, मूवी देखें और दोस्तों के साथ गेट-टूगेदर करें।

एक-दूसरे को सहयोग दें

जब पति-पत्नी, माता-पिता बन जाते हैं तो उनकी प्राथमिकता बच्चा ही होता है। उसकी जरूरतों का ख्याल रखना ही उन्हें जरूरी लगने लगता है। इस वजह से पति-पत्नी को एक-दूसरे के लिए समय नहीं मिल पाता है, वह एक-दूसरे के साथ अपने मन की बातें भी साझा नहीं कर पाते हैं। लेकिन बच्चे और घर से जुड़े कामों में पति-पत्नी बराबर का सहयोग दें तो एक-दूसरे के साथ बिताने के लिए समय निकाल सकते हैं।

बहस न करें

अकसर पति-पत्नी एक-दूसरे की छोटी-छोटी बातों को तो इग्नोर कर देते हैं। लेकिन बच्चे से जुड़ी कोई बात अनदेखी करने पर एक-दूसरे से बहस करने लगते हैं। इससे दोनों का मूड खराब हो जाता है। इस तरह की बातें रिश्ते के लिए ठीक नहीं है। लेकिन पति-पत्नी को बच्चे के कारण आपस में लड़ना-झगड़ना नहीं चाहिए, क्योंकि यह समस्या का हल नहीं है। इसके बजाय बच्चे की परवरिश में कोई गलती हो रही है तो एक-दूसरे को उस बारे में गाइड करना चाहिए।

प्यार जताते रहें

बच्चे के जन्म के बाद पति-पत्नी अपना सारा प्यार उस पर ही जताते हैं। जबकि पहले यही प्यार सिर्फ एक-दूसरे के लिए था। पति-पत्नी चाहें तो बच्चे के जन्म के बाद भी पहले जैसा प्यार अपने रिश्ते में बनाए रख सकते हैं। जरूरी नहीं है कि पति-पत्नी केवल शारीरिक संबंधों के द्वारा ही प्यार को महसूस करें। एक-दूसरे का प्यार भरा स्पर्श, प्यार से गले लगाना भी आपसी प्यार को बनाए रखता है।

साथ ही एक-दूसरे को अपनी अहमियत का अहसास दिलाएं। एक-दूसरे की पसंद-नापसंद का ध्यान रखें, एक-दूसरे से सलाह-मशविरा करते रहें। कहने का सार यह है कि पति-पत्नी दोनों इस बात को समझें कि बच्चे के बिना दोनों ही अधूरे हैं और बच्चे को भी उन दोनों की जरूरत है। ऐसे में बच्चे की परवरिश के साथ-साथ अपने दांपत्य जीवन को हमेशा प्यार से सराबोर रखें।

खुद पर भी ध्यान दें

बच्चे के जन्म के बाद अकसर महिलाएं खुद को इग्नोर करने लगती हैं। ऐसे में जरूरी है कि वे अपने खान-पान का, अपनी सेहत का भी ध्यान रखें। ऐसा करना जरूरी है। जब आप फिट रहेंगी तो बच्चे की परवरिश अच्छे से कर पाएंगी और अपने दांपत्य जीवन को भी पूरा समय दे पाएंगी।

- नम्रता नदीम

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