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Health Tips: चेहरे पर आती रेडनेस हो सकती है रोजेशिया की निशानी, एक्सपर्ट्स से जानिए क्या है लक्षण और बचाव

बढ़ती उम्र में बार-बार चेहरे पर रेडनेस (Red Face) होना, नाक या आस-पास की त्वचा मोटी होना, मुंहासे या रैशेज होना रोजेशिया (Rosacea) के संकेत हो सकते हैं। रोजेशिया त्वचा की एक बहुत ही आम सी बीमारी है।

Health Tips: चेहरे पर आती रेडनेस हो सकती है रोजेशिया की निशानी, एक्सपर्ट्स से जानिए क्या है लक्षण और बचाव
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बढ़ती उम्र में बार-बार चेहरे पर रेडनेस (Red Face) होना, नाक या आस-पास की त्वचा मोटी होना, मुंहासे (Acne) या रैशेज (Rashes) होना रोजेशिया (Rosacea) के संकेत हो सकते हैं। रोजेशिया त्वचा की एक बहुत ही आम सी बीमारी है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना बिल्कुल ठीक नहीं है। यह बिमारी धूप में जाने से, तनाव ज्यादा होने से, एल्कोहल और कैफीन युक्त चीजों के सेवन आदि से फैलती है, इसका समय पर इलाज करवाना बेहद जरूरी है। तो जानिए रोजेशिया को लेकर डॉ. रिंकी कपूर की क्या राय है।

जानिए क्या है रोजेशिया स्किन डिजीज के लक्षण

कई बार चेहरे के विभिन्न भागों पर लालिमा, रैशेज और सूजन आ जाती है। ऐसा रोजेशिया नामक स्किन डिजीज (Skin Disease) की वजह से हो सकता है, जो मुख्य रूप से फेस स्किन पर असर करती है। वैसे तो यह समस्या उम्रदराज पुरुषों को भी होती है लेकिन महिलाओं में रजोनिवृत्ति के समय और उसके बाद ज्यादा देखने को मिलती है। रोजेशिया का समय पर इलाज न करवाया जाए तो यह समस्या बढ़ भी सकती है। कुछ लोगों में यह अपने आप ठीक हो जाती है, जबकि कुछ लोगों में यह हमेशा बनी रहती है। सही इलाज से इसके लक्षणों को कम किया जा सकता है।

रोजेशिया के प्रकार

रोजेशिया का पहला प्रकार पॉपुलोपोस्टलर होता है। इसमें चेहरा लाल दिखना, चेहरे पर मुंहासे होना, टूटी हुई रक्त वाहिकाएं, तैलीय और संवेदनशील त्वचा दिखती है। यह अकसर मध्यम आयु वर्ग की महिलाओं को होती है। इसका दूसरा प्रकार राइनोफायमा के नाम से जाना जाता है। यह एक दुर्लभ प्रकार का रोजेशिया है। इसमें नाक की त्वचा मोटी और लाल हो जाती है। साथ ही त्वचा पर दाग दिखाई देते हैं। माथे, गाल, कान और पलकों की त्वचा भी मोटी हो जाती है। इसका चौथा प्रकार ओक्यूलर रोजेशिया के नाम से जाना जाता है। इसमें आंखों के आस-पास त्वचा लाल हो जाती है। आंखों में सूजन और खुजली होती है। आंखें सूखी हो जाती है।

रोजेशिया के कारण

रोजेशिया एक त्वचा विकार है, जो हमारे जन्मजात प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण होता है। इस बीमारी का सही कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि इस संबंध में कई स्टडीज की गई हैं। इसमें बताया गया है कि आनुवांशिक, आंतों के संक्रमण, त्वचा संक्रमण, रजोनिवृत्ति, सूरज की रोशनी, तनाव, अतिरिक्त व्यायाम और मसालेदार भोजन का अधिक सेवन रोजेशिया के कारण हो सकते हैं।

रोग के लक्षण

  • त्वचा का लाल होना।
  • चेहरे पर मुंहासे होना।
  • त्वचा का हमेशा गर्म महसूस होना।
  • आंखो में सूजन दिखना।

बचाव के उपाय

रोजेशिया से बचाव करने के लिए आप ज्यादा धूप में रहने से बचें। त्वचा की सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन (Sunscreen) का इस्तेमाल करें। शारीरिक और मानसिक तनाव को कम करने के लिए योग का अभ्यास करें। त्वचा और बालों की देखभाल करने वाले प्रोडक्ट्स को चुनते समय सावधानी बरतें। मसालेदार भोजन का सेवन बिल्कुल न करें या बहुत सीमित करें।

उपचार के तरीके

वैसे तो रोजेशिया का कोई सटीक ट्रीटमेंट नहीं है, लेकिन कुछ उपचार की मदद से इसके लक्षणों को कम किया जा सकता है। इसका इलाज समय रहते ही करवाना चाहिए यानी इसमें देरी नहीं करनी चाहिए। एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) लेने से इसके कई लक्षणों से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके अलावा चेहरे पर मुंहासों के इलाज के लिए डॉक्टर से पूछकर दवा यूज कर सकते हैं। लेजर थेरेपी से भी इसका इलाज संभव है।

प्रस्तुति : ममता

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