Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Happy Friendship 2020: दोस्ती के पॉजिटिव इफेक्ट, लाइफ बन जाएगी हैप्पी

कई बार परिवार वालों से बेहतर हमें हमारे दोस्त, सहेलियां ज्यादा अच्छे से जान-समझ पाती हैं। दोस्त की वजह से हमारी जिंदगी में कई तरह के पॉजिटिव चेंज भी आते हैं। कुछ स्टडीज भी इस बात की पुष्टि करती हैं। सच, दोस्ती के पॉजिटिव इफेक्ट लाइफ को हैप्पी बना देते हैं।

Happy Friendship 2020: दोस्ती के पॉजिटिव इफेक्ट, लाइफ बन जाएगी हैप्पी
X
हैप्पी फ्रेंडशिप डे 2020 (फाइल फोटो)

दोस्तों के बिना हमारी जिंदगी अधूरी है। आम से लेकर खास मौकों पर, परेशानी और तकलीफ में हमेशा सबसे पहले दोस्त ही याद आते हैं, काम आते हैं। दोस्त, सहेलियां हमारे जीवन को बेहतर बनाने में अहम रोल निभाते हैं, यह बात हम तो मानते ही हैं, वैज्ञानिक भी इस पर मोहर लगाते हैं। कुछ स्टडी से पता चला है कि जीवन में दोस्तों का होना बेहद जरूरी है। दोस्त शारीरिक, मानसिक सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं।

स्ट्रेस दूर करने में मददगार

दोस्तों के साथ वक्त बिताने और हंसी-मजाक करने से स्ट्रेस कम होता है, मूड अच्छा रहता है। यह बात भी कई शोध के नतीजों में सामने आ चुकी है। एक नए शोध में पता चला है कि महिलाओं में स्ट्रेस की स्थिति पुरुषों से अलग होती है। एक तरफ जहां पुरुष स्ट्रेस में फाइट की स्थिति में आ जाते हैं, वहीं महिलाओं को स्ट्रेस की सिचुएशन में किसी के साथ की जरूरत होती है, जिससे वे अपने मन की बात कहकर मन हल्का कर सकें। अगर महिलाएं ऐसा न कर सकें तो स्ट्रेस उनकी मेंटल, फिजिकल हेल्थ पर काफी ज्यादा असर डाल सकता है। जाहिर है कि महिलाओं के लिए उनकी सहेलियां, मन की बात साझा कहने का माध्यम होती हैं। इस तरह महिलाओं के स्ट्रेस को दूर करने में दोस्ती बहुत कारगर साबित होती है।

मेडिकल प्रॉब्लम में भी हेल्पफुल

जर्नल ऑफ क्लीनिकल ओंकोलॉजी में पब्लिश एक स्टडी के हिसाब से ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती स्टेज से गुजरने वाली उन महिलाओं की मृत्यु दर अधिक होती है, जिनके ज्यादा दोस्त, सहेलियां नहीं होतीं हैं। जबकि बड़े दोस्तों के समूह से जुड़ी महिलाओं में ठीक होने और बचने की संभावना काफी अधिक होती है। दरअसल, बीमारी के दौरान दोस्तों का साथ, उन्हें हौसला देता है, वह पॉजिटिव सोचती हैं। इससे किसी प्रॉब्लम से ठीक होने में फायदा होता है।

बनते हैं इमोशनल सपोर्ट सिस्टम

न्यूयॉर्क टाइम्स की वेबसाइट पर सेंटर फॉर डिस्कवरी की क्लिनिकल हेल्थ राइटर डॉ. क्रिस्टेन फुलर द्वारा लिखित एक लेख में कहा गया है कि महिलाएं एक-दूसरे की इमोशनल सपोर्ट सिस्टम होती हैं। सलाह देने के साथ-साथ, दुख सुनना, रोकर दिल हल्का करने के लिए कंधा देना और आत्मसम्मान बढ़ाना जैसे फायदे इनकी दोस्ती से मिलते हैं। एक महिला मित्र, अपनी सहेली की मन की बात को बहुत जल्दी समझ सकती है, क्योंकि उनके इनट्यूशंस बहुत स्ट्रॉन्ग होते हैं।

Also Read: अगर आप भी हैं रिलेशनशिप में तो Sonu Sood की लव स्टोरी से जरूर लें ये सीख

इस तरह भी मददगार है दोस्ती

अकेलेपन से बचाए : अकेलेपन को दोस्त आसानी से दूर करते हैं। महिलाओं के जीवन में कई बार अकेलेपन का दौर आता है, ऐसे में सहेलियां उनका सपोर्ट सिस्टम बनती हैं। बहुत-सी ऐसी बातें होती हैं, जिन्हें महिलाएं अपने पति से भी शेयर नहीं कर सकतीं, रिश्तेदारों के साथ भी औपचारिकता पूर्ण संबंध रखने होते हैं, इसलिए खुलकर सब कुछ शेयर नहीं किया जा सकता। ना हंसी-मजाक कर सकते हैं। लेकिन सहेलियों के साथ सब कुछ शेयर कर सकते हैं, हंसी-मजाक करके मन को खुश रख सकते हैं, इससे अकेलापन नहीं सताता।

करियर में आगे बढ़ाए : दोस्तों की मदद से करियर की ऊंचाइयों को हासिल किया जा सकता है। जब आप करियर में कुछ नया करती हैं और आपकी सहेली उसकी तारीफ करती है या आपको गाइड करती है तो आगे बढ़ने का हौसला मिलता है। जब दोस्त इस तरह आत्मविश्वास बढ़ाते हैं तो हम एक नई ऊर्जा से सराबोर हो जाते हैं और दोगुने जोश से काम करते हैं। ऐसा होने पर सफलता जल्दी मिलती है।

Next Story
Top