Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Happy Life Tips: असल जिंदगी में खुशियां कैसे लाएं जानें

Happy Life Tips: आभासी दुनिया दिखने में बहुत आकर्षक लगती है लेकिन लगातार इसमें खोए रहने के बावजूद यहां सच्ची खुशी नहीं मिलती है। इसकी वजह असल जिंदगी से और अपनों से दूर होना है। ऐसे में हमें वास्तविक खुशी पाने के लिए आभासी दुनिया से बाहर आना होगा।

Happy Life Tip s: असल जिंदगी में खुशियां कैसे लाएं जानें
X
Happy Life Tips For Real Life

Happy Life Tips: इन दिनों हमसे से कई लोग स्मार्ट गैजेट्स की स्क्रीन स्क्रॉल करते हुए असल जिंदगी से ही दूर हो गए हैं। वर्चुअल वर्ल्ड में ओवर कम्युनिकेशन की वजह से असल जीवन में अपनों से बातचीत का दायरा सिमट गया है। एक तरफ तो वर्चुअल वर्ल्ड में लोग किसी की सराहना कर रहे हैं तो किसी का संबल बन रहे हैं लेकिन असल दुनिया में अपनों को ही अकेला छोड़ रहे हैं। कुल मिलाकर कुछ इंच की स्क्रीन में ताकते हुए जिंदगी एक आभासी दुनिया में सिमट गई है। डॉ. मोनिका शर्मा के मुताबिक महिलाएं भी बड़ी संख्या में इस आभासी दुनिया से जुड़ी हुई हैं, इसका बुरा असर उनके जीवन पर भी हो रहा है। इस स्थिति से सभी को जल्द बाहर आना जरूरी है। ऐसा करके ही असल जिंदगी में अपनों के करीब रहा जा सकता है, उनसे भावनात्मक तौर पर जुड़ा जा सकता है और सच्ची खुशी महसूस की जा सकती है।




असल बातचीत के मायने

फोन की स्क्रीन में ताकते हुए, लोग बहुत कुछ खो रहे हैं। इस कड़ी में असल जिंदगी में अपनों से संवाद सबसे पहले कम होता है। ऐसे लोग अपनों से कुछ भी कहना-सुनना ही भूल रहे हैं। आभासी दुनिया में बहुत कुछ कहने की छूट तो लोग ले रहे हैं लेकिन असल दुनिया में अपने मन का हाल जताने-बताने का भाव ही नदारद है। इस साइलेंट मोड से बाहर आना जरूरी है। बातचीत की इंपॉर्टेंस को समझना जरूरी है। इसके लिए कुछ अपनी कहिए, कुछ अपनों की सुनिए। धीरे-धीरे आपको अहसास होगा कि असल जिंदगी की बातचीत, संवाद और वर्चुअल वर्ल्ड की बातचीत में क्या अंतर है। इस बात को समझते ही आप वर्चुअल वर्ल्ड से खुद को आसानी से बाहर ले आएंगी।




खुद को पसंद करें

एक तरफ तो लोग वर्चुअल दुनिया में दूसरों को सराह रहे हैं, वहीं असल जिंदगी में अपनों की तारीफ करना ही भूल गए हैं। इतना ही नहीं लोग खुद को ही नापसंद करने लगे हैं। एक अजीब तरह की असंतुष्टि ने वर्चुअल दुनिया से जुड़ने वाले लोगों को घेर लिया है। जीवन से जुड़े लगभग सभी पहलुओं पर खुद को कमतर समझने का जाल हर तरफ फैल गया है। इसके पीछे वर्चुअल दुनिया में अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और दूसरे जाने-अनजाने चेहरों के अपडेट्स भी असंतुष्टि की बड़ी वजह हैं। लेकिन इस आभासी दिखावे के बहकावे में आने से बचें। याद रखिए वर्चुअल दुनिया में सब कुछ वैसा नहीं, जो दिखता है या दिखाया जाता है। सबके अपने-अपने संघर्ष हैं, अपनी-अपनी समस्याएं हैं, जिनसे जूझना ही पड़ता है। जिंदगी सिर्फ हॉली-डे तक ही नहीं है, यह किसी के भी जीवन का सच नहीं हो सकता। जब आप इस बात का अहसास करेंगी तो खुद को कमतर नहीं समझेंगी।




असली खुशियों की कड़ियां तलाशें

आज कंप्यूटर, मोबाइल, टीवी सब स्मार्ट हो गए हैं। लेकिन इनका हद से ज्यादा इस्तेमाल करने वाले लोग जीवन के वास्तविक पहलुओं पर कमजोर पड़ गए हैं। घर-परिवार के सदस्यों में आ रही दूरियों और संवादहीनता के कारण असली खुशियां जीवन से दूर हो गई हैं। यह स्थिति बिल्कुल भी सही नहीं है। वर्चुअल लिंक्स पर अपनी हर समस्या का हल तलाशने के बजाय अपनों की सलाह, साथ को तरजीह दीजिए क्योंकि आपका मन गैजेट्स नहीं आपके अपने ही पढ़ सकते हैं। कभी भी आभासी दुनिया के शब्द अपनों के स्पर्श की बराबरी नहीं कर सकते। इसीलिए जिंदगी को खुशहाल बनाने के लिए असली खुशियों की कड़ियां जोड़ें। अपनों का हाथ थामें, जो आपके आस-पास ही मौजूद हैं। इससे आपके जीवन की समस्याएं दूर होंगी, आप सुकून से रह पाएंगी।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story