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एवरेज बच्चे भी रखते हैं कुछ कर दिखाने की क्षमता

ऐसा नहीं है कि एवरेज बच्चे जिंदगी में कुछ अलग या खास नहीं कर सकते। अगर पैरेंट्स का गाइडेंस, मोटिवेशन मिले तो वे भी अपने लिए अलग राह बना सकते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किस तरह बच्चों को गाइड किया जाए, उन्हें स्ट्रेस फ्री रखा जाए।

एवरेज बच्चे भी रखते हैं कुछ कर दिखाने की क्षमता बशर्ते
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एवरेज बच्चे भी रखते हैं कुछ कर दिखाने का दम (फाइल फोटो)

एक टेडटॉक में राइटर, एंटरटेनर अंकुश बहुगुणा ने लोगों के साथ यह बात साझा की कि वह एवरेज स्टूडेंट होने के बावजूद भी आज खुश हैं। उनको एवरेज समझा जाए या मिडियॉकर उसे इस बात से कोई परेशानी नहीं है। दरअसल, उन्होंने इस बात को स्वीकार कर लिया है कि हर कोई, हर चीज में अच्छा नहीं हो सकता। इसलिए यह ज्यादा अहम है कि खुश रहा जाए। इसके अलावा आप और क्या कर सकते हैं, इस बात पर फोकस किया जाए?

अंकुश बहुगुणा की इस बात को टीनएज बच्चों के पैरेंट्स को भी समझने की जरूरत है। अगर उनका बच्चा एवरेज है तो उसे सपोर्ट करने की जरूरत है, जिससे वह तनाव भरी जिंदगी न बिताए।

उम्मीदों का बोझ न डालें

ज्यादातर पैरेंट्स यही सोचते हैं कि उनका बच्चा हर जगह अव्वल आए। इसके लिए माता-पिता लगातार उन्हें याद दिलाते हैं कि वे ज्यादा पढ़ाई करें। खेलों में हिस्सेदारी करें। टीनएज बच्चे के लिए वह महंगी से महंगी हॉबी क्लास का भी इंतजाम करते हैं, जिससे वे अपने समकक्ष बच्चों से आगे निकल सके। माना अपने बच्चों को पढ़ने के लिए मोटिवेट करना अच्छा है, लेकिन कई पैरेंट्स इस बात को समझते नहीं कि उम्मीदों का ज्यादा बोझ या इसकी अति के बुरे नतीजे भी हो सकते हैं। इससे बच्चे को स्ट्रेस हो सकता है, उसका मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। इसलिए पैरेंट्स के लिए यह जरूरी है कि वे अपने बच्चों के लिए बेहतर स्थितियां बनाएं, जिससे वह जीवन में अच्छी तरह सरवाइव कर सकें।

तुलना से बचाएं

पैरेंट्स को इस बात को भी समझना चाहिए कि तकनीकी और सोशल मीडिया का टीनएजर्स की जिंदगी में दखल बहुत ज्यादा बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर वे अपने साथ पढ़ने वाले दूसरे बच्चों के साथ अपनी तुलना करते हैं। जिससे उन्हें अहसास होता है कि वे कितने योग्य या अयोग्य हैं। यह बात उनके मन में न आने दें। खुद को अगर वह अयोग्य समझने लगेंगे तो अपनी छिपी हुई क्षमता को पहचान नहीं पाएंगे। ऐसे में पैरेंट्स को चाहिए कि बच्चों को सोशल मीडिया की तुलना से बचाएं, उन्हें इससे दूर रखें। समय-समय पर मोटिवेट करें।

इस तरह आप अपने बच्चों को मजबूत बना सकते हैं, उनको ग्रूमअप कर सकते हैं। ऐसा होने पर वे जीवन में कुछ अलग करने की तरफ कदम भी बढ़ाएंगे।

इन बातों पर भी दें ध्यान

- पैरेंट्स को बच्चे की समस्याओं और गल्तियों को सामान्य समझना चाहिए। टीनएजर को यह पता होना चाहिए कि उन्हें गल्तियां करने की छूट है, लेकिन इसके जरिए वे आगे बढ़ें। गल्तियों से सीख लेते हुए, कुछ बेहतर करें, बड़ी गल्तियां न करें।

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- पैरेंट्स बच्चे को सपोर्ट करें लेकिन हर बार गिरने पर उठाने की कोशिश न करें। उन्हें स्वयं उठने दें। उन्हें अपनी जिंदगी की मुश्किलों से खुद सीखने दें। आपके प्यार की यह सख्ती टीनएज बच्चे के लिए अच्छी साबित होगी।

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